➡️ कूड़े के पहाड़ हट रहे हैं।
➡️ प्रदूषण पर नियंत्रण बढ़ रहा है।
➡️ हवा की गुणवत्ता पर 24x7 नजर रखी जा रही है।
भाजपा की डबल इंजन सरकार दिल्ली को समस्याओं से समाधान और अव्यवस्था से विकास की ओर ले जा रही है। 🌿🇮🇳
एक गंभीर समस्या आ गई है. 28 एनजीओ का नेटवर्क ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के खिलाफ पिछले दो महीने से प्रोटेस्ट करना चाहता है. तीन बार तारीख बदल चुकी है. जिस दिन रखते हैं, बरसात हो जाती है. वे मांग कर रहे हैं कि भारत कोयला, सोलर, डैम और न्यूक्लियर से बिजली न बनाए. वरना ग्लोबल वार्मिंग बढ़ेगी.
एक ग्लोबल पेट्रोलियम कंपनी इनको स्पांसर कर रही है. उसके थिंक टैंक के लोग बिजली बनाने के हर तरीके के खिलाफ लेख लिखते हैं और टीवी पर बोलते हैं. पर प्रोटेस्ट न होने से समस्या आ रही है.
कांग्रेस का काला अध्याय
91. 15 जून 1953 इस देश में मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति का दुबारा सूत्रपात हुआ,इसके सूत्रधार बने जवाहर लाल नेहरु जी।15 जून 1953 को अखिल भारतीय मुस्लिम,मौलाना सम्मेलन हुआ,उस सम्मेलन का पहला एजेंडा था कि हम पहले और अंतिम केवल मुसलमान हैं और हमारी विचारधारा या देशभक्ति केवल इस्लाम है ।उनका दूसरा एजेंडा था कि मुसलमानों के लिए अलग क़ानून वक़्फ़ जो कि उत्तर प्रदेश के एक सांसद सैय्यद मुहम्मद अहमद कासमी ने 1952 में पेश किया है उसे पारित किया जाए ।इस सम्मेलन के खिलाफ लखनउ में दंगा हो गया, नेहरु जी ने हिन्दूओं को गाली देना शुरू कर दिया,उन्होंने कैलाशनाथ काट्जू जी को नवम्बर 1953 में पत्र लिखकर कहा कि हिन्दू और यहूदी में कोई फ़र्क़ नहीं है,हिंदू दंगाई है तथा हिन्दू अविश्वसनीय है ।हिन्दुओं के कारण भारत का भविष्य अंधकार में है,उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री गोविन्द बल्लभ पंत जी का हिन्दी पर सम्मेलन का आग्रह ठुकराया क्योंकि वे उर्दू सम्मेलन में जाना चाहते थे ।परिणाम 1954 में आया एक सांसद कासमी जी का व्यक्तित्व बिल वक़्फ़ क़ानून बन गया,39 लाख एकड़ के मालिक मुस्लिम वक़्फ़ बोर्ड के लोग हो गए,पाकिस्तान बनाने वाले लोगों की सरकारी संपत्ति भी वक़्फ़ की हो गई,दिल्ली के अंदर ही 117 ऐतिहासिक इमारतों पर क़ब्ज़ा हो गया ।हिन्दू दोयम दर्जे के नागरिक हो गए
#CongressDarkHistory
मुंबई के वर्सोवा इलाके में रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह रोज 15000 स्टेप्स पूरे करने के लिए रात में वॉक पर निकलती हैं।
महिला के अनुसार पिछले करीब एक महीने से एक सोसाइटी का बुजुर्ग वॉचमैन उन्हें लगातार घूरता था। उनका कहना है कि कई बार वह अपने प्राइवेट पार्ट को भी छूता था, लेकिन उम्र ज्यादा होने की वजह से उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।
लेकिन एक रात उस वॉचमैन ने सारी हदें पार कर दीं। उसने महिला की तरफ देखते हुए अपनी पैंट की जिप खोल दी और musterB@te करने लगा!
इससे महिला काफी डर गई । लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए चुपके से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और पास में मौजूद मुंबई पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को पूरी घटना की जानकारी दी।
महिला के अनुसार इसके बाद पुलिसकर्मियों और सोसाइटी के सेक्रेटरी ने तुरंत कार्यवाही किया
harassment की कोई उम्र नहीं होती और ऐसे मामलों में लड़कियों को चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवाज उठानी चाहिए..!
8000 + से ज्यादा हिंदू महिलाओं के फोटो-वीडियो लव जिहादी के मोबाइल से बरामद!
कर्नावती में लव जिहाद की नई और खतरनाक मोडस ऑपरेंडी का खुलासा हुआ है।
आरोप है कि करीम सिपाही नाम का शख्स मैट्रिमोनियल साइट पर “आदित्य पटेल” बनकर हिंदू विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को फंसाता था। खुद को बड़ा कारोबारी बताता था, भरोसा जीतता था और फिर महिलाओं को अपने जाल में लेता था।
सबसे बड़ा खुलासा — आरोपी के मोबाइल से 8000 से ज्यादा हिंदू महिलाओं के फोटो और वीडियो मिलने की खबर सामने आई है।
यह केवल एक व्यक्ति की करतूत नहीं लगती, यह हिंदू बहन-बेटियों की सुरक्षा पर सुनियोजित हमला है।
सवाल उठता है —
मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी हिंदू नाम से प्रोफाइल कैसे बनती है?
फर्जी आधार और वोटर कार्ड कैसे बने?
इतनी महिलाओं का डेटा आरोपी तक कैसे पहुंचा?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है?
