ठाकुरों के सिर्फ मुंह मे जातिवाद है, जब जातिवाद करने की बात आती है तब ये मुकर जाते हैं जबकि और लोग जातिवाद पर बोलते कम हैं और अंदर से खुलकर जातिवाद करते है।
मंदिर में मांसाहार... 😡
कर्नाटक के बागलकोट में मुस्लिम महिलाओं ने परिवार सहित बसवन्ना मंदिर परिसर में मीट से भरा डिब्बा खोला और खाना शुरू कर दिया।
मंदिर में घुसकर मांसाहार करने के पीछे की मानसिकता क्या है..?
क्या ये भावनाओं से खिलवाड़ नहीं?
प्रेमानंद जी वाले केस में करोडो का नहीं अरबो का खेल है। और अब तो मुझे लगता है प्रेमानंद जी स्वयं फंस गए हैं। उनके साथ ये जो मुस्टंडे चलते हैं , उनकी सुरक्षा के नाम पर असल में इनका धर्म और अध्यात्म से कुछ लेना देना नहीं। ये सब पढ़े लिखे हैं जो अपना करियर ही यहाँ से करोडो कमाने के लिए छोड़कर आये थे। यही लोग मिलकर ये पूरा सिंडिकेशन चला रहे हैं।
शायद बिल्डर लॉबी के लोग हैं जो अब वृन्दावन में घुस चुकी है। ये वो लोग हैं जो हर समय प्रेमानंद जी को घेरे रहते हैं। प्रेमानंद जी स्वयं कैद में प्रतीत होते हैं। ये सब उन्हें लाव लश्कर से लेकर चलते हैं,. हाई डेफिनिशन वीडियो बनाते हैं उन्हें वायरल करते हैं। सेलिब्रिटीज को बुलाते हैं और मार्केटिंग करते हैं। प्रेमानदं जी शुरू से ही pure मार्केटिंग प्रोडक्ट रहे हैं।
खैर मैं कभी प्रेमानंद जी के विचारो से सहमत था ही नहीं ना ही मुझे लगता उन्हें उच्च श्रेणी का ज्ञान है। स्क्रिप्टेड questiuons के स्क्रिपयेड answers देते हैं। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि वो निश्छल स्वाभाव के निर्दोष व्यक्ति हैं। जिनका use किया गया है।
अनिरुद्ध पांडे उर्फ महाठग प्रेमानंद के बारे में जब तीन साल पहले लिखना शुरु किया था, तो लोगों को मिर्ची लगती थी।
—कृष्ण के बजाए राधा को जपवाया। और राधा कौन? कृष्ण की गर्लफ्रेंड। यानी कृष्ण को स्त्रीलोलुप और रसिया बता रहा है। और आप जपने लगे।
—हित हरिवंश का धंधा बाबर के साथ जमा। राधावल्लभ संप्रदाय को मुगलों ने पाला। और इस संप्रदाय में अकबर का नाम जपा जाता है।
—प्रेमानंद शाक्त देवियों को दासी कहता। और जनता ताली बजाती।
यहाँ विराट कोहली के प्रचार से जनता को कुछ भी बेच दीजिए खरीद लेगी। जैसे राधा खरीद ली।
#नैरेटिव_के_किस्से
एशियाई गेम्स में भारत ने कुल 21 स्वर्ण पदक जीते जिनमे से 17 स्वर्ण केवल जाट खिलाडियों ने जीते। जाट समाज को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
अधिक से अधिक युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित होना चाहिए। भारत सरकार को भी खेल का बजट दुगना करना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा खेल यूनिवर्सिटी बनानी चाहिए और भारत को एक खेल शक्ति बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
एक समय था जब एशियाई गेम्स में भारत पदक तालिका में बहुत नीचे होता था। एक गोल्ड भी नहीं आता। आज 21 गोल्ड हैं और भारत चौथे नंबर पर है। सरकार को अगले एशियाई गेम्स में नंबर 2 बनने और 100 गोल्ड का टारगेट रखना चाहिए।
