‘मुँह नुचुआ’ तो सुना था अब ‘चुनाव मुचुआ’ आ गये हैं।
अब एक देश का एक मत
भ्रष्ट ‘मुचुआ’ दें त्यागपत्र!
… बाक़ी मतलब समझने के लिए जेन ज़ी और जागरूक हो चुकी जनता बहुत समझदार है।
मैं पहले दिन से इस बात पर कायम हूं कि CJP को BJP ने ही बनाया है.
पहले दिन से प्लान था कि विपक्ष को डिस्क्रेडिट करके, अपने हिसाब का विपक्ष तैयार कर दिया जाए.
एयरपोर्ट पर परमिशन देना हो, या जंतर-मंतर पर धरना चलते देना हो. सब कुछ प्लान के हिसाब से था.
मैं ये गारंटी के साथ कह सकता हूं- 20 तारीख से पहले मोदी सरकार चाह देती तो 1 घंटे धरना ना चल पाता, लेकिन सरकार ने स्क्रिप्ट के हिसाब से चलने दिया.
वांगचुक जिन्हें खुद अमित शाह ने जेल से निकाला था, उनका भूख हड़ताल करना, और अचानक से एक सुबह उन्हें उठा लेना. सब कुछ स्क्रिप्ट के हिसाब से था.
बस 20 तारीख को जो हुआ, वो ना BJP को पता था, ना ही CJP को अंदाजा. बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच गए.
यहां से सब कुछ स्क्रिप्ट के बाहर चला गया. इसलीए CJP की पूरी टीम ही मौके से गायब हो गई. किसी को एक लाठी नहीं पड़ी.
देश भर से आए बच्चों ने सब कुछ झेला, और उसके बाद ये मामला बहुत बड़ा हो गया. जो अब BJP और CJP के कंट्रोल से बाहर था.
स्क्रिप्ट का अंत करीब-करीब ऐसा ही था, जिसमें सरकार संवेदनशील लगे और विपक्ष के नाम पर कुछ लोग खड़े कर दिए जाएं, जो सरकार के हिसाब से हों.
क्योंकि विपक्ष पिछले 3 साल में बहुत ज्यादा मजबूत हो गया था. खासकर युवाओं के बीच में अपनी पहुंच मजबूत की थी. इसी बात को तोड़ने के लिए CJP का नाटक किया गया.
जब 20 तारीख के बाद मामला स्क्रिप्ट के बाहर गया तो पहले कुछ वक्त इंतजार हुआ. फिर वांगचुक को खुद सरकार ने सूप पिलाकर मामला खत्म किया.
और आखिर में धमेंद्र का इस्तीफा हो गया.
इस्तीफे के बाद जिस तरह से सरकार के मंत्री बता रहे हैं कि धरना तत्काल खत्म किया जाए, वो बताता है कि इसे कौन चला रहा था.
आप खुद सोचिए, ये जितने सेलिब्रेटी हैं, ये अचानक से कैसे बोलने लगे. एक जैसी टीशर्ट पहनकर, कॉओर्डिनेटेड तरीक से. जिनके लिए पैसा ही सब कुछ है, वो देश की चिंता क्यों करने लगे, वो भी अचानक.
अब लोगों के बीच ये भ्रम पैदा हो गया कि CJP की सरकार सुन रही है, विपक्ष वही है. सरकार यही भ्रम लोगों में बनाए रखना चाहती है. और स्क्रिप्ट के हिसाब से ये बात लोगों में चली गई.
सरकार को अपने हिसाब का विपक्ष मिल गया, जिसे वो अपने हिसाब से चला सकती है. जो भी इस भ्रम जाल में फंस रहा है, वो अपना और देश का नुकसान कर रहा है.
इस पूरे आंदोलन में लेफ्ट के जितने भी छात्र संगठन, कांग्रेस के छात्र और युवा संगठन और बाकी विपक्ष के छात्र संगठन शामिल हैं, उनकी मंशा साफ थी. वो असल में विपक्ष का काम कर रहे थे.
इस आंदोलन में जितने भी युवा थे, जो देश के अलग-अलग कोनों से जुड़े, सबकी मंशा साफ थी.
