घर-खरीदार का घर " कब, कैसे और कौन " दिलाएगा इसका जवाब ७ साल बाद भी किसी के पास नहीं है जबकि सात सालों में तीन सरकार बदल चुकी है और समस्या का समाधान के लिए घर-खरीदार को दर-दर की ठोकर के अलावा कुछ नहीं मिला. देखिये बहस में और खुद आकलन कीजिये... https://t.co/fEGxLzsp75 @ZeeBusiness
True Super Short Story of #AmrapaliDreamValley:
तीन-चार योद्धा लड़ रहे थे, फिर एक शिखंडी ने डर दिखाया। देखते ही देखते दोनों ने हथियार डाल दिए और उसी के अनुयायी बन गए।
विडंबना देखिए—जो कल तक शिखंडी था, आज वही नेता है और कल के तीन-चार लड़ाके उसके पीछे शिखंडी गैंग बनाकर खड़े हैं।
हक और सच की लड़ाई में तटस्थ रहना भी गलत है, लेकिन सच जानते हुए झूठ का समर्थन करना उससे भी बड़ा अपराध है।जब सच सामने हो और फिर भी कोई झूठ का झंडा उठाए, तो समस्या उसकी समझ नहीं, उसकी नीयत होती है।
शिखंडी गैंग का साथ और उसके बाद सर्वनाश !!
#AmrapaliDreamValley
जब निर्माण गुणवत्ता से समझौता होता है, तो उसका परिणाम आग, हादसों और जान-माल के नुकसान के रूप में सामने आता है। दोषी सिर्फ बिल्डर नहीं, बल्कि वे लोग भी हैं जो खामियों को देखकर भी अनदेखा करते हैं और चाटुकारिता में सुरक्षा को दांव पर लगा देते हैं।
बहुमंज़िला इमारतों में आग लगना, प्लास्टर गिरना और निर्माण संबंधी खामियाँ आम खबर बनती जा रही हैं। इसकी कीमत कई लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई है।
दोष सिर्फ बिल्डरों का ही नहीं, बल्कि उनका का भी है जो निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बजाय समझौता कर लेते हैं या चुप्पी साध लेते हैं।
जब हज़ारों खरीदार सड़क पर लड़ रहे थे, तब कुछ भेड़िए के भेष में पीछे छिपे और मौके में थे।
आज वही भेड़िए अब शिखंडी गैंग बनाकर बिल्डर की चाटुकारिता में इतने मशगूल हो चुके हैं कि घटिया निर्माण सामग्री भी उन्हें उत्कृष्ट दिख रही है।
खरीदारों के हित को छोड़कर अपना हित साधने में हैं।
आम्रपाली की लड़ाई हज़ारों खरीदारों ने सड़क से संसद तक लड़ी। आज वही लोग गुणवत्ता की बात कर रहे हैं।
लेकिन “शिखंडी गैंग” NBCC-बिल्डर की चाटुकारिता में इतने व्यस्त हैं कि प्रोजेक्ट में लग रही घटिया सामग्री भी उन्हें दिखाई नहीं दे रही। खरीदारों का हित सर्वोपरि है,किसी की दलाली नहीं।
जब से सीआर दफ्तर ने “ शिखंडी गैंग” मतलब बीच वाला (50:50)एसोसिएशन बनाया उसके बाद @OfficialNBCC और जीएलसी जैसे बिल्डर के घटिया निर्माण के ख़िलाफ़ लड़ने के बजाय ये “शिखंडी गैंग” प्रोजेक्ट में सब कुछ अच्छा हो रहा है जैसा माहौल बनाने और अपने आप को फ़र्ज़ी मसीहा दिखाने में व्यस्त हैं।
देवकी नंदन ठाकुर ने ऐसा क्यों कहा? अगर इनका श्राप लग गया तो मंदिर के धन खाने वाला 5 हज़ार साल तक मल का कीड़ा बनेगा।
फिर आम्रपाली ड्रीम वैली सहित जीतने भी आम्रपाली के प्रोजेक्ट है, वहाँ भी किसी व्यक्ति ने स्वार्थ के लिए धन का लेन देंन किया तो ऐसे लोग भी मल का कीड़ा बनेंगे।
इतिहास अब तुम लोगों को बताने की जरूरत हो रही है तो ये भी बताओं की दलाली के लिए ये सब करना है या बिल्डर और एनबीसीसी के जी हजूरी के लिए क्योंकि जो निःस्वार्थ लड़ता है उसको सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं होती है।
फ्लैट एनबीसीसी -जीएलसी बना रहे है। प्रोजेक्ट में घटिया सामान लगा रहे हैं।
आम्रपाली ड्रीम वैली में चाटुकारिता इस हद तक बढ़ गई है की कुछ शिखंडी गैंग ड्रीम वैली के इतिहास को भी तोड़ मरोड़ कर बता रहे हैं।
