SC-ST एक्ट में विचाराधीन कैदी अनिल द्विवेदी की जेल में 2025 में संदिग्ध मौत हो गई थी। वही इकलौते कमाने वाले थे। परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इन बच्चों के की पढ़ाई मुश्किल हो गई थी।
तब इस स्टोरी को कवर करने गया था। परिवार की यथाशक्ति आर्थिक मदद हुई। उसके बाद “इंडिया केयर्स” NGO ने इन बच्चों की पढ़ाई का अखर्चा उठाने का वादा किया। पिछले साल दोनों बच्चें की फीस ड्रेस सबका इंतजाम किया।
इस साल भी जुलाई में बच्चों की पूरी फीस-ड्रेस सबका इंतज़ाम कर दिया। आगे भी करते रहने का वादा किया। ईश्वर इन बच्चों को खूब तरक्की दे। मामला UP के हमीरपुर का। धन्यवाद “इंडिया केयर्स”
ग़रीबी जाति देखकर नहीं आती…..
SBI ने Junior Associates की बैकलॉग भर्ती निकाली है। ध्यान देनें वाली बात यह है कि इसमें General Category के लिए एक भी पद नहीं है, जबकि OBC (नाममात्र 112), SC और ST के लिए बैकलॉग सीटे हैं।
इस देश में General अभ्यर्थी सिर्फ परीक्षा देने, टैक्स भरने और कटऑफ बढ़ाने के लिए रह गए हैं क्या?
"Equal Opportunity" अब सिर्फ भाषणों में बची है।
1.नेपाल में 135 सवाल रटवाए गए, 120 एग्जाम में आए इसे छुपाकर “गेस” बना दिया और दूसरे ग्रुप को 145-150 सवाल पढ़ाए गए उस पर कोई जांच नहीं।
2.नियामतपुर होटल में 120 छात्रों के रुकने की जांच नहीं हुई पटना, रांची समेत अन्य एंगल भी छोड़े गए।
3.सच सामने लाने वाले अधिकारी जैल गए.
भाई के अंतिम दर्शन को निकलीं बुजुर्ग दादी...रास्ते में बैग चोरी हो गया। उसमें सिर्फ 300 रुपये थे, जिनसे भाई के लिए कफन खरीदना था।
यह बुजुर्ग दादी बस में जा रही थीं अपने भाई के अंतिम संस्कार के लिए। लेकिन रास्ते में ही किसी चोर ने उनका बैग चुरा लिया। जैसे ही बैग चोरी होने का पता चला तो दादी रोने-बिलखने लगीं।
दादी रो-रोकर बताने लगीं – अंदर सिर्फ 300 रुपये थे… कफन खरीदने के लिए रखे हुए। मेरा भाई चला गया… और अब ये पैसे भी चले गए। कफन कैसे खरीदूँगी.?
आसपास बैठे यात्रियों की आँखें नम हो गईं। एक व्यक्ति ने 100 रुपये निकालकर दिए और बोला – दादी, आप पहुँच जाओ… अंतिम दर्शन तो कर लो।
झारखंड में मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीब विधायकों के लिए बनवायी गयी मात्र तीन तीन करोड़ की 81 झोपड़ियां,
बड़े बड़े अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे प्रदेश की गरीबी और भुखमरी खत्म हो जायेगी
JPSC–JSSC रिफॉर्म मंच की कोर कमिटी ने स्पष्ट किया है कि 7 अगस्त को बिरसा मुंडा चौक, रांची में AISA द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव से मंच से जुड़े छात्र प्रदर्शनकारियों का कोई संबंध नहीं है।
कमिटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी संगठन द्वारा भ्रामक सूचना फैलाने या अपनी गतिविधियों को मुख्य छात्र आंदोलन से जोड़ने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंच का आधिकारिक छात्र घेराव 10 अगस्त को निर्धारित है। यह स्वतंत्र छात्र आंदोलन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही, पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर चलाया जा रहा है तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है।
22 साल तक एक निर्दोष आदमी की जवानी जेल की चक्की में सड़ाने के बाद हमारे सिस्टम को अचानक ज्ञान प्राप्त हुआ कि "सॉरी भाई, तुम्हारे खिलाफ तो सबूत ही नहीं है, तुम घर जा सकते हो!"
और ओडिशा हाईकोर्ट का न्याय देखिए, उसने कागजों में 3,157 दिन की देरी बताकर उस बेकसूर की फाइल ही कूड़े में डाल दी थी। सच में, अगर आप गरीब हैं, तो यह न्याय-व्यवस्था आपके लिए सिर्फ तारीख पे तारीख वाला एक खौफनाक मजाक है!
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी में गड़बड़ियों के विरोध में स्टूडेंट विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. रांची में चल रहे इस प्रदर्शन में एक ही परिवार के चार बच्चे भी शामिल हुए हैं. इनमें से एक उम्मे हबीबा अनशन पर हैं.
रिपोर्ट: सीटू तिवारी
शूट-एडिट: शाहनवाज़ अहमद
The tukde-tukde gang from Jantar Mantar has now arrived in Jharkhand! During the protest, a girl was openly raising anti-national slogans. When local students opposed her, she immediately started screaming and playing the victim card.
But the students of Jharkhand gave a clear reply —
This is Ranchi, not Jantar Mantar.
‘Azadi’ slogans will not be tolerated here.
There is no place for traitors. The students drove her away right there.
This is a real people’s movement — driven by patriotism!
मिलिए रील पत्रकार @Abhinavpinch से
>Bro, झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री से JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
>लेकिन क्या आपको यह पता है कि JPSC और JSSC का प्रशासनिक नियंत्रण उच्च शिक्षा विभाग के तहत नहीं, बल्कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग (Department of Personnel) के अधीन आता है?
>और इस विभाग के मंत्री कौन हैं? खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
अगर भर्ती परीक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया और कथित गड़बड़ियों पर जवाब चाहिए, तो सबसे पहले सवाल उस विभाग और उसके मंत्री से होना चाहिए, जिसके पास इसकी जिम्मेदारी है।
तो सवाल यह है, क्या असली जिम्मेदार से सवाल पूछे जाएंगे, या फिर सिर्फ आसान इंटरव्यू करके लोगों को भ्रमित किया जाएगा?
@TheNewspinch
JPSC प्रदर्शन में छात्रा की चेतावनी: "आजादी" के नारे लगाने वालों को बक्शा नहीं जाएगा
रांची: झारखंड में JPSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा का बयान सामने आया है, जिसमें उसने कथित रूप से आजादी के नारे लगाने वालों, ब्राह्मणवाद को गाली देने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
छात्रा ने कहा कि आंदोलन स्थल पर देश विरोधी नारे लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उसने यह भी कहा कि यदि कोई इस तरह के नारे लगाएगा, तो वह स्वयं उसका विरोध करेगी।
(Tag Neha Bora to help avoid such situations, for her own good.)
अगर AISA चाहती तो छात्रों का साथ दे सकती थी और 10 अगस्त को छात्रों के साथ विधानसभा घेराव कर सकती थे,
लेकिन 7 अगस्त को बिना छात्रों से कंसल्ट किए 7 अगस्त को अलग मार्च का ऐलान क्यूँ किया गया ?