डुबके: "आप खुद देखिए, 1 महीने पहले हमारे पास क्या था?"
पत्रकार : "मुझे तो लग रहा है, 1 महीने के बाद भी हमारे पास कुछ नहीं है।" 😭
डुपके: "यहां अभी तक कुल 1,30,000 लोग विरोध करने आये हैं।"
पत्रकार : "300 लोग भी नहीं होते यहां पे, लाख तो दरवाजे की बात।" 😭
सोनम वांगचुक और अभिजीत डुबके जंतर-मंतर पर मेम मटेरियल बन गए हैं। 🤣
नवादा: सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत मिले ₹1,100 निकालने बैंक पहुंची एक महिला उस समय हैरान रह गई, जब उसके खाते में 740 करोड़ रुपये दिखने की जानकारी मिली। इस अप्रत्याशित बैलेंस को देखकर महिला सदमे में आ गई। परिजनों के अनुसार, रात भर उसे नींद नहीं आई और उसकी तबीयत भी बिगड़ गई। मामले की जांच की जा रही है।
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सब पैसा का खेल है गुरु 😱🙂
इस लड़के ने ट्रैन मे 4 सीट बुक कि थी यात्री के लिये यात्रा, यात्रा का दिन आया..
यात्री के दिन 4 लोग ट्रैन मे थे लेकिन 3 सीट पे थे और एक दूसरी बोगी मे परिचित के पास बैठे थे, तभी TTE साहब आये और टिकट चेक किया तो 3 पाया 1 नहीं फिर क्या था..Read News
भारत को अक्सर गंदगी और अव्यवस्था के नाम पर निशाना बनाया जाता है। लेकिन एक ट्रैवल यूट्यूबर ने चीन घूमकर कहा—
“सड़कें, निर्माण कार्य, बिजली के तार, बाज़ार… सब कुछ भारत जैसा ही है। जगह-जगह कचरा भी दिखा। फर्क सिर्फ लोगों का है।”
फिर सवाल उठता है—अगर ऐसी समस्याएँ सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं, तो निशाने पर हमेशा भारत ही क्यों?
देहरादून उत्तराखंड
यह सुलेमान खान है जिसने प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ का पैर पकड़ते हुए वीडियो फोटो AI से बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था
पुलिस सर्विलेंस करके जब इसे गिरफ्तार करने गई तब इसके घर पर बोर्ड लगा था कि यह मकान पीएम आवास योजना के तहत बना है
मतलब यह नीच दोगले लोग प्रधानमंत्री मोदी के दिए गए मकान में रह रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी ने इन भिखारीयो को छत दिया है फिर भी यह अपने मन से मोदी के प्रति नफरत इस कदर दिखा रहे हैं कि मोदी जी का AI से बना घटिया फोटो शेयर कर रहे हैं
भारत में, विदेशी #FCRA के तहत पंजीकृत सभी संगठनों में ईसाई चर्चों की हिस्सेदारी केवल 12% है।
हालांकि, वे देश में आने वाले कुल विदेशी फंड का 55% से 60% इनके पास पहुंचता हैं।
केंद्र सरकार द्वारा FCRA कानून में किए गए नए बदलावों की शिकायत केवल ईसाई चर्च ही कर रहे हैं। बाकी 88% पंजीकृत समूहों, जिनमें अन्य धर्म और NGO शामिल हैं, को इससे कोई समस्या नहीं है।
नए FCRA कानून में मुख्य बदलाव जिनका ईसाई चर्च विरोध कर रहे हैं, वे हैं:
1. बैंक खाता: संगठनों का दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में एक FCRA खाता होना अनिवार्य है। (इससे पहले, देश भर के किसी भी बैंक में खाता होना काफी था।)
2. सीधा फंड ट्रांसफर: विदेशी फंड केवल इसी विशिष्ट दिल्ली FCRA खाते में भेजा जाना चाहिए। (इससे पहले, पैसा देश के किसी भी खाते में भेजा जा सकता था।)
3. नकद निकासी नहीं: दिल्ली FCRA खाते से नकद के रूप में पैसा नहीं निकाला जा सकता। (इससे पहले, लोग किसी भी राशि को नकद में निकाल सकते थे, जिससे धोखाधड़ी होती थी।)
4. निजी खातों में ट्रांसफर नहीं: दिल्ली FCRA खाते से निजी बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। (इससे पहले, निजी खातों में पैसा ट्रांसफर करके धोखाधड़ी की जाती थी।)
