भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है।
इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया - जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।
मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। पर उन्होंने चुप्पी चुनी है - जवाबदेही से मुँह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा।
अब बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का।
17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को और बुलंद करें।
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#ChhatronKiGoonj
The news of the landslide in Wayanad is deeply distressing. My heartfelt condolences to the families who have lost their loved ones. My thoughts and prayers are with everyone affected.
Relief and rescue operations are underway, and every possible effort is being made to reach those still trapped. I appeal to all Congress and UDF workers to extend any assistance in this time of need.
Wayanad has shown remarkable resilience in the face of adversity before, and together, we will stand by every affected family through this tragedy.
अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी करोड़ों देशवासियों की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है।
देशवासियों का मानना है कि इस्तीफों और सीमित कार्रवाई के जरिए पूरे मामले की लीपापोती कर असली गुनाहगारों और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
हमारी मांग की है कि
1. ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को तत्काल भंग किया जाए और शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संतों व धार्मिक प्रतिनिधियों को शामिल कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए।
2. उत्तर प्रदेश सरकार की SIT पर जनता भरोसा नहीं करती है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र रूप से होनी चाहिए।
3. राम मंदिर के लिए मिले नकद और वस्तु रूप में चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें।
इस ज्वलंत मुद्दे पर आज राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी ने कांग्रेस मुख्यालय में महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता करके कांग्रेस का पक्ष रखा।
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@news24tvchannel@NitinNabin और तुम वही लोग हो जो धर्म के नाम पऱ धंधा करते हो लोगों की आस्था का सौदा करते हो लोगों की भावनाओं को भड़काकर दंगे करबाते हो दंगे में गरीब मजदूर की मौत पऱ सत्ता की रोटियां सेकते हो
@BJP4India अब लोग पूछ रहे है भाजपा कबतक धर्म के नाम पर लोगों की आस्था का व्यापार करती रहेगी अब लोग भाजपाई षडयंत्र का शिकार नहीं होने बाले है यूपी चुनाव से भाजपा की विदाई शुरू हो जायेगी पूरे देश से सफाया होगा अबकी बार
मुझे एक सामान्य बेटे की तरह अपने पूज्य पिताजी को करीब से जानने का सौभाग्य नहीं मिला।
उन्हें मैंने लोगों की स्मृतियों, अनुभवों और उनके कार्यों के माध्यम से जाना है।
आज उन्हें स्मरण करते हुए यह अनुभव होता है कि कुछ व्यक्तित्व अपने जीवनकाल से कहीं अधिक लंबे समय तक अपने कर्मों, मूल्यों और प्रेरणा के रूप में जीवित रहते हैं।
पूज्य पिताजी को विनम्र श्रद्धांजलि।
“The Congress Party’s role as many of you have stated, is to unite all of you together with love and affection.”
My speech to the INDIA Alliance leadership on 8th June.
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सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
आज NEET पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मिला।
उनका दर्द शब्दों में नहीं समा सकता। एक माँ-बाप ने अपना बेटा खोया है और उनका कोई कसूर नहीं था।
देश के लाखों बच्चे पढ़ाई, प्रतियोगिता और भविष्य के दबाव में जी रहे हैं। और जब पेपर लीक होता है, तो सिर्फ़ एक परीक्षा नहीं टूटती - एक बच्चे का सपना, और एक पूरा परिवार टूट जाता है।
प्रदीप की मौत आत्महत्या नहीं - एक टूटी हुई, भ्रष्ट व्यवस्था की देन है।
जिन्होंने परीक्षा प्रणाली को माफ़ियाओं के हवाले कर दिया, और आज भी अपनी कुर्सी से चिपके हैं - मोदी-प्रधान की जोड़ी इस परिवार के सामने जवाबदेह है।
वे ऐसे प्रधानमंत्री थे जो फटे मोजे सिलवाकर फिर से पहनते थे और पैसे बचाते थे
फर्जी फकीरी के दौर में लोग उस फकीर को भूल गए जो सच में फकीर था। कैसी थी वह फकीरी? उनके सुरक्षा अधिकारी देखा कि उनका सहायक उनके फटे मोजे सिल रहा है। नया मोजा लाने के लिए कहना भी नहीं होता। वे अपने सहयोगियों को फिजूलखर्ची से मना करते थे।
नेहरू के सुरक्षा अधिकारी रहे केएम रुस्तमजी नेहरू के साथ डिब्रूगढ़ की यात्रा पर थे। इस दौरान रूस्तमजी उनका सिगरेट केस लेने कमरे में गए तो देखा कि उनके सहायक हरि उनके फटे मोजे सिल रहे हैं।
तीन मूर्ति भवन स्थित प्रधानमंत्री आवास में 16 कमरे थे। खुद प्रधानमंत्री के कमरे में एसी नहीं था। सिर्फ एक सीलिंग फैन और एक टेबल फैन। तीन मूर्ति भवन की मुख्य बैठक में मेहमानों के लिए जरूर एसी लगवा रखा था ताकि मेहमानों को दिक्कत न हो।
एक दिन इंदिरा गांधी ने अपने सचिव से कहकर उनके कमरे का पंखा बदलवा दिया। दूसरे दिन प्रधानमंत्री का अर्दली दौड़ता हुआ सचिव के पास आया और बोला कि नेहरू जी ने नया पंखा देखकर कोहराम मचा दिया है। फिजूलखर्ची की क्या जरूरत थी? जिद्दी थे एक नंबर के, तो आखिरकार नया पंखा हटवाया और वही पुराना पंखा फिर से लगवाया।
भाखड़ा परियोजना का उद्घाटन था। व्यवस्थापकों ने नेहरू को उद्घाटन करने के लिए चांदी का फावड़ा दिया। चांदी का फावड़ा देखते ही नेहरू झुंझला गए। उन्होंने पास में पड़ा लोहे का फावड़ा उठाया और उसे जमीन पर चलाते हुए कहा, ‘भारत का किसान क्या चांदी के फावड़े से काम करता है?’
