अमेठी का एक गुमनाम सा लड़का, 26 साल की अथक मेहनत के बाद, आज दूसरी बार भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुआ.
अगर मैं ये कर सकता हूँ, तो कोई भी कर सकता है. मेरे युवा साथियों, बस लगे रहो, डटे रहो, और अपने माता-पिता का आशीर्वाद कमाते रहो. असंभव कुछ भी नहीं है!
#JaaneDo #maidaan @BoneyKapoor@iamitbsharma@arrahman #HiralViradia @saregamaglobal@ZeeStudios_
#teammaidaan #NationalFilmAwardWinner
हर सनातनी हिन्दू के मोबाइल में यह वीडियो क्लिप अवश्य सेव होना चाहिए.... इस बेहद छोटी सी क्लिप से बहुत कुछ परिवर्तन हो सकता है... कम से कम युवा पीढ़ी में जागरण आ सकता है...
एक 28 वर्ष के युवक की सच्ची अभिव्यक्ति है यह क्लिप !!
जयश्रीराम... जयहिंदुराष्ट्र !!
टीचर - बेटा पेंट क्यों फटी हे
स्टूडेंट- पेंशन के पैसे आने तब लाने
टीचर - पापा क्या करते हे
स्टूडेंट - पापा मर गए 😞
टीचर - उदास होते हुवे, बेटा मम्मी क्या लेती
स्टूडेंट - मम्मी भी मर गई 😢
जिंदगी सबके लिए समान नहीं होती, सबको अपनी पीड़ा दुखदाई लगती लेकिन आपसे भी कठिन जीवन कोई जी रहा
याद रखें हतास होने से कुछ नहीं होना जिंदगी का नाम चलना हे और ये प्यारा नन्हा बच्चा एक उधारण ✍️
हिंदुत्व और भगवा के अपमान से नाराज लोगों के विरोध का तरीक़ा गैरवाजिब कहा जा सकता है, पर हिस्ट्रीशीटर पप्पू यादव की अगुवाई में कांग्रेसी गुंडों ने जिस तरह घेर कर खुलेआम हिंदुओं की माब लिचिंग की कोशिश की, वह बेहद घटिया, शर्मनाक और बर्बर है, पुलिस को तत्काल कठोर कार्रवाई करनी चाहिए !!
अभी गुरु पूर्णिमा बीती,गुरूओं,साधु-संतों,पुजारियों को ढूँढ लोगों ने उन्हें पूजा,उनका वंदन किया,ऐसे में एक तिहाडी गैंगस्टर को भगवा पहना सनातन का जो भद्दा मजाक हुआ,उसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे,सेकुलरिज्म के नाम पर कभी गोल टोपी में ऐसे ड्रामे करने की औक़ात नही होती,पर भगवा हमेशा इनके निशाने पर होता है !!
ये लोग कहते हैं कि नीट पर 18 घंटे चर्चा करेंगे?
लेकिन चर्चा किनसे करेंगे, नेताओं से?
जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं
वो मेरे जैसे छात्रों का दर्द क्या समझेंगे?
~ Harsh Dubey, NEET Aspirant
मेरे शर्ट के नीचे फटी बनियान हैं आपके स्टूडियो में मै इज्जत ढक के आया हु - नीट टॉपर हर्ष दुबे
हमने परमिशन मांगी इस सरकार ने नहीं दिया
और आतंकियों को परमिशन एयरपोर्ट पर जाके पहुंचाया जाता है
इस देश में 90% बच्चे आत्म हत्या करते है वो सामान्य वर्ग के होते हैं NEET पेपर लीक में जो मरे हैं वो अधिकतर सामान्य वर्ग के है
कोई नहीं बात करना चाहता इसपर
मेरे साथ पढ़ने वाले जिनके बाप हॉस्पिटल हैं बड़ी बड़ी नौकरी थी उनका सिलेक्शन आधे आधे नंबर पर हुआ
आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं राज्य अनुसार भी है इस लेवल तक आरक्षण को सिस्टम में घुसा दिया गया है
560 में यूपी बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं होगा
लेकिन 530-540 में अलग राज्य के बच्चों का सिलेक्शन हो जाएगा
अब बताओ सवर्णों तुम्हारे अंदर शर्म की पानी है कि नहीं कब हम बोलेंगे ?