5. केवल कॉर्पोरेट खाते: दिल्ली FCRA खाते से पैसा केवल आधिकारिक कॉर्पोरेट खातों में ही ट्रांसफर किया जा सकता है।
6. फंड का सख्त उपयोग: पैसा केवल उसी विशिष्ट प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए जिसके लिए वह प्राप्त हुआ है। (इससे पहले, पैसे को अक्सर दूसरी जगह भेज दिया जाता था और उसका दुरुपयोग होता था।)
7. प्रशासनिक खर्च की कम सीमा: विदेशी फंड का 20% से अधिक प्रशासनिक (कार्यालय/संचालन) खर्चों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। (इससे पहले, लोग धोखाधड़ी छिपाने के लिए 50% तक राशि प्रशासनिक खर्चों के लिए इस्तेमाल कर सकते थे।)
जनता को बताए जा रहे अन्य कारण सिर्फ आम लोगों और #ईसाई निवासियों को धोखा देने के बहाने हैं।
बिशप और पादरी जो ईश्वर के वचनों की अवज्ञा करते हैं और रोम (वेटिकन) से पोप के मार्गदर्शन का पालन करने से इनकार करते हैं, उन्हें अब ईसाइयों को गुमराह करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
गजब का खुलासा हो रहा है भाई
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर एक केयरवेल एविएशन कंपनी बनाया
और इस कंपनी को तृणमूल कांग्रेस ने पैसे दिए और पार्टी के पैसे से इस कंपनी ने एक हेलीकॉप्टर और एक प्राइवेट जेट खरीदा
उसके बाद हर बार की यात्रा में अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी जब भी प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते थे तब तृणमूल कांग्रेस के फंड से केयरवेल एविएशन कंपनी को बाकायदा भाड़ा दिया था
मतलब जिस प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर के यह मालिक अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी हैं है तो यह उसका भाड़ा भी पार्टी से वसूलने लगे
मतलब पार्टी के पैसे से जेट और हेलीकॉप्टर खरीद और पार्टी से भाड़ा भी वसूलने वालों
ममता बनर्जी की सफेद सूती साड़ी देखकर आपको यकीन भी नहीं होगा कि इस महिला के पास एक हेलीकॉप्टर और एक प्राइवेट जेट है
इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए कहानी लिखते समय थोड़ा ध्यान रखना पड़ेगा, ऊपर वाले पैराग्राफ में साली की उम्र 22 साल है दूसरे पैराग्राफ में साली 25 साल की हो गई।
😄😄😄😄😄
महिला ने अपने पति 45 साल और 22 की साली को आपत्तिजनक हालात में देख लिया पति ने विरोध करते हुए साली की मांग में सिंदूर कर दिया और कहां से मेरी पत्नी है 🤷😡
एक परिवार में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे रहते थे। पति की सरकारी नौकरी थी और परिवार की ज़िंदगी अच्छी चल रही थी।
इसी बीच पत्नी की 25 साल की अविवाहित छोटी बहन (साली) का घर में आना-जाना था धीरे-धीरे जीजा और साली के बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं और दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे बात इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बन गए।
एक दिन पत्नी ने दोनों को एक ही बिस्तर पर देख लिया। इसके बाद उसने अपनी बहन को मायके भेज दिया, लेकिन दोनों ने फोन पर बात करना बंद नहीं किया।
कुछ समय बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और मंदिर जाकर शादी कर ली। शादी के बाद दोनों घर लौटे और परिवार के सामने कहा कि अब वे पति-पत्नी है
उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि अब उसका अपनी पत्नी और दोनों बच्चों से कोई रिश्ता नहीं है और वह जल्द ही अपनी पत्नी को तलाक दे देगा।
