उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में गोकशी। 3 आरोपी सागर शुक्ला, मां रचना शुक्ला, बहन अनिता शुक्ला गिरफ्तार। 2 आरोपी रज्जन शुक्ला और अंकित शुक्ला फरार हैं। यह दोनों भी सागर के भाई हैं। 3 सितंबर को खूंटे से बंधी नागेश त्रिपाठी की गाय लापता हो गई थी। उसके अवशेष एक कुएं के पास मिले थे। पुलिस ने इनसे गाय की खाल और काटने के औजार बरामद किए हैं।
#WATCH | Jakarta, Indonesia: Prime Minister Narendra Modi witnessed a cultural performance as he participates in a community event.
(Source: ANI/DD News)
PTI के मुँह पर मास्क किसने लगा दिया। पत्रकारिता लोगों की आवाज़ बंद करती थी आज भाजपा राज में उनकी ही आवाज़ बंद की जा रही है।
ये ‘लोकतांत्रिक कलयुग’ है।
ये ‘मीडिया का चारणकाल’ है।
#Media_Muzzling
दलितों का एंकाउंटर हो तो “नक्सली था मारा गया”,
मुसलमान का एंकाउंटर हो तो “आतंकवादी था मारा गया”,
ऐसा कहने वाले लोग ही भरत तिवारी के एंकाउंटर पर सवाल उठा रहें हैं…
पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहाँ से आया?
किन लोगों के शह पर इस आपराधिक वारदात पर राजनीति हो रही है?
देश संविधान से चलेगा या फिर अवैध पिस्टल की नोक से?
भरत तिवारी को कोई क्रांतिकारी नहीं था जिनका जातिवादी मानसिकता के लोग समर्थन कर रहें हैं,पुर्व में भी अपराधिक मामले को लेकर इनकी गिरफ़्तारी हो चुकी थी।
वैसे चित्रा त्रिपाठी जी जैसे कुछ लोगों के लिए ये लाईन सटीक है…
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है…
बात 2019 की है,
ट्रक से बालू, मोरंग का ढुलाई का क़ाम करने वाले
झांसी के पुष्पेंद्र यादव की हत्या मोठ थाना प्रभारी
धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कर दी,
और इसे नाम दिया एनकाउंटर का,
जबकि पुष्पेंद्र यादव के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं था,
बड़ी बात ये है कि,
जब पुष्पेंद्र यादव का एनकाउंटर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किया, तब वो छुट्टी पर था,
और कथित एनकाउंटर में उसने अपनी प्राइवेट कार का प्रयोग किया,
इस फर्जी एनकाउंटर से कोहराम मच गया,
लेकिन धर्मेंद्र सिंह चौहान को बचाने में UP की पूरी कायनात जुट गई,
हालांकि हाईकोर्ट के आदेश पर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर फर्जी एनकाउंटर का मुकदमा दर्ज हुआ,
लेकिन धर्मेंद्र सिंह चौहान को बचाने के लिए उसके विभाग के लोग जुट गए,
पति पुष्पेंद्र यादव को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रही उसकी पत्नी शिवांगी यादव सिस्टम से हार गई
और शिवांगी ने 2022 में आत्महत्या कर ली,
पुष्पेंद्र की हत्या से पहले सिर्फ तीन महीने पहले शिवांगी ब्याह के आई थी,
आज भरत तिवारी के लिए टेंसू बहाने वाले सब जातिवादी तब निर्दोष पुष्पेंद्र यादव को आतंकवादी कह रहे थे,
तब UP पुलिस और पत्रकारों के ऑफिशियल व्हाट्सप्प ग्रुप में मैंने लिख दिया था कि
पुष्पेंद्र यादव ऐसा अपराधी था, जिसके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं था,
इस ग्रुप में तब UP के DGP समेत सब बड़े अधिकारी और बड़े पत्रकार हुआ करते थे,
इस बात के लिए तत्कालीन प्रमुख सचिव सूचना विभाग ने मेरी शिकायत News Nation चैनल के मालिकों और संपादकों से कर दी थी,जिसके बाद मुझे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई थी,
तब मैं तनखैया था,
मैंने कहा अब दोबारा ध्यान रखूँगा,
सच नहीं बोलने की कोशिश करूंगा,
लेकिन वायदे पर खरा नहीं उतर पाया,
2018 में ट्रेनी सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन शर्मा ने
नॉएडा के जिम ट्रेनर जीतेन्द्र यादव का फर्जी एनकाउंटर कर दिया,
