सफर में अपने हर डगर पर खुद को छोड़ आया हूं।
हौसलों के परों से मैं तूफां का रुख़ मोड़ ने आया हूं।
हर मुश्किल को जीत कर, मैं खुद को बड़ा कर आया हूं।
ठोकरें जो लगीं, उन्हीं से मैं सीढ़ियाँ जोड़ कर आया हूं।
Good morning दोस्तो ,
उठ गए हो ना
#आटा_साटा चालू करूं।
बिना ब्लूटिक वाले भाई बहन अपनी आईडी दे दीजिए.
कम से कम 100-200 फॉलोअर्स तो बढ़ा देती हूं।
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दिल के अरमान देखते ही बिखर गए,
ख्वाबों के सफर में वो कही दूर चले गए।
हर सांस में अब तन्हाई बसी है,
इश्क़ की राह में बस रुसवाई बची है।
दिल से उनकी याद अब भी जाती नहीं,
पर उनकी ज़िन्दगी में हमारी कोई जगह बाकी नहीं ।