अपने सकंल्प और सद्प्रयासों से युवाओं उप्र के बस्ती जिले के ‘लजघटा’ से गुजरनेवाली नदी को स्वच्छ बनाने का ये प्रयास बेहद सराहनीय है और उस भाजपा सरकार को दिखाया गया आइना भी जिसने नदियों की सफ़ाई के नाम पर सिर्फ़ करोड़ों का फ़ड खाया लेकिन उन्हें साफ़ करके नहीं दिखाया।
हम इन युवकों से मिलकर इनका सम्मान करेंगे।
ये मनोबल और एकता की जीत है!
हर आंदोलनकारी और उनका किसी भी तरह सहयोग करनेवाले हर एक को इस ‘Big-Win’ की अनंत बधाई!!!
युवाओं ने Examination & Education की लड़ाई जीतकर जो शुरुआत की है वो :
- अब संविधान को हाथ में लेकर EVM और चुनाव सुधार तक भी पहुंचेगी
- अब भाजपा चुनावी घपलों और सांसदों-विधायकों की ख़रीद की जो नेगेटिव पॉलिटिक्स करती है, अब उसका भी अंत होगा
- कमीशनख़ोरी के भाजपाई भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश होगा
- सत्ता पोषित मीडिया के ‘दाने-गाने’ के संबंधों का भी अंतकाल होगा
- पीड़ित, दुखी, अपमानित पर अब न बुलडोज़र चल पायेगा, न किसी निर्दोष का एनकाउंटर होगा
- अब किसी दुखी माँ का अपमान कोई नहीं कर पाएगा
- अब बच्चियों और युवाओं पर कोई हाथ नहीं उठाएगा
- अब किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, कारोबारियों का पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा
- अब भगवान तक को धोखा देनेवालों पर कोई रत्ती भर भी ऐतबार नहीं करेगा
- साम्प्रदायिक राजनीति का सूरज आज से ढल जाएगा
- अब संविधान के दिये हक़ कोई नहीं मार पाएगा।
अब नया दौर आयेगा, जो बदलाव लाएगा!
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
NEET है या CHEAT है?
NEET REEXAM में घपलों की ख़बरें बढ़ती जा रही हैं लेकिन भाजपा सरकार में न किसी की ज़िम्मेदारी तय की जाती है, न किसी की जवाबदेही। इस्तीफ़ा देना या दिलवाना तो असंभव बात है।
अभ्यर्थी कह रहे हैं कि कड़वा सच ये है कि भाजपा के संगठन में भी सबसे ऊपर बैठे तथाकथित नैतिक लोग अपने किसी संगी-साथी मंत्री पर दबाव बनाकर इस्तीफ़ा लेने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अपने को फँसता देख, वो मंत्री जी कहीं बाक़ी सारे भाजपाई हिस्सेदारों के घपलों का दबा-छुपा राज़ न खोल दें। यही हाल भाजपा सरकार के हर मंत्रालय का है, इसीलिए भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।
जनता पूछ रही है कि ‘मुख़बिरी और लीक में कोई ऐतिहासिक संबंध होता है क्या?’
छुपे बैठे भ्रष्टाचार की काली कोठरी में
भाजपाई साझेदार हैं लूट की पोटली में
#NTA
#NEET
#NEET_REEXAM
अब पता चला कि खुफिया जानकारी अखिलेश जी को पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने दी थी....
अभिषेक जी ने खुलासा किया था कि SIT की टीम में जो व्यक्ति है उस पे 420 का मुकदमा दर्ज है
सरल, सहज, सौम्य व कर्मठ व्यक्तित्व के धनी, विकासोन्मुखी राजनीति की प्रबल व प्रगतिशील समाजवादी आवाज़, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @yadavakhilesh जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके स्वस्थ, सफल, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री @yadavakhilesh जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत बधाई !
श्री हनुमान जी महाराज से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख, समृद्धि तथा निरंतर यश और सफलता प्रदान करें !
आप सदैव स्वस्थ, ऊर्जावान एवं जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहें ऐसी कामना करता हूँ!!
जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई @yadavakhilesh जी।
PDA की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिल कर पूरा करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा में सपा संसदीय दल के नेता आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
हम ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करते हैं।#AkhileshYadav
उत्तर प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं PDA के नेता...
श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की ड़ेरो बधाई एवं अन्नत शुभकामनाए 💐🎊
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ एवं दीर्घायु प्रदान करे 🙏
Dr. Abhishek Shukla (Geriatrician) explained an important fact about sweat and body odor. Many people think sweat itself smells bad, but this is not true. Sweat, in its pure form, is actually odorless. It has no foul smell at all. This is the first thing everyone should understand clearly.
Then why does sweat sometimes cause such a strong smell from the body, socks, or shoes? The answer lies in the bacteria living on our skin. Our skin naturally has millions of bacteria. When sweat comes out, it contains water along with some proteins and fats. These bacteria use those proteins and fats as food. During digestion, they produce certain by-products, and these by-products are what create the bad smell.
The strength of body odor depends on three major things — the type of sweat gland, the kind of bacteria on the skin, and external factors like food, lifestyle, and environment.
There are two main sweat glands in our body:
1. Eccrine glands
These are present on exposed parts of the body like the face, hands, and forehead. They mainly produce water and salt. Their main job is to cool the body. In hot weather, sweat evaporates from the skin, taking heat away and reducing body temperature. This sweat usually causes very little odor.
2. Apocrine glands
These are found mainly in the armpits and groin area. They become active after puberty and during stress or anxiety. The sweat from these glands is thicker and richer in proteins and fats. Because of this, bacteria get more food and produce stronger-smelling compounds.
The common bacteria involved are Staphylococcus and Corynebacterium. They break down sweat and produce chemicals like propionic acid, which creates a sour or pungent smell.
Food also affects body odor. Onion, garlic, and spicy foods can change the smell of sweat. Stress can also increase odor because it activates apocrine glands.
So remember:
Heat → Eccrine glands → Water + Salt → Less odor
Stress → Apocrine glands → Protein + Fat → More odor
These are the basic facts behind sweat smell. In the next part, we will discuss how to prevent it.#bodyodour #hyperhidrosis #excesssweat #miradry #odour #underarmsweat #antisweating #nosweat #feelconfident #permanent #spiderveins #isclerotherapyinjections
हमें बैठने के लिए E-Rickshaw नहीं मिलती... 😭
और इधर भाई साहब ₹20 लाख की Scorpio की छत पर भैंस का गोबर भरकर खेत में खाद डाल रहे हैं
शहर वाले गाड़ी को स्टेटस सिंबल मानते हैं,
गाँव वाले गाड़ी को काम का सामान।
यही फर्क है दिखावे और ज़रूरत में।