जीतेन्द्र यादव अपने साथियों के साथ रात में घर लौट रहे थे,
विजय दर्शन शर्मा अपने तीन पुलिस कर्मियों के साथ नशे में था,
एनकाउंटर के बाद जीतेन्द्र यादव आज तक पैरालाइज हैं,
बिस्तर पर हैं, परिवार के लिए कमाने वाला
आज परिवार पर बोझ है,
इस फर्जी एनकाउंटर पर सब इंसपेक्टर विजय दर्शन शर्मा को जेल हुई,
बाद में बेल पर छूट गया,
जिम ट्रेनर जीतेन्द्र यादव के एनकाउंटर पर उन सभी जातिवादियों ने लुंगी डांस किया था,
जो आज भरत तिवारी के एनकाउंटर पर RR कर रहे हैं,
उत्तर प्रदेश –
अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर बिहार की महिला ने रेप करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।
महिला के मुताबिक, बिहार में कथा के दौरान कथावाचक से मुलाकात हुई। मोबाइल नंबर का आदान–प्रदान हुआ। बातचीत शुरू होने लगी। धीरे–धीरे नजदीकियां बढ़ गईं।
महिला का कहना है कि जुलाई–2025 में कथावाचक उसे राम मंदिर दर्शन के बहाने अयोध्या बुलवाया। एक घर में रेप किया। मंदिर में फर्जी शादी की। कुछ दिन साथ रखा, फिर वापस भेज दिया।
स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है।
लगता है ये इनके लिए हर हफ़्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं।
चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।
ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आँकडों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है।
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है।
संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमज़ोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है।
CM यानी करप्ट माउथ
• ANI पर गाली।
• सदन में नेता प्रतिपक्ष जैसे वयोवृद्ध को अभद्र शब्दों से संबोधित किया।
• गुरुजनों से अभद्र वाचिक व्यवहार
• मंच से गाली।
• और अब भाषण का यह निम्न स्तर।
आख़िर क्यों?
विज्ञान कहता है की किशोरावस्था में किया गया “वनस्पति” का अत्यधिक सेवन व्यक्ति के बोलने और समझने की छमता को प्रभावित करता है। वही मनोविज्ञान कहता है कि बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति की भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व पर गहरी छाप छोड़ते हैं। वही संस्कार आगे चलकर सार्वजनिक जीवन में भी झलकते हैं।
CM के “करप्ट माउथ” होने की वजह शायद यही है।
जिन्हें CM का इतिहास नहीं पता, उनके लिए यह दबाई गई जानकारी है:
• मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1994 के आसपास अजय सिंह बिष्ट अपने पारिवारिक परिवहन व्यवसाय में सहयोग कर रहे थे।
• उस समय उनके पास तीन बसें और एक ट्रक था।
• संभवतः उन्होंने यह भाषिक अभद्रता उसी दौर में, डग्गामार वाहन चलवाते समय सीखी।
• अजय सिंह बिष्ट के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट और गोरखनाथ मठ के पूर्व महंत श्री अवैद्यनाथ जी यानी श्री कृपाल सिंह बिष्ट जी, रिश्ते में भाई बताए जाते हैं।
• कहा जाता है कि बाद में उनके चाचा ने ही उन्हें मठ में बुलाया।
• महंत श्री अवैद्यनाथ जी ने अपने भतीजे अजय सिंह बिष्ट को कुछ ही वर्षों में मठ का उत्तराधिकारी बना दिया।
सवाल उठता है: उत्तराधिकारी के रूप में उन्हीं को क्यों चुना गया? क्या यह केवल योग्यता का निर्णय था या रिश्तेदारी का भी प्रभाव था? पहले मठ की गद्दी मिली, फिर कुछ ही वर्षों में लोकसभा की सीट भी।
स्पष्ट किया जाए कि मठ में महंत चुनने के लिए क्या कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी? डग्गामार वाहन चलवाने वाला व्यक्ति क्या 4 वर्षों में ही इतना योग्य हो गया? यदि नहीं, तो क्या इसे ‘पक्षपाती परिवारवाद’ नहीं कहा जाना चाहिए?