हुलिया देख के हुनर का अंदाज मत लगाना
ये है UP देवरिया की पूनम देवी
यूट्यूब पर मैथ्स और फिज़िक्स पढ़ाती है (60K SUBS)
साधारण बोर्ड , बिना मेकअप, साधारण कपड़े पहनकर पढ़ाती है
यहा कंट्रोवर्सी नहीं , केवल पढ़ाई होती है
शिक्षक फैजल खान जेसे नहीं...पूनम देवी जेसे होते है
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी
आपको सीधा टैग कर लिख रहा हूं ताकि ये बात आपकी नज़र में आ सके।
लखनऊ अग्निकांड के बाद हादसे की गंभीरता को समझते हुए आप अलीगढ़ का अपना दौरा छोड़ कर लखनऊ लौट गए। ऐसा सोशल मीडिया से ही पता चला। इस मामले में जो कार्रवाई होगी वो तो आप करेंगे ही ऐसा भरोसा है। जिस तरह से इस अग्निकांड को सिर्फ़ एक हादसा नहीं आपराधिक कृत्य के तौर पर रिपोर्ट किया जा रहा है, ऐसे में लखनऊ अग्निकांड में मारे गए छात्रों/लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तो यही होगी कि क़सूरवार को जल्द और अधिकतम सज़ा मिले।
एक बात साफ़ है कि प्रदेश में जब भी और जहां भी अग्निकांड होता है, छवि सरकार की ख़राब होती है… क़सूरवार बेशक कुछ स्थानीय अधिकारी ही क्यों न हों। ऐसे में मेरी एक सलाह है। अग्निकांड में मारे जाने वालों के प्रति बड़ी श्रद्धांजलि ये होगी कि ऐसे आपराधिक कृत्य करने वालों पर अग्निकांड से पहले कार्रवाई हो।
कोई कह सकता है कि ये तो बहुत सामान्य सी और बहुत बार दोहरायी जा चुकी सलाह है। लेकिन मैं एक ख़ास शुरुआत की सलाह देना चाहता हूं जिसे आप ग़ाज़ियाबाद-नोएडा से कर सकते हैं।
यहां सैंकड़ों ऐसी बहुमंज़िली सोसाइटीज़ हैं जहां फ़ायर सेफ़्टी नियमों की धज़्जियां उड़ायी गई हैं और उड़ायी जा रही हैं। आप अपने सबसे भरोसेमंद अधिकारियों को निर्देश देकर ऐसी सोसाइटीज़ के ख़िलाफ़ एक अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। वे सोसाइटीज़ को चिन्हिंत कर वहाँ सदल बल जाएं, वीडियो कैमरा भी लेकर जाएं, सोसाइटी की कमियों को बताएं और ज़िम्मेदारों को चिन्हित करें, चाहे वे बिल्डर हों या प्रबंधक... और इसे सोशल मीडिया के ज़रिए भी लोगों को बताएं।
इससे फ़ायदा ये होगा कि सोसाइटीज़ में रहने वाले निवासियों को पता चलेगा और उनमें भी जागरुकता आएगी कि वे किस तरह के ख़तरों के बीच रह रहे हैं। क़ानूनी कार्रवाई हो सो हो, निवासियों को पता तो चले कि उनके अधिकार क्या हैं और उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी किन लोगों की है?
