सीरीज रुकने का नाम नहीं ले रही है,ऐसा नहीं कि पुलिस एक्शन नहीं ले रही है। लेकिन इनके हौसले बुलंद लग रहे है। लगता है पुलिस का डर नहीं है इनको इन्हें शायद पता है कि छूट जाएंगे। यही हरकत अन्य राज्य में होती तो सरकार के साथ जनता भी लतिया देती,खैर..
हाइकोर्ट का ओडर तो मलिन बस्तियो को तोड़ने के लिए भी था परन्तु मालिन बस्तियो के लिए सरकार अध्यादेश ला सकती है तो मूल निवासियों के लिए क्यो नही?
लोकल व्यापारियो के साथ सरकार को संवेदनाएं क्यो नही?
क्या कारण है कि बंगाली रोहिंग्या सरकार के लिए अपने हो गाए ओर गढ़वाली कुमाऊनी पराये?
हे राम जी,हे इंद्र देव ! आसमान से पानी का ये बे-मौसम बरसना बंद कराइए🙏
अन्नदाता का पसीना पकी या कटी फसल बनकर खेत में खड़ा है। उन किसानों का तो इन दिनों वैसे भी कोई नहीं है, आप तो कृपा करो इंद्र देव🙏
शहरी लोग इसे बेशक “Awesome Mausam” कहते रहें पर हमारे गाँव पर यह बरसात क़हर है😢
न्यू UK जोशीमठ बचाओ.
ये मेरा घर हैं.. ये दरारें कुछ कहती हैं..प्रशासन खानापूर्ति करने के अलावा कुछ नहीं कर रहा लगातार घरों खेतों में दरारें लोगों को भयभीत कर रही हैं.. धामी सरकार कम्पनी की कठपुतली बने हैं.. सुरंग में रेल हिमालय के लिए खतरा हैं.@atulsati1#Uttrakhand#Joshimath