गिरफ्तारी तक रिपोस्ट रुकना नहीं चाहिए।
Hello @DelhiPolice@HMOIndia@AmitShah कृपया संज्ञान लीजिए।
यह अरशद आलम नाम का व्यक्ति फेसबुक वीडियो ने दिल्ली पुलिस को खुलेआम माँ बहन की गाली दे रहा है। दिल्ली पुलिस अपनी हमारी सुरक्षा के लिए 24*7 तैयार रहती है। उसके लिए ऐसी भाषा बेहद बेहद निंदनीय है। ऐसे व्यक्तियों का समाज में खुलेआम घुमाना बेहद खतरनाक है। कृपया इस व्यक्ति को जेल में डालिए।
पोस्ट लिंक - https://t.co/nX8Y3x7GE5
प्रोफाइल लिंक - https://t.co/ejxt9vf0Hd
🎧 Headphone must
CAUGHT ON CAMERA: THE PLAYBOOK IS OUT.
EXPOSED: CJP’s alleged game plan
A video tells protesters to wear a tilak, saffron clothes and a saffron gamcha....then the narrative is set to blame “right-wing extremists.”
If authentic, this raises serious questions: is saffron identity being deliberately manufactured to create a false narrative around the protest?
Delhi Police should verify the video and investigate the people behind these instructions.
#CJP #CJPProtest #AbhijeetDipke #DelhiPolice
Video source : Knowledge_with_achal insta
देश को जलाने की साजिश
"भले ही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें, फिर भी विरोध जारी रहेगा. हम पूरी चुनावी व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं."
— सौरव दास सभी देश-विरोधियों से अपील कर रहे हैं कि वे 10 अक्टूबर को ट्रेन, बस, फ्लाईट या किसी भी अन्य साधन से दिल्ली की सड़कों पर आएं.
2027 में किसी को हराना मुश्किल नहीं। असली खेल 2029 का है। तब तक किंगमेकर बनने का वक्त है।
ढाई साल बचे हैं। फंड जुटाओ। लीडर खड़े करो। निर्दलीय पहचानो। उत्तर भारत के हर राज्य से दो-तीन सीट पर अपना उम्मीदवार उतारो।
दस सांसद बन गए, तो सौदा हमारी शर्त पर होगा। दो भी बन गए, तो आवाज़ संसद तक पहुँच जाएगी।
चंद्रशेखर आज़ाद देख लो। ओवैसी देख लो। अपने समाज के लिए खुलकर बोलते हैं। टारगेट छुपाते नहीं। बात सही है या गलत, अलग सवाल है। बोलते ज़रूर हैं।
हमारे समाज की आवाज़ संसद में नहीं है। इसीलिए नीति हमारे खिलाफ बनती है।
अजीत भारती साफ़ कह रहे हैं। राजनीतिक महत्वाकांक्षा उनकी नहीं। जो इस समाज के लिए खड़ा हो, उसे समर्थन है।
—अजीत भारती
अमित शाह जी अपने दिल्ली पुलिस को वहां इन 2 कौडी के गटरछ!प GenZ Cockroach से पीटने के लिए भेजा है क्या ?
#delhipolice को क्यों छूट नहीं देते की एसे लोगों को बढ़िया सबक सिखाये
'रोहिंग्याओं को खामखाह निशाना बनाया गया'
रोहिंग्याओं से हमें कोई समस्या नहीं है "
--- उमर अब्दुल्ला
दूसरे देश के रोहिंग्याओं से कोई समस्या नहीं
लेकिन इनको अपने ही देश के कश्मीरी पंडितों से समस्या है ..
जिनको इनके पिता की सरकार में बेघर कर दिया गया
मंदिर में मांसाहार... 😡
कर्नाटक के बागलकोट में मुस्लिम महिलाओं ने परिवार सहित बसवन्ना मंदिर परिसर में मीट से भरा डिब्बा खोला और खाना शुरू कर दिया।
मंदिर में घुसकर मांसाहार करने के पीछे की मानसिकता क्या है..?
क्या ये भावनाओं से खिलवाड़ नहीं?
मंदिर में मांसाहार... 😡
कर्नाटक के बागलकोट में मुस्लिम महिलाओं ने परिवार सहित बसवन्ना मंदिर परिसर में मीट से भरा डिब्बा खोला और खाना शुरू कर दिया।
मंदिर में घुसकर मांसाहार करने के पीछे की मानसिकता क्या है..?
क्या ये भावनाओं से खिलवाड़ नहीं?
माननीय प्रधानमंत्री जी,
फर्जी केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध घोषित करने तथा 10 वर्ष की सजा और 10 लाख जुर्माना के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
IIT Bombay की घटना के बाद देखिए SC-ST Act का खौफ! बेगूसराय के एक स्कूल में छात्र खुलेआम मोबाइल से नकल कर रहे हैं, लेकिन कोई इनविजिलेटर रोकने की हिम्मत नहीं कर रहा।
आखिर क्यों? कहीं SC-ST Act में फँसा दिए जाने का डर तो नहीं?
जब कानून के डर से नकल रोकने वाले ही पीछे हट जाएँ, तो ईमानदार छात्रों का भविष्य कौन बचाएगा?
BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
@AshwiniUpadhyay@ARanganathan72@HMOIndia
इन मुसलमानों के बच्चों ने तो Proof कर दिया कि Rahul Gandhi ही Muhammad Ali Jinnah है।
अब बस अपने वक्त Rahul को जिता कर PM बनाने का इंतजार कर रहे, उस दिन अपना रूप दिखायेंगे