जब राजपूत यानी ठाकुर खुद को प्राचीन क्षत्रियो से जोड़ते है तब इसका विरोध करने में सबसे सक्रीय भूमिका बाभन निभाते दिखते है। लेकिन कोई अन्य समुदाय यदि स्वयं को क्षत्रिय होने का दावा करता है तो उसका सबसे अधिक समर्थन बाभन ही करते दिखते है।
ऐसा इसलिए कि बाभनो को अच्छे से पता है कि राजपूत ही प्राचीन क्षत्रिय है। लेकिन उन्हें यह भी पता है कि यदि राजपूतों के प्राचीन क्षत्रिय होने के दावे को एकबार मुख्यधारा में स्वीकार्यता मिल गई तो भविष्य में कभी इनको कैंसिल करना बहुत मुश्किल होगा।
लेकिन किसी अन्य समुदाय को यदि प्राचीन क्षत्रियो का वंशज होना मान लिया गया तो भविष्य में उनके दावे को कैंसिल करना बहुत आसान होगा। वो समुदाय तभी तक क्षत्रिय बने रह सकेंगें जब तक वो बाभनो के इशारे पर चलेंगें बाभनो के हित की बाते और काम करेंगें बाभनो को स्वयं से ऊंचा मानेंगें।
यूपी चुनाव 2027 — 2019, 2022 की घिसी पिटी स्क्रिप्ट पर लड़कर नहीं जीता जा सकता है।
विपक्षी पार्टियाँ “ब्राह्मण+मुसलमान+अहीर” के 2019 और 2022 में पिटे समीकरण पर लड़ने को आमादा हैं। जो 2027 में भी पिटेगा।
क्योंकि कोई नया वोट का स्विंग नहीं है। किसी जाति अपनी घृणा से सबके वोट स्विंग नहीं होते हैं। और बिना सबके चुनाव नहीं जीते जाते।
वैसे भी जमीन पर कोई ब्राह्मण वोट का स्विंग है ही नहीं। पाँच नेता ऐसे नहीं हैं जो अपना चुनाव तो जीत लें और अगल-बगल भी जिता लें।
और ब्राह्मण योगी आदित्यनाथ से घृणा करता है और अपनी वर्चस्वता चाहता है। सवर्ण वाला तमाशा करके यह और स्थिति खराब कर चुके हैं।
ऐसे में एक बड़ा पोल अपने आप वहीं पहुँच चुका है। जहाँ बीजेपी की जीत ही होनी है। सवाल मात्र वही है — कितनी सीट आएगी।
#चुनाव_2027_मेरी_वाणी
बीजेपी सपा डील के तहत आगरा खंड की 'शिक्षक' निर्वाचन क्षेत्र एमएलसी सीट भी सपा को भाजपा को देनी पड़ी है। पहले यहाँ से सपा ने डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता को टिकट दी थी लेकिन बाद में नाथवानी वाली डील हो गयी अब मोटा भाई के कहने पर मोटा माल लेकर बैठे अखिलेश ने डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता की टिकट काटकर डॉ. आकाश अग्रवाल को दे दी है।
डॉ. आकाश अग्रवाल निर्दलीय एमएलसी थे लेकिन बहुत समय से भाजपा से टिकट मांग रहे थे लेकिन भाजपा ने यहाँ से ब्राह्मण समीकरण साधते हुए इंजीनियर हरि किशोर तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है लेकिन बनिया भाई को बीजेपी कैसे इग्नोर कर सकती है आखिर माल तो वही से आता है , फिर अखिलेश को कहा गया तुम अपने गुप्ता का टिकट काटकर हमारे अग्रवाल को टिकट दो।
अब तो मुझे लगता है सपा से लगभग 50 विधायकों के टिकट भाजपा ही बांटेगी।
जो समाज संगठित नहीं होता । जिनका शिक्षित , संपन्न और प्रभावशाली वर्ग अपने जातीय हित के लिए कार्य नहीं करता उसको नुकसान उठाना ही होगा ।
“Everything great perishes if its heirs are petty.”