बस CJP का मामला अलग है, जिसपर बहुत संदेह है. इसे लेकर सावधान रहना ठीक.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं PDA के महानायक, भारत के भविष्य आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी के जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।🎂💐❤️🙏
@yadavakhilesh#HAPPYBIRTHDAYBHAIYAJI
There are moments in sport that stay with you forever.
Every sacrifice, every setback, every practice session, every cheer from the stands- it all led to that unforgettable night.
Proud to have shared it with an incredible group of people and to have experienced it with millions of Indians around the world.
Thank you for making us feel your love before, during and long after that final. June 29, 2024. Celebrating you forever ♾️
गौतम गंभीर KKR का पूर्व खिलाड़ी और कोच रहा है,
इसलिए KKR के इस रद्दी प्लेयर हर्षित राणा को बिना प्रतिभा टीम में शामिल करवाता है
और T -20, ODI और Test सब टीम का Playing 11 में रखता है,
सूर्या और रिंकू जैसे सूरमा को बाहर कर दिया गया टीम से,
मोहम्मद शामी से इसकी अलग ही दुश्मनी है,
हर्षित राणा के गोटों में तेल लगाकर लगाकर खिलाड़ी बनाया जा रहा है,
लेकिन गंभीर भूल रहा है,
सांड का आंड कितना भी सोहरा लो
वो दूध कभी नहीं देगा,
एक तानाशाह ने हर चीज पर कब्जा जमा रखा था. सारी मशीनरी उसके काबू में थी.
लेकिन उसे ये संदेश भी देना था कि देश में लोकतंत्र है, जनता की सुनी जाती है, उनका ख्याल रखा जाता है.
इसलिए तानाशाह ने खुद से अपने विरोधी नियुक्त किए, जो उसका विरोध करके लोगों को बताएं- देखो जनता की सुनी जाती है, देश में लोकतंत्र है.
तानाशाह अपने विरोधियों का अपने ही मीडिया से प्रचार भी करवाता, उन्हें खूब फुटेज दिलवाता.
वैसे तो तनाशाह किसानों-मजदूरों को प्रदर्शन न करने देता, लेकिन अपने फिक्स किए हुए विरोधियों को तुरंत प्रदर्शन की अनुमति दे देता.
तानाशाह के इस एक मास्टरस्ट्रोक से जनता में भ्रम बना रहता कि देश में सब ठीक है, लोग प्रदर्शन कर पा रहे हैं, लोकतंत्र मजबूत है.
जय हो
Sky ने दो वर्ल्ड कप जिताया।
एक कैच के दम पर और एक कप्तान के रूप।
वह ऐसा कप्तान थे जो टीम को जीतने के लिए कभी 3 नंबर पर कभी 4 नंबर पर कभी 5 नंबर बल्लेबाजी करने आते थे कि टीम जीत जाए।
फिर भी जातिवादी लोगों ने उसे बाहर कर दिया।
वह अजेय था अजेय है अजेय रहेगा।
बच्चों का है खेल साइकिल
कभी न मांगे तेल साइकिल
चलती रेलम पेल साइकिल
रखती जग से मेल साइकिल
इसका मालिक रहे सुखारी
साइकिल भी है खूब सवारी
थोड़े दाम काम दे भारी
- श्री उदय प्रताप सिंह जी
सर @samrat4bjp, आपसे विनती है की ऐसे अपराधी को ऐसी सजा दीजिए की दुबारा कोई सपने में भी ना सोचे ।
इस से शर्मनाक कुछ हो ही नहीं सकता हमारे प्रदेश के लिए।
लगता है लखनऊवालों से प्रतिस्पर्धा के चक्कर में किसी और ने भी नाम बदलना सीख लिया है, और ‘चुनाव आयोग’ का नाम बदलकर ‘विकास’ कर दिया है और उसे अपनी जुगाड़ी जीत का आधार बता रहे हैं।
यूपी में पिछले चुनाव में ख़ुद हारे हुए जो प्रतीक्षारत हैं वो भी आगे की जीत के दावे कर रहे हैं।
‘24 में हराया था, ‘27 में हटाएंगे
अपनी ‘पीडीए सरकार’ बनाएंगे!