और अंत में- पद और परिधान रिश्तों और समय की मदद से मिल सकते हैं, पर भाषा और व्यवहार नहीं।
#असफल_मुख्यमंत्री
#CM_CorruptMouth
उन्नाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे एक भाजपा कार्यकर्ता ने दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही 26 साल की युवती का पहले रेप किया गया और बाद में युवती द्वारा थाने में FIR कराने पर स्कॉर्पियो के अंदर गला दबाकर युवती की हत्या कर दी। आरोपी के भतीजे और सिक्योरिटी गार्ड ने कानपुर से 380 किमी दूर बुलंदशहर में शव को निर्वस्त्र कर फेंक दिया। लड़की की पहचान न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
भाजपा वाले अब महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन कर उभर रहे हैं। मामले की तुरंत सीबीआई जांच हो और पीड़ित के परिवार को अविलंब न्याय मिले। साथ ही अभियुक्त को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाये।
देखते हैं ‘असफल मुख्यमंत्री’ जी इस जघन्यतम अपराध के लिए गुनाहगार अपने भाजपाई साथी के साथ क्या कार्रवाई करते हैं।
The talks with Prime Minister Meloni were excellent. Her commitment to furthering the India-Italy friendship is commendable. Bilateral ties between our nations have advanced significantly in sectors like trade, space, technology and more. In order to further deepen linkages, we have elevated our ties to a Special Strategic Partnership.
@GiorgiaMeloni
Upon landing in Rome, had the opportunity to meet Prime Minister Meloni over dinner followed by a visit to the iconic Colosseum. We exchanged perspectives on a wide range of subjects. Looking forward to our talks today, where we will continue the conversation on how to boost the India-Italy friendship.
@GiorgiaMeloni
"यहां महिलाओं का शोषण होता है"
यूपी के आजमगढ़ में BJP 'महिला सम्मान सम्मेलन' करवा रही थी. इस सम्मेलन में यूपी BJP अध्यक्ष पहुंचे थे.
तभी एक महिला नेता ने कहा कि यहां महिलाओं का शोषण होता है. ये बात सुनकर BJP के नेता सकते में आ गए.
किसी तरह महिला को चुप कराया गया, बात दबाई गई.
"Yahan mahilaon ka shoshan hoota hai"
At BJP women's event in UP's Azamgarh district with state president Bhupendra Choudhary in attendance, a party worker could be heard alleging that women are harassed in the party. Interestingly, there was no woman on stage.
नोट- आख़िरी के कुछ सेकंड बेहद दर्दनाक हैं
रोने नहीं आता, इसलिए रोऊँगा नहीं। बाप की जमीन बेचकर फर्जी मुकदमे से बचने के लिए दो लाख रुपये नहीं दूँगा। यह कहकर बलिया में अंकुर सिंह ने आत्महत्या कर ली। वह फर्जी SC/ST एक्ट केस की धमकी से इतना तंग आ गया था कि उसे आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
सुसाइड से पहले अंकुर ने जो वीडियो बनाया, उसमें उसने आरोप लगाया कि उसे फर्जी एससी, एसटी केस में फँसाने जी धमकी दी जा रही है। सुलह के लिए दो लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
Sc, St एक्ट लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने और वसूली का टूल बन गया है,
लखनऊ के वकील परमानंद गुप्ता ने दलित महिला पूजा रावत को अपना पार्टनर बनाया,
और दोनों ने कम से कम तीस लोगों पर Sc, St एक्ट लगवाया और वसूली की,
अब पोल खुल गई,
लखनऊ की कोर्ट ने वकील पर उम्रकैद और एक लाख का जुर्माना लगाया,
Sc, St एक्ट ख़त्म होना चाहिए,
जिस Law से सबको इंसाफ मिलता है, सिर्फ वही रहना चाहिए,
भारत की सिर्फ 0.1% आबादी के पास आज कुल राष्ट्रीय संपत्ति का 29% हिस्सा है।
(1961 में यह केवल 3.2% था।)
1. शीर्ष 1% भारतीय अब 39.5% संपत्ति के मालिक हैं। (यानी हर 100 में से 1 व्यक्ति, पूरे देश की 40% संपत्ति पर काबिज़ है।)
2. शीर्ष 10% लोग मिलकर देश की 64.5% संपत्ति पर नियंत्रण रखते हैं।
3. दूसरी ओर, देश की निचली 50% आबादी (लगभग 72 करोड़ लोग) के पास सिर्फ 6.5% संपत्ति बची है।
(पहले ये हिस्सेदारी 11.4% थी — यानी अब और भी गिर चुकी है।)
आपके पास अगर सिर्फ ₹22 लाख की संपत्ति है, तो आप भारत के टॉप 10% सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं। और अगर आपकी सालाना कमाई ₹2.9 लाख या उससे ज़्यादा है, तो आप टॉप 10% कमाई करने वालों में हैं।