EWS यह मॉडल पूरे देश में लागू होना चाहिए
यह सभी छूट छूट केंद्र सरकार को भी देनी चाहिए
राजस्थान में सबसे पहले यह छूट दी गई अशोक गहलोत सरकार द्वारावह हम भूल नहीं सकतेबहुत ही अच्छी तरीके से और सारी छूट दी गई थी इसी प्रकार का मॉडल पूरे देश में लागू होना चाहिएतभी असली फायदा मिलेगा
#EWS_सरलीकरण
UGC Rollback के लिए आज हिमाचल प्रदेश में दूसरा दिन है।
महिपाल सिंह मकराना जी एवं उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे सभी सवर्ण समाज के भाइयों को समर्थन दीजिए। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, हमारे बच्चों के भविष्य की लड़ाई है।
आप फालतू के चक्कर में मत पड़िए कि ज्ञानेश्वर कुमार का इस्तीफा कौन लेगा, किसका इस्तीफा होगा या कौन क्या कर रहा है। इन सब चीजों के लिए दूसरे लोग हैं, उनका काम उन्हें करने दीजिए।
आप अपने असली मुद्दे पर ध्यान दीजिए।
जो समाज के भाई UGC Rollback के लिए लड़ रहे हैं,
SC-ST एक्ट में बदलाव/समाप्ति की मांग के लिए लड़ रहे हैं,
और आरक्षण में संशोधन की मांग के लिए आवाज उठा रहे हैं—
उनका समर्थन कीजिए।
क्योंकि आज की लड़ाई सिर्फ आज के लिए नहीं है,
यह हमारे बच्चों के भविष्य के लिए है।
अपने मुद्दे से मत भटकिए।
समाज के असली मुद्दों पर एकजुट रहिए।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
सपा अब पूरी तरह से बीजेपी के हाथो में आ चुकी है इसका दूसरा उदहारण। नाथवानी के राजयसभा टिकट के बाद अब सपा का एमएलसी टिकट भी भाजपा ने फाइनल किया।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) से पहले कमलेश यादव का नाम घोषित किया जा चुका था लेकिन अब कमलेश यादव का टिकट काटकर भाजपा से आये संजयन त्रिपाठी को टिकट दे दिया है।
संजयन त्रिपाठी भाजपा से एमएलसी टिकट मांग रहे थे और उनका टिकट लगभग पक्का भी था। लेकिन बाद मैं भाजपा ने ये टिकट ध्रुव त्रिपाठी को दे दिया जो पहले से इस क्षेत्र से निर्दलीय विजेता थे।
ध्रुव त्रिपाठी को टिकट देने के बाद भाजपा ने संजयन त्रिपाठी को सपा से टिकट दिलवा दिया। भाजपा सपा की डील केवल नाथवानी को लेकर नहीं थी। और मुझे लगता है विधानसभा चुनाव में भी सपा के कम से कम 20 -25 टिकट भाजपा से ही फाइनल होंगे।
बंद चैंबर के सुखद माहौल में तभी चिंतन कर सकते हैं, जब बेहतरीन सुरक्षा का माहौल हो...
कोई भी व्यक्ति हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो, पद का गुरूर क्यों न हो, अगर उसकी सुरक्षा बाहर कर दी जाए तो उसे 'भीगी बिल्ली' बनने में बहुत देर नहीं लगेगी...
बिहार के दरभंगा में एक व्यक्ति की बॉडी के अंतिम संस्कार के लिए मजहबी भीड़ मूल रास्ता छोड़ कर सैकड़ों की संख्या में एक गरीब हिंदू किसान की खड़ी फसल में से निकलने का प्रयास कर रहे थे |
जब गरीब पासवान हिंदू ने देखा कि मेरी साल भर की मेहनत को कुछ ही मिनट में बर्नाड करदिया जाएगा तो गरीब हिंदू ने मदद के लिए पुलिस को बुलाया |
पुलिस के पहुंचने के बाद भी मजहबी भीड़ जबरन मूल रास्ता को छोड़ कर गरीब किसान के खेत में से निकलने को अड़े रहे | जब पुलिस ने निकलने ही नहीं दिया तो सोशल मीडिया के माध्यम से विक्टिम कार्ड खेलने लगे |
अब काफी मुश्किल अकाउंट असलियत बताने की जगह ऐसा दिखाने का प्रयास कर रह हैं कि देखो मुस्लिमों को कब्रिस्तान पहुंचने नहीं दिया |
विक्टिम कार्ड खेला जा रहा है पर यह नहीं बताया जा रहा कि खड़ी फसल बर्बाद होने से बचाने को गरीब हिंदू पुलिस के साथ खड़े थे |
समाजवादी पार्टी (SP) यूपी में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 2 नाम नामित किए,
1. अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव
2. BJP राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के बेटे और अंबानी के कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक धनराज परिमल नथवानी
PDA - पहला दावेदार अहीर
या, पहला दावेदार अंबानी ?
खैर, समाजवादी पार्टी ने यह राज्यसभा कि सीट धनराज परिमल नाथवानी को कितने सौ करोड़ में बेचा है, अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है...
नागालैंड के दीमापुर में एक विशाल मस्जिद बनाई जा रही है।
ये ख़बर वायरल करने से अच्छा है कोर्ट जाओ और नहीं जा सकते तो मुझे दो कागज मैं जाता हूँ।
गीत गा गा कर कब तक टाइम पास करोगे ?
@RavindraBhati__ दिल्ली में एक बड़ा सम्मेलन करो करिए भाटी जी। EWS सरलीकरण के लिए पूरे देश भर से लोग आएँगे। भूमि और मकान की शर्त हटे, फीस में छुट मिले, पंचायत चुनाव में EWS आरक्षण लागू हो ।