ये छोटी सी सलाह है। मुझे लगता है कि इन सोसाइटीज़ में रहने वाले लोगों का बड़ा समर्थन मिलेगा। शुरुआत तो कीजिए। ये एक नज़ीर बनेगा और फिर इसे दूसरी तरह की इमारतों के लिए भी लागू किया जा सकता है।
आपका धन्यवाद
@CMOfficeUP
अरे अखिलेश यादव जी @yadavakhilesh
हमको लग रहा था कि आप राजनीतिक रूप से कुछ तो समझदार इंसान होंगे ही। मां-बाप के आशीर्वाद से बिदेस में अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हैं। मगर अब पक्का पता लग गया है कि आप निरे 'गोलू' टाइप के इंसान हैं। आपके देसी चाचा लोग आपको निपटाने की पूरी सुपारी ले चुके हैं। आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसकने वाली है।
मगर क्या कहा जाए, यही दुनिया है... हम आपको आगाह कर रहे हैं तो आप हमारा अहसान मानने की जगह उलटे हमारे पर ही रौब गांठ रहे हैं। हमारे फिक्र में दुबले मत होइए... हमारा आप और आपके लोडर कितना भी कुछ चाह लेंगे, तब भी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे... चिंता अपनी सोने की लंका की कीजिए।
वैसे सोने की लंका तो अब बची नहीं है। बिदेसी भतीजे को गोलू बनाके देसी चाचाओं ने सोने को पहले ही पीतल में बदल दिया है। तो अपनी पीतल की लंका ही बचा लीजिए... मगर लिख लीजिए बचेगी फिर भी नहीं...
याद है न 2008 का 'वोट के बदले नोट कांड' आप ही लोगों का किया धरा है... लोकतंत्र की रक्षा में आप लोग सांसद खरीद रहे थे...
बहुत कहानियां हैं आप लोगों के काले कारनामों की...एक एक करके उजागर करता रहूंगा... घबड़ाइए मत...
हमको एक बात से बहुत तकलीफ़ है, आम जनता से तो प्रार्थना की गई कि डीजल पेट्रोल बचाएँ, काश नेताओं के चार्टरों पर भी रोल लगाया जाता:- कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री
बात तो खरी है!
आज जुम्मा है...🚨
और माननीय हाईकोर्ट ने भोजशाला को
मंदिर बताते हुये नमाज पर रोक लगा दी है...
अगर किसी का भी पत्थर वाला कीड़ा जागा
तो ध्यान रखना मेरा नाम IPS आशीष पांडे है
इतने डंडे बजाऊंगा कि अंडे खाना भी भूल जाओगे
सूचना: SP धार MP द्वारा जनहित में जारी 🖐️
भारत सरकार ने बिजली उत्पादन में कमाल किया है और 269.5 GW की मांग आसानी से पूरी हो गई। हम आप साधन संपन्न लोग हैं। जिसके भी घर, गाड़ी और कार्यालय में #AC की सुविधा है, साधन संपन्न ही हुआ, लेकिन देश के करोड़ों लोगों को यह गर्मी जीने नहीं दे रही है। अभी समाचार पढ़ा कि, विश्व के 100 सर्वाधिक गर्म शहर भारत के ही हैं। विश्व के सर्वाधिक 10 गर्म शहरों में 2 छत्तीसगढ़ के और 8 हमारे उत्तर प्रदेश के हैं। सबसे अधिक गर्म 10 में से 7 शहरों में तापमान 47 के पार जा चुका है। हर छत वाली घर पर सोलर और पौधा आवश्यक कर दिया जाना चाहिए। हर नदी की सफाई का काम समय से हो जाए तो जमीन की गर्मी थोड़ी कम हो सकेगी। @Mayawati जी के समय में उत्तर प्रदेश में तालाब पर कब्जे हटे थे और नए तालाब खोदे गए थे। हाल में ऐसा हुआ नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश को इस मामले में गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। इससे इस साल की गर्मी से बहुत राहत नहीं मिलेगी। उसके लिए फौरी इंतज़ाम करना होगा, लेकिन नदी की सफाई और तालाब खोदने/कब्जे हटाने का काम हो सका तो आगे बेहतर पर्यावरण हो सकेगा। @myogiadityanath जी इसे बड़े अभियान के तौर पर हाथ में लीजिए। @narendramodi जी, इसे देशव्यापी अभियान के तौर पर आगे बढ़ाइए।
समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर ख़ामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है।
वैसे भी सपा प्रवक्ता के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुँची है तो उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा।
इसके अलावा, इस ताज़ा प्रकरण से लोगों की नज़र में यह भी साबित है कि सपा का ख़ासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज़्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो ज़बरदस्त नाराज़गी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है,
जबकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।