कोई भी समस्या आए ,किसी भी मुद्दे पर उसका पहला तरीका है 👇
“बात करो सीधे ना की चुप रहो।”
समस्या हुई है ,उसको ठीक करने में वक़्त लगेगा ,ये बात लोग समझ सकते है लेकिन समस्या पर चुप्पी कोई नहीं समझेगा ।
लोकतंत्र में एक चीज की सबसे पहली प्राथमिकता होती है और वो है “संवाद” बस ।
हर वक़्त हर चीजों को कॉम्प्लिकेट करने की ज़रूरत नहीं होती है ।
“मन की बात” करने का वक़्त है घंटा भर @narendramodi@narendramodi_in जी के पास तो आम लोगो की समस्याओं पर बात करने के लिए 5 मिनट होना ही चाहिए ।
@INCIndia से लोग इन्ही सारी मुद्दों की वजह से ऊब चुके थे तभी सबने @BJP4India को चुना था और आज हर राज्यो तक में बैठाया है लगभग भाजपा को,लेकिन अगर बीजेपी वही सारी गलतियाँ करेगी जो कांग्रेस को हटाने के कारण थे तो कोई बीजेपी को क्यों बर्दास्त करेगा ?
ऐसा लग रहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन अब अपने अंतिम सांस गिन रहा है। शुरुआत में सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को अनशन समाप्त करने की शर्त बनाया था, लेकिन अब उनकी पत्नी यह कह रहीं है कि यदि विपक्षी दल संसद में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने का आश्वासन दें, तो वे अनशन समाप्त कर सकते हैं। आंदोलन की रणनीति अब वैकल्पिक रास्ता तलाश रही है, क्योंकि मूल मांग पर सरकार के झुकने की संभावना लगभग समाप्त दिख रही है।
ऐसा लगता है कि सोनम वांगचुक उस घेरे से बाहर निकलना चाहते हैं, जिसमें आंदोलन शुरू होने के बाद वे फँस गए। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूहों द्वारा आंदोलन को अपने-अपने एजेंडे से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन जब अपेक्षित जनसमर्थन और राष्ट्रीय स्तर पर दबाव नहीं बन पाया, और जोखिम वांगचुक के जीवन पर आ गया तो वांगचुक परिवार को आंदोलन को सम्मानजनक तरीके से समाप्त करना ही शायद सबसे व्यावहारिक विकल्प दिखाई दे रहा है।
यदि विपक्ष इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाता, लगातार संसद और सड़कों पर दबाव बनाता तथा इसे बड़ा राजनीतिक अभियान बनाता, तो आंदोलन की दिशा अलग हो सकती थी। लेकिन सीमित राजनीतिक समर्थन और घटते मीडिया फोकस के कारण आंदोलन का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता गया। बिना व्यापक जनसमर्थन और मजबूत राजनीतिक रणनीति के लंबे आंदोलन अपनी ऊर्जा बनाए रखना कठिन होता है। और सरकार तो अपनी बेहयाई के चरम पर है ही...
दिल्ली पुलिस से निवेदन है, ससंद भवन के क़रीब पहुंचने वाले हर एक तिलचट्टे की गांन पर कम से कम लट्ठ की चार लम्बी रेखा होनी चाहिए, ताकि उन्हें मालूम चले, ये नेपाल या बांग्लादेश नहीं हिन्दुस्तान है।आप यहां शिक्षा की आड़ में एक धर्म और उसके आराध्य को टार्गेट करने गए थे बस और कुछ नहीं।
क्या देश के लोगो के साथ इतना मार पीट जायज है सिर्फ @dpradhanbjp को हटाने और एजुकेशन सिस्टम में सुधार करने की माँग पर ? ऐसा क्या है की जब इतने लोग विरोध में है लेकिन @BJP4India@narendramodi@narendramodi_in@AmitShah जी की सरकार बात करने की जगह आमलोगों को इतना पिटवा रही है?
बिहार में भी यही चीजे सालों से हो रही है जब भी शिक्षक लोग आते हैं अपना हक मांगने लेकिन क्यों ?
जब शिक्षा ह्यूमन राइट्स का पार्ट है तो उसपे समस्या जो भी है उससे केंद्र सरकार हो या बिहार सरकार क्यों भागती है?
बच्चों की जान गई है धर्मेंद्र प्रधान की वजह से तो उसको बाप क्यों बना के बैठी है बीजेपी सरकार ?
अगर शांति से बातचीत नहीं कर सकते हो देश के जरूरी मुद्दों पर और उसका समाधान नहीं निकाल सकते हो तो सरकार तो बहुत दूर की बात है राजनीति में भी रहने का हक नहीं है ।
जिन लोगो के पैसों से देश चलता है उनको ही अधिकार नहीं है कि वो सवाल करे सरकार से ? मूलभूत सुविधाएं अगर नहीं दे सकते हो तो आमलोग टैक्स क्यों पे करे देश को ?
अच्छी शिक्षा नहीं होगी तो भविष्य मे बेरोजगारों की संख्या और बढ़ेगी तो क्या फ़ायदा है तुमलोगो को सरकार में रखकर या टैक्स देकर ?
जायज माँग पर ऐसे व्यवहार किसी भी रूप में सही नही है ।
और जिन भी लोगों को बड़ी ख़ुशी हो रही है सिर्फ़ @CJP_for_India@Cockroachisback और @Wangchuk66 के होने की वजह से उनको साफ़ कर दु कि 👇
वो तो कोई है ही नहीं मालिक 😁 मार तो आम लोग खा रहा हैं 💔असली में कोई है तो वो आप है हम है और हमारे बच्चे है 😁 ऐसे ही अंधे बहरे बने रहिए महादेव ने चाहा तो आपके बच्चे भी उसी कतार में खड़े होंगे कभी ना कभी क्यूंकि जब चुप रहकर सह दे रहे हैं तो आपके बच्चों तक बात नहीं आएगी संभव है क्या 😁🙏🏻
#Shame_on_you_BJP
Ravi Shastri's squad for ODI world cup 2027
- Shubham Gill (c)
- Rohit Sharma
- Virat Kohli
- Shreyas Iyer
- KL Rahul
- Rishabh Pant
- Hardik Pandya
- Ravindra Jadeja
- Axar Patel
- Jasprit Bumrah
- Mohammad Siraj
- Mohammad Shami
- Bhuvneshwar Kumar
- Kuldeep Yadav
- Arshdeep Singh
Do you agree with Ravi Shastri?
Your Dream team for wc2027👇
India under Gambhir-Gill in ODIs:
- Lost ODI series Vs Australia 2-1.
- Lost ODI series Vs New Zealand 2-1.
- Won ODI series Vs Afghanistan 3-0.
- Lost ODI series Vs England 2-1.