जब 12 अगस्त 2017 को एक फ्लैट खरीदार गुस्से में आम्रपाली के गेट पर बैठा और रात में वहाँ से चला गया तो कुछ लोगों ने रणनीतिक तैयारी से उसे आंदोलन बनाया।
देवकी नंदन ठाकुर ने ऐसा क्यों कहा? अगर इनका श्राप लग गया तो मंदिर के धन खाने वाला 5 हज़ार साल तक मल का कीड़ा बनेगा।
फिर आम्रपाली ड्रीम वैली सहित जीतने भी आम्रपाली के प्रोजेक्ट है, वहाँ भी किसी व्यक्ति ने स्वार्थ के लिए धन का लेन देंन किया तो ऐसे लोग भी मल का कीड़ा बनेंगे।
आम्रपाली के निदेशकों ने बायर्स को लूटा, ये पुरानी कहानी है। असली त्रासदी तब हुई जब कुछ बायर्स ने ही बायर्स के भरोसे का सौदा कर लिया।
दुश्मन तो सामने था, गद्दार भीतर निकले।
भरोसे का सौदा अपने फायदे के लिए••ना सुविधा ना क्वालिटी बस रात दिन झूठी कहानी••॥
#AmrapaliDreamValley
फ्लैट खरीदारों में मनगढ़ंत कहानी बनाई गई की एनबीसीसी और जीएलसी मेंटेनेंस की ज़िन्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं। सच्चाई ये है की बिना सोचे समझे मेंटेनेंस लेकर प्रोजेक्ट को बर्बाद करना था।
मेंटेनेंस @OfficialNBCC या जीएलसी देखते तो फ़्लैट ख़रीदार एक होते और एक दूसरे से लड़ते नहीं ।
CR का फॉर्मूला बड़ा कमाल है— बिन बुलाये 7 आए, फिर 7 और आएंगे और ये सिलसिला चलता रहेगा।
फिर एक दिन ये सारे 7 मिलकर पूरे प्रोजेक्ट का सत्यानाश कर देंगे•••और सभी रहने वाले लोग हर बार 7 बनाते रहेंगे— और ड्रीम प्रोजेक्ट का आनंद लेते रहेंगे।— Mark this word 😍
#DumbPeople
झूठ की नींव पर खड़ी की गई कहानी यह थी कि CR और @OfficialNBCC को मेंटेनेंस एजेंसी नहीं मिली। सच्चाई यह थी कि बिन बुलाए मेहमान बनना था जिसकी कीमत फ्लैट खरीदार बदहाल सुविधाओं की कीमत चुका रहे हैं।
ये बात अगर सच नहीं है तो कोई एनबीसीसी का लिखित में सबूत दिखायें।#AmrapaliDreamValley
सीआर, एनबीसीसी और जीएलसी— तुम लोगों को रबड़ स्टाम्प बनाने का क्या फायदा जब सारे फ्लैट खरीदार कंस्ट्रक्शन क्वालिटी और मेंटेनेंस के कारण परेशान होकर गाली दे रहे हैं?
रबड़ स्टाम्प— मालिक आप लोग शांत रहें, चाहे जैसे भी होगा फ्लैट खरीदारों को संभाल लेंगे। गोली 💊 देते रहेंगे।😍
फ्लैट मिलने से पहले —सीआर, एनबीसीसी और जीएलसी भ्रष्ट हैं। कंस्ट्रक्शन क्वालिटी बेकार है।
एओए बनने के बाद (केवल नाम के लिए) — जी जहाँपनाह हम आपके लिए हाज़िर हैं और आप सभी मालिक हैं।
बदला क्या — बस कुछ को फुल टाइम और कुछ को पार्ट टाइम रोजगार के साथ चाय पानी मिला फिर सब ठीक है।😍
चालाक और धूर्त इसका पूरा हिसाब रखते हैं की क्या क्या बचाया। लेकिन ये कभी नहीं जान पाते हैं की क्या क्या गँवाया।
वे पाँव गँवाकर, जुत्ता बचा लेते हैं और शान से दुनिया को दिखाते हैं।
जो पहले से चोर था अब भी चोर है, बस कुछ साल तक चेहरा छिपा था और अब सामने।
#AmrapaliDreamValley
रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था।
आम्रपाली ड्रीम वैली में घटिया कंस्ट्रक्शन और सामग्री @OfficialNBCC और जेएलसी द्वारा लगाये जा रहे हैं और “शिखण्डी ग्रुप” मजे में हैं।
कुछ गूँगे, बहरे और अंधे “गुलामी” करने में लगे हैं ।
पहले क्रांतिकारी-अब भ्रष्टाचारी, कैसी ये लाचारी।
आम्रपाली ड्रीम वैली का फ्लैट अपने रफ़्तार से सभी को मिल रहे हैं। कंस्ट्रक्शन क्वालिटी-घटिया समान @OfficialNBCC और जीएलसी द्वारा लगाये जा रहे हैं।
पद भार संभालने के चक्कर में कुछ सवाल पूछना भूल गए हैं और एनबीसीसी-जीएलसी के गोद में बैठकर सब बढ़िया है के नारे लगा और लगवा रहे हैं।