सभी सवर्ण साथियों सुनो - महिपाल सिंह मकराणा का अगला राज्य हरियाणा है
350 km की पैदल यात्रा करेंगे
आप सभी हरियाणा दिल्ली के आस पास के जितने लोग है उस यात्रा में जरूर शामिल हों
बाकी कुछ मीटिंग करने वाले लोग है - वो मीटिंग मीटिंग खेले - जिनमें जुनून होता है वो कार्य करता है उसके साथ कारवां अपने आप खड़ी हो जाती
बीजेपी ने 12 सालों में जनरल जाति के लिए कुछ नहीं किया, सिर्फ कुछ काले कानूनों के अलावा जिसमें जनरल वालों की जिंदगी बर्बाद हो जाए! @BJP4India
से जनरल जाति जितनी जल्दी दूर हो जाए उतना अच्छा है!
@mahipalmakrana_ जी को सुनें
SC-ST एक्ट में विचाराधीन कैदी अनिल द्विवेदी की जेल में 2025 में संदिग्ध मौत हो गई थी। वही इकलौते कमाने वाले थे। परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इन बच्चों के की पढ़ाई मुश्किल हो गई थी।
तब इस स्टोरी को कवर करने गया था। परिवार की यथाशक्ति आर्थिक मदद हुई। उसके बाद “इंडिया केयर्स” NGO ने इन बच्चों की पढ़ाई का अखर्चा उठाने का वादा किया। पिछले साल दोनों बच्चें की फीस ड्रेस सबका इंतजाम किया।
इस साल भी जुलाई में बच्चों की पूरी फीस-ड्रेस सबका इंतज़ाम कर दिया। आगे भी करते रहने का वादा किया। ईश्वर इन बच्चों को खूब तरक्की दे। मामला UP के हमीरपुर का। धन्यवाद “इंडिया केयर्स”
ग़रीबी जाति देखकर नहीं आती…..
एंटी-पेपर लीक बिल पेश होते ही INDI गठबंधन के सांसदों ने सदन में हंगामा किया और “NO! NO!” के नारे लगाए।
इस बिल में पेपर लीक के दोषियों के लिए ₹10 करोड़ तक का जुर्माना, 10 साल तक की जेल और 3 महीने में फैसला देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान है।
पहले विपक्ष ने कहा— पेपर लीक पर चर्चा हो। सरकार तैयार हो गई।
फिर विपक्ष ने कहा— पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा भी दे दिया गया।
अब जब पेपर लीक पर महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जा रहा है, तब भी ये सदन नहीं चलने दे रहे।
इस प्रेम के आगे ताजमहल भी फेल है 😱
JCB वाले ठेकेदार ने बेजुबान को निकालने के लिये 5000 रुपये मांगे थे किंतु , इन इंसानियत के देवताओं की मेहनत ने मुफ्त में जिंदगी दे दी ♥️
सिर्फ़ 60 सेकंड के लिए आप भूल जाइए कौन सेलेब्रिटी टीचर है, यूट्यूब पर किसके कितने सब्सक्राइबर्स हैं।
सिर्फ़ कुछ देर के लिए आप भूल जाइए किसके साथ आपका उठना-बैठना है, किसके साथ आप पार्टी-सार्टी करते हैं, कौन आपको कौन हर महीने कितना पहुँचाता है…….
इसका जवाब है किसी के पास? ख़ान सर ने शिक्षक की गरिमा पूरी तरह तार-तार कर दिया…..
ब्राह्मणों के गांव के गांव काट दिए गए लेकिन उन्होंने ना अपना जनेऊ तोड़ा ना गाय का मांस खाया। मलेक्ष लोग तलवार की नोंक पर गाय का मांस चखाते तो गर्दन कटा दी गई लेकिन गाय का मांस नहीं खाया: प्रेमानंद जी महाराज को सुनिए
और कुछ लोग धर्म की रक्षा करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ऐसे ब्राह्मणों की तुलना “वैश्या” से करते हैं।
कल ब्लिंकिट से कुछ ऑर्डर किया था। 50-55 साल के अंकल आए डिलीवरी देने। बातों ही बातों में इनका नाम पूछा! अंकल ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया
बातचीत के दौरान मैंने पूछा कि इतनी उम्र में ये सब। अंकल ने शालीनता के साथ जो बोला वो दिल को छू गया, इन्होंने कहा कि
- डबल ड्यूटी करता हूँ। ये सब नहीं करूँगा तो बच्चों को पढ़ाऊँगा कैसे? सरकार के लिए हम सरकारी अछूत जैसे हैं। सरकार ना हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कालरशिप देती ना ही ऐसी कोई योजना है जिसका लाभ लेकर बच्चे पढ़ाई कर सकें। इसलिए मैं भी कमाता हूँ और बच्चा भी पढ़ाई के साथ जॉब करता है
मुझे आज तक नहीं समझ आया कि जब हर वर्ग-समाज यहाँ तक कि मुस्लिम-ईसाई-बौद्ध तक के बच्चों को सरकार स्कालरशिप देती है तो फिर सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए ये योजना क्यों नहीं?
“सॉरी मम्मी-पापा…..” लिखकर …खुशी दुबे ने कर ली आत्महत्या!
देश के प्रतिष्ठित, जाने-माने कॉलेज NIT कुरुक्षेत्र की होनहार छात्रा दीक्षा दुबे ने आत्महत्या कर ली। उसने पंखे से लटककर जान दे दी। गरीब बाप का घर उजड़ गया, उनके सपने बिखर गए।
UGC लाने वाली सरकार ने चुप्पी साध ली है? UGC के समर्थन में आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामले के भी जातिवार फर्जी आंकड़े देने वाले तथाकथित प्रोफेसर और जातिवादी पार्टियों के प्रवक्ताओं के मुँह सिल गए हैं।
मीडिया चैनल चुप हैं, सोशल मीडिया खामोश है। क्यों? आख़िर क्यों? इस होनहार छात्रा के न्याय के लिए आख़िर आवाज़ कौन उठाएगा? कल तक सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म में ये खबर दिखनी चाहिए……
ऐसी शिक्षिका देश में होनी चाहिए जो पढ़ाई के साथ साथ बच्चों को जीवन के मूल्यों को भी समझा सके!
जीवन बार बार नहीं मिलता।
20 साल से 25 साल तक का समय आपका करियर बिल्डिंग का भी टाइम होता है ऑपोजिट चीजें भी आपको पसंद आएंगी लेकिन आपको बैलेंस बना कर चलना है...
यह सलाह जवान लड़के-लड़कियां की जिंदगी बदल देने वाला वीडियो है।
बहुत प्रेरणा स्त्रोत है🙏
माथे पर तिलक, आँखों पर चश्मा, सिंपल T-शर्ट पहने खड़े इस आधार से लड़के को देखिए। ये लवकेश गुप्ता हैं। इनका जन्म ग़रीब परिवार में हुआ।
हरियाणा के करनाल में पिता के साधारण से किसान हैं, बेटे के पास कोचिंग के लिए पैसे नहीं थे तो ख़ुद से तैयारी किया। इस बार तीसरा अटेम्प्ट था। भाई ने 488वीं रैंक के साथ UPSC क्लियर कर लिया
IPS या IRS मिल सकता है। ख़ुद के मेहनत, लगन, परिश्रम, जज़्बे और जुनून से भाई ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों के लिए बड़ा उदाहरण सेट कर दिया है।