क्या जीजा और साली ने सही किया आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं 👎👎
राहुल गांधी प्रियंका वाड्राइन और अखिलेश यादव के बैंक एकाउंट में करोड़ों रुपए डाले गए अनिल मिश्रा टिन्नू यादव इत्यादि अनेकों अपराधियों द्वारा श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट से
भारत सरकार शीघ्र ही राहुल गांधी प्रियंका वाड्राइन और अखिलेश यादव की पिछले दो वर्षों बैंक स्टेटमेंट चैक कराने की कृपा करें 🙏
उत्तरप्रदेश से ही करोड़ों की राशि डाली गई
प्रमाणित प्रमाण मिलते ही तुरंत राहुल गांधी प्रियंका वाड्राइन और अखिलेश यादव के सभी बैंक एकाउंट सीज किए जाएं
@AmitShah@myogiadityanath@UPGovt@Uppolice
बिहार को इन रूटों पर वंदे मेट्रो 🚇 की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है:
🔹 पूर्णिया ↔ पटना
🔹 थावे ↔ पटना
🔹 मुज़फ्फरपुर ↔ गया
🔹 भागलपुर ↔ पटना
🔹 जमालपुर ↔ जसीडीह
🔹 भागलपुर ↔ आसनसोल (देवघर होकर)
🔹 बरौनी ↔ देवघर (बांका होकर)
🔹 सासाराम ↔ प्रयागराज (वाराणसी होकर)
🔹 छपरा ↔ वाराणसी
🔹 सीतामढ़ी ↔ अयोध्या (जनकपुर–अयोध्या धार्मिक सर्किट को नई रफ्तार मिलेगी)
इन रूटों पर वंदे मेट्रो शुरू होने से रोज़ाना यात्रा तेज़, सुविधाजनक और किफायती होगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
ये लोग लाखों रूपये लगा के एक दूसरे को धक्का
देने के लिए शादी कर रहे हैं क्या।या होड़ लगी है ।
लगता है ये लोग हनीमून बंद करवा के मानेंगे।
यह मामला नोएडा सेक्टर- 75 का है. एक 27 वर्षीय महिला ने अपने पति (हरविंदर चौहान) पर गंभीर आरोप लगाते हुए नोएडा के सेक्टर-113 थाने में एफआईआर दर्ज कराई है ।
दोनों की शादी 30 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसके बाद वे मई की शुरुआत में सिक्किम और दार्जिलिंग हनीमून पर गए थे ।
महिला की शिकायत के अनुसार, 9 मई को दार्जिलिंग के एक होटल में उनके पति ने उन्हें कथित तौर पर सीढ़ियों से धक्का दे दिया, जिससे उनके घुटनों, सिर और पेट में गंभीर चोटें आईं ।
आरोप है कि शादी के अगले ही दिन से उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न शुरू हो गया था, और हनीमून से वापस लौटने पर जब उन्होंने पुलिस शिकायत की बात की, तो उनके साथ फिर से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई ।
पीड़िता के मेडिकल टेस्ट और शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।
अगर आप अपने छोटे बच्चों की देखभाल नहीं कर सकते और उन्हें किसी भी Day-Care के भरोसे छोड़ देते हैं, तो सावधान हो जाइए!
बेंगलुरु के Capgemini के HAL Campus में चल रहे 'Little Buds Day Care' का एक Video सामने आया है।
Video में दिख रहा है कि जब 2–3 साल के छोटे बच्चे रोते थे, तो उन्हें Front-loading Washing Machine के Drum में बैठाकर दरवाजा बंद कर दिया जाता था
उन्हें अंधेरे Bathroom में बंद कर दिया जाता था, Toilet Seat पर लंबे समय तक बैठाया जाता था, Toilet Jet का पानी उनके मुंह में डाल दिया जाता था। इतना ही नहीं, उन्हें घसीटा और मारा भी जाता था!
Video सामने आने के बाद पांच Caregivers के खिलाफ Juvenile Justice Act के तहत Case दर्ज किया गया है।
Police CCTV Footage और Video की जांच कर रही है। बच्चों के माता-पिता और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
अगर आप भी अपने बच्चों को Day-Care में छोड़ते हैं, तो सिर्फ नाम देखकर भरोसा मत कीजिए। पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर कर लीजिए..!