जब प्रधानमंत्री बनने का नंबर आया तो अपनी करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति देश के नाम दान कर दी। आज प्रधानमंत्री के नाम से फंड बनाकर दबा जाने वाले युग में ऐसे लोगों को फकीर कहा जाता है जो दस लाख का सूट पहनते हैं और 30 हजार रुपये किलो वाला मशरूम खाते हैं।
कानून बनाकर वसूली करने वाले युग में उनके सचिव एमओ मथाई का लिखा किस्सा सबको जानना चाहिए कि नेहरू की जेब में हमेशा 200 रुपए होते थे। वे रोज ये पैसा पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और उनसे मिलने वाले जरूरतमंद लोगों में बांट देते थे। उनकी इस आदत से मथाई परेशान हो गए और उनकी जेब में पैसे रखना बंद कर दिया। लेकिन नेहरू कहां मानने वाले। वे अपने सुरक्षा अधिकारियों से पैसे उधार मांगकर लोगों को बांटते थे और उन्हें बाद में लौटा देते थे।
मथाई ने सभी सुरक्षा अधिकारियों को हिदायत दी कि वे नेहरू को एक बार में दस रुपए से ज्यादा उधार न दें। जब यह सिलसिला नहीं रुका तो मथाई ने एक रास्ता निकाला। प्रधानमंत्री सहायता कोष से कुछ पैसे निकलवा कर उनके जेब में रखवाने लगे ताकि उनकी पूरी तनख्वाह सबको बांटने में ही खर्च न हो जाए।
आज कोई नेता नेहरू को कोसता है तो वह उस कपूत जैसा है जो पेट काटकर अपने बच्चों को पालने वाले पिता को कोसते हुए अपना पूरा जीवन खर्च कर देता है।
एक गुजराती ने RBI के खजाने में ही चपत लगा दी.
गुजराती ने पहले RBI के खजाने से करोड़ों रुपए चुराए, फिर अपनी मौज मस्ती पर इसे उड़ाया.
गुजराती का नाम हर्षिद कडियार है, जो बैंक में ही काम करता था.
सरकारी चकमार्ग के साथ मेरे खेत पऱ कब्जा कर लिया गया है मैं अधिकारीयों के पास जा जा कर थक गया कोई कार्यवाही नहीं हो रही क्या अधिकारी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त है कि सरकारी जमीन के साथ दूसरे की जमीन पऱ भी कब्जा करा देंगे या भू माफियाओ से भयभीत है ये अधिकारी कैसे किसी गरीब कमजोर
मुख्यमंत्री जी क्या आप बता सकते हो आपके ये अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुये है या अपराधियों के आगे नतमस्तक है आखिर किस बजह से कार्यवाही नहीं कर रहे क्यों नहीं सरकारी जमीन चकमार्ग को कब्जा मुक्त करा पा रहे है कैसे गरीबों को न्याय मिलेगा जब अधिकारी टालते रहेंगे
महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला।
पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।
मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे - और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया।
और, ये बढ़त होती ही जाएगी।
महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।
मुख्यमंत्री जी क्या आप बता सकते हो आपके ये अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुये है या अपराधियों के आगे नतमस्तक है आखिर किस बजह से कार्यवाही नहीं कर रहे क्यों नहीं सरकारी जमीन चकमार्ग को कब्जा मुक्त करा पा रहे है कैसे गरीबों को न्याय मिलेगा जब अधिकारी टालते रहेंगे
सरकारी चकमार्ग के साथ मेरे खेत पऱ कब्जा कर लिया गया है मैं अधिकारीयों के पास जा जा कर थक गया कोई कार्यवाही नहीं हो रही क्या अधिकारी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त है कि सरकारी जमीन के साथ दूसरे की जमीन पऱ भी कब्जा करा देंगे या भू माफियाओ से भयभीत है ये अधिकारी कैसे किसी गरीब कमजोर
व्यक्ति को न्याय मिलेगा भू माफियाओ द्वारा लगातार मुझे एवं मेरे परिवार को हत्या एवं फर्जी मुकद्दमों में फसाये जाने की धमकी दी जा रही है
@pramodtiwari700@ShayarImran@Imranmasood_Inc
सरकारी चकमार्ग के साथ मेरे खेत पऱ कब्जा कर लिया गया है मैं अधिकारीयों के पास जा जा कर थक गया कोई कार्यवाही नहीं हो रही क्या अधिकारी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त है कि सरकारी जमीन के साथ दूसरे की जमीन पऱ भी कब्जा करा देंगे या भू माफियाओ से भयभीत है ये अधिकारी कैसे किसी गरीब कमजोर