This screenshot from a WhatsApp group of observers goes back to April. It raises serious questions about an alleged conspiracy to delete 30 lakh names from the electoral rolls.
This cannot be brushed aside. It cannot be buried. And it cannot be answered with silence.
Gyanesh Kumar and the Chief Justice of India have serious questions to answer before the people of this country.
India is watching.
India is asking questions. And India will demand answers.
Brace yourselves.
आप सभी का स्वागत है आज के इस प्रतिभा सम्मान समारोह एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम में! समय से पहुँचकर कार्यक्रम की शोभा एवं बच्चियों का मनोबल बढ़ाएं !
मुख्य अतिथि -इकरा हसन, सांसद कैराना/जावेद आब्दी (पूर्व मंत्री)
मुख्य वक्ता :- डॉ लक्ष्मण यादव,(संविधान ज्ञाता)
#20_सितम्बर_2026, #दिन_रविवार
#समय: #सुबह_10_बजे
#स्थान-#सेंट_चार्ल्स_स्कूल_ग्राउंड, #सरधना
वयोवृद्ध और वरिष्ठ नेता श्री महेंद्र राजभर जी पर हुआ हिंसक हमला भाजपा के राज में ‘पीडीए समाज’ पर लगातार बढ़ते जा रहे अपमानजनक व्यवहार और अत्याचार का एक और निंदनीय उदाहरण है।
भाजपा अगर सोचती है कि वो किसी समाज को अंदर से तोड़कर अपनी विभाजनकारी राजनीति को बनाए रखेगी तो ये उसकी ग़लतफ़हमी है। अगर इस हमले में भाजपा की नज़रअंदाज़ी शामिल नहीं है तो इस हमलावर को तत्काल गिरफ़्तार करके, उसके किये की सज़ा दी जाए।
हिंसा हताशा का ही एक रूप होता है। भाजपा याद रखे ऐसे कृत्यों से पीडीए का मनोबल टूटेगा नही बल्कि और भी शक्तिशाली होगा।
जय संविधान, जय पीडीए!
🚨कुंभ भगदड़: सरकार ने कहा 37 लोगों की मौत, बीबीसी पड़ताल में कम-से-कम 82 मौतों की पुष्टि
BBC ने योगी आदित्यनाथ की पोल खोल दी
अब समझ आया कि साहेब को बीबीसी क्यों पसंद नहीं है... इसलिए BBC पर छापे मारे जाते हैं.
https://t.co/HtUPKon7Vm
चिराग भैया,
नौटंकी छोड़ दो। बिहार की जनता को मूर्ख मत बनाओ। जो काम विपक्ष का है, वो विपक्ष करेगी।
तुम सत्ता में बैठ के भी CM-PM चिट्ठी लिख रहे हो, तो फिर लानत तुम्हारे जैसे अव्वल दर्जे के फ्रॉड नेता के ऊपर।
कोई नहीं सुन रहा तो इस्तीफ़ा दे दो।
ये दोहरा चरित्र नहीं चलेगा।
कौशांबी में पाल समाज की एक 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार होता है - लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता। बल्कि धमकियाँ मिलती हैं।
इन घटनाओं से एक बात साफ़ हो जाती है - इस देश में अगर आप दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिला हैं, तो आपके साथ कुछ भी हो सकता है। कहीं भी, कभी भी। और न्याय की जगह आपको ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाएगा।
यह लड़ाई सिर्फ़ अपराधियों से नहीं है - यह उस सिस्टम से है जो जाति, पावर और राजनीति के तराजू पर इंसाफ़ को तौलता है।
जब दो उपमुख्यमंत्री अपनी आपसी राजनीति में उलझे हों, तो पीड़ित समाज सत्ता के लिए सिर्फ़ एक मोहरा बन कर रह जाता है।
अब सवाल ये नहीं है कि हमारे साथ क्या हो रहा है - सवाल ये है कि हमारे लिए कितनी आवाज़ें उठ रही हैं?
ये गोदी मीडिया वाले सब एक तरफ मोदी मोदी करके देश भक्ति का ढोंग करते हैं तो दूसरी तरफ पाकिस्तानियों को मोटा पैसा देकर भारत माता को और भारतीय राष्ट्र को गाली दिलवाते हैं।
ये सब विशुद्ध रूप से राष्ट्रद्रोही और देश को विभाजित करने वाली मानसिकता से काम करते हैं।
#Dled अभ्यर्थी लगातार प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रशाशन से दबाव भी है कि किसी तरह धरना खतम हो।
लेकिन @RajatsinghAU के साथ तमाम अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोल रखा है।
बीते समय इनकी तस्वीर @samajwadiparty कार्यकर्ता के रूप में #viral की गई।
आज मैने @yadavakhilesh से सवाल किया।
सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान से पूछा गया 👇
• क्या पाकिस्तान से लड़ाई में भारत के फाइटर जेट गिरे?
• जनरल अनिल चौहान ने जवाब दिया:- “यह महत्वपूर्ण नहीं कि फाइटर जेट गिरे, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि आखिर वह क्यों गिरे? और उसके बाद हमने क्या किया।”
इस बयान में यह माना गया कि हमें फाइटर जेट का नुकसान हुआ है।
फिर मोदी सरकार इस बात को क्यों छिपा रही है?
"इस पीढ़ी के युवा नेताओं में सबसे प्रखर नेता अखिलेश यादव हैं! उन्होंने जिस तरह PDA का गठन किया है...उनमें मुझे सबसे ज्यादा संभावना दिखती है"
- के. सी. त्यागी (वरिष्ठ JDU नेता)
कुणाल कामरा के पास अख़बार नहीं है और न अख़बार का मालिक कुणाल कामरा हो सकता है। इसलिए हामी भरना ही था। सवाल भी इस तरह लड़खड़ाते, घबराते, सहेजते हुए पूछा गया कि हुज़ूर के सम्मान में बेअदबी का कोई शब्द न निकल आए। मुख्यमंत्री को औक़ात बताने से बचना चाहिए था और अख़बार के ‘भू-स्वामी’ को हामी नहीं भरना था।
2011 में हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक
कोड नेम - ऑपरेशन जिंजर
ऑपरेशन हेड - मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती
सेना ने बॉर्डर पार करके हमला किया
दो भारतीय जवानों के सिर काटे गए थे
बदले में तीन सिर काटकर लाए गए थे
अब तुम कहो कि तुम धरती पर अवतरित हुए, उसी दिन से सूरज निकलना शुरू हुआ तो इस मूर्खता का क्या जवाब हो सकता है? हां, वह सरकार इतनी बेशर्म नहीं थी कि शहादत और सुहाग सब बेचकर वोट बटोरे।
आंख में पानी बचा हो तो शर्म कर लो थोड़ी सी!