DPS नोएडा के एक अभिभावक ने सोशल मीडिया पर खुली चिट्ठी लिखी है…लाखों ₹ की मोटी फ़ीस देने वाले माँ बाप ध्यान से पढ़े 👇
मैं आप सभी का ध्यान एक घटना की तरफ दिलाना चाहता हूं, जो कल दिल्ली पब्लिक स्कूल नोएडा सेक्टर 132 में मेरी बेटी के एक क्लासमेट के साथ हुई। इतनी उमस भरी गर्मी के बावजूद दोपहर करीब 1 बजे छात्रों को मैदान में ले जाया गया। वहाँ लड़के फुटबॉल खेल रहे थे। अचानक एक लड़का गिर पड़ा। उसके कुछ क्लासमेट्स उसे तुरंत मेडिकल रूम ले गए। लेकिन स्कूल की मेडिकल सर्विस की लापरवाही से उस लड़के की जान चली गई।
उस लड़के को अस्थमा था। गर्मी की वजह से उसे अटैक पड़ा। उसके क्लासमेट्स ने उसे CPR दिया, लेकिन नर्स बहुत धीरे-धीरे काम कर रही थी। बच्चे चिल्ला रहे थे कि उसे अस्पताल ले जाया जाए, जो स्कूल से सिर्फ़ 100 मीटर दूर है, लेकिन उसे मेडिकल रूम के बाहर ही रखा गया और 20 मिनट तक इंतज़ार कराया गया।
20 मिनट बाद हालत और बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। सबसे बुरी बात यह है कि मेडिकल रूम में कोई ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, जो आजकल बहुत ज़रूरी है। सच में बहुत दुख की बात है कि कुछ मिनटों की देरी की वजह से परिवार ने अपना प्यारा बच्चा खो दिया। हम सभी को स्कूलों द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर नज़र रखनी चाहिए, वरना इतनी भारी फीस देने का क्या मतलब है अगर स्कूल हमारे बच्चे को सुरक्षित नहीं रख सकते?
ये हाल नोएडा जैसे शहर के पॉश स्कूल का है 🥺
क्या आप भी दुकान पर जाकर ₹340 की चीज़ के ₹360 देकर चुपचाप चले आते हैं? ये सोचकर कि "छोड़ो यार, ₹20 के लिए कौन बहस करे?"
लेकिन अलीगढ़, UP के एक वकील देवेश कुमार गौतम ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने जो किया, वो हर भारतीय ग्राहक के लिए एक मिसाल है! 👇
देवेश जी ने एक दुकान से सिगरेट का पैकेट खरीदा। MRP थी ₹340, लेकिन दुकानदार ने वसूले ₹360।
देवेश जी ने कैश देने के बजाय UPI से पेमेंट किया ताकि डिजिटल सबूत रहे, रसीद संभाली और सीधे पहुँच गए कंज्यूमर कोर्ट (उपभोक्ता अदालत)।
कोर्ट ने इसे 'अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस' माना और दुकानदार व कंपनी को वो सबक सिखाया जो वो जिंदगी भर नहीं भूलेंगे:
₹20 वापस करो, वो भी 18% ब्याज के साथ!
₹5,000 का हर्जाना (मानसिक परेशानी के लिए)।
₹5,000 कानूनी लड़ाई का खर्च।
और सबसे बड़ा झटका— ₹10 लाख का भारी-भरकम जुर्माना, जो 'कंज्यूमर लीगल एड फंड' में जमा करने का आदेश दिया गया!
डिजिटल पेमेंट का फायदा: जब भी कोई MRP से ज्यादा मांगे, ऑनलाइन पेमेंट करें ताकि आपके पास पक्का सबूत रहे।
बिल मांगना आपका हक है: बिना सबूत के कानून भी आपकी मदद नहीं कर सकता।
जागो ग्राहक जागो: MRP का मतलब ही यही है कि कोई भी आपसे उससे 1 पैसा भी ज्यादा नहीं वसूल सकता।
अगली बार जब कोई दुकानदार आपसे 'ठंडा करने का चार्ज' या 'एक्स्ट्रा ₹10' मांगे, तो उसे अलीगढ़ के इस केस की याद जरूर दिला देना! 😉
क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि किसी ने MRP से ज्यादा पैसे लिए हों? आपने क्या किया? कमेंट्स में बताएं! 👇