हिंदू समाज सावधान रहे।
फर्जी नाम, फर्जी पहचान और फर्जी धर्म बताकर रिश्तों के नाम पर जाल बिछाया जा रहा है।
मांग स्पष्ट है —
मैट्रिमोनियल साइट्स पर पुलिस-वेरिफाइड KYC अनिवार्य हो।
फर्जी पहचान बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
पीड़ित महिलाओं की पहचान सुरक्षित रखी जाए।
पूरे नेटवर्क की जांच हो।
@Jeevansathi_com@ShadiDotCom@sanghaviharsh
#LoveJihad #MatrimonialFraud
अमेरिका ने ईरान के सामने घुटने टेक दिए। शांति समझौता हो गया।
ईरान को बस यह आश्वासन देना पडा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और बस, सारी आर्थिक नाकाबंदी, प्रतिबंध समाप्त! उल्टे युद्ध की क्षतिपूर्ति के रूप में ईरान को अरबों डॉलर्स की सहायता मिलेगी।
खाडी से अमरीकी प्रभाव लगभग समाप्त है। कोई भी समझदार देश अब अमेरिका पर विश्वास नहीं करेगा। नाटो लगभग मृत है, युरोपिययन देश अमेरिका से दूरी बना रहें हैं, भारत के साथ रिश्तें खटाई में है, इस्राईल भी खुश नहीं ही होगा क्योंकि समझौते की शर्त के अनुसार उसे लेबनन में हिजबुल्ला पर आक्रमण रोकना होगा।
भारत के लिए राहत सिर्फ इस बात की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोलने पर सहमति बन गई है। पेट्रोल के प्यासे और एलपीजे के भूखे चमचे अब पेट भर पाएंगे!
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को अभूतपूर्व क्षति पहुँचाई है। साथ ही उन करोडों ईरानी लोगों के सपनों और आशाओं को भी तोडा जो इस नरभक्षी शासन से स्वतंत्रता के सपने देख रहें थें, जो ईरान के मूल स्वरूप में वापस लौटने के सपने देख रहें थे!
🚨 BIG! Yogi Adityanath’s administration in ACTION mode.
₹1 lakh reward criminal Mohammad Izrayal, the main accused in the murder of saint Baba Milandas, was KILLED in an encounter WITH by UP Police in Unnao.
— Izrayal carried a bounty of ₹1 lakh on his head.
एक और ड्रामा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने किसी भी पक्ष द्वारा और हमलों न करने की अपील की है, इसके बाद इजराइल की सेना ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए जाने की घोषणा की।
इससे अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए डील को अंतिम रूप देने के प्रयासों में मुश्किल हो सकती है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और १६ अन्य घायल हुए हैं।
अब चूंकि आयुष मलिक धीरे-धीरे अपने मूल स्वरूप में लौटता हुआ दिखाई दे रहा है, तो वह अपने माता-पिता के पास लौटे और हिंदू धर्म में वापसी करे।
यदि आयुष उसके लिए मुस्लिम बन सकता है, तो उसकी मुस्लिम पत्नी भी अपने पति के लिए हिंदू बन सकती है। वह भी उसके साथ आए और दोनों अपने परिवार के साथ नया जीवन शुरू करें। 🤔
President Droupadi Murmu met a group of artists of traditional miniature art forms of India and witnessed their work at Rashtrapati Bhavan. Eleven artists staying at Rashtrapati Bhavan under its Artists-in-Residence programme displayed different art forms such as Rajasthani, Pahari, Guler, Kangra etc. The Artists-in-Residence programme is a celebration of the spirit of India’s artistic traditions, reaffirming the important role of living art traditions in preserving cultural identity and inspiring future generations.
सिख पंथ, ब्राह्मण और वाल्मीकि समाज
औरंगेजब के शासन काल में 1675 में कुछ कश्मीरी ब्राह्मणों का एक समूह Guru Tegh Bahadur के पास धर्म परिवर्तन से बचाने की गुहार लेकर आया।
गुरु तेग बहादुर ने कहा कि की औरंगजेब से कह दो अगर तेग बहादुर ने इस्लाम स्वीकार कर लिया तो वे भी कर लेंगे।
इसके बाद उन्हें मुगल सम्राट Aurangzeb के शासनकाल में गिरफ्तार किया गया और दिल्ली लाया गया और उन्हें धर्म परिवर्तन या मौत , एक को चुनने को कहा गया। गुरु तेग बहादुर ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया।
गुरु जी के तीन प्रमुख साथियों को भी कठोर दंड दिया गया:
Bhai Mati Das (ब्राह्मण) को आरे से चीर दिया गया।
Bhai Dayal Das (ब्राह्मण) को उबलते पानी/तेल में डालकर मार दिया गया।
Bhai Sati Das (ब्राह्मण) को रूई में लपेटकर जला दिया गया।
24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र में, जहाँ आज Gurdwara Sis Ganj Sahib स्थित है, गुरु तेग बहादुर का सिर धड़ से अलग कर दिया गया।
शहादत के बाद
गुरु जी का शीश भाई जैता सिंह वाल्मीकि आनंदपुर साहिब ले गए।
गुरु जी का धड़ भाई लखी शाह वंजारा ने अपने घर ले जाकर अंतिम संस्कार किया। उस स्थान पर आज Gurdwara Rakab Ganj Sahib स्थित है।
सिख पंथ में ब्राह्मण और वाल्मीकि समाज का योगदान अतुलनीय है।
विनोद अपने खेतों में सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहा था, तभी पूर्व ग्राम प्रधान का बेटा इम्तियाज आता है और उसके ट्यूबवेल से हटकर पानी अपनी ओर मोड़ने लगता है
विनोद उन्हें रोकने की कोशिश करता है और उसे याद दिलाता है कि उन्होंने उसके काम का बकाया 14,000 रुपए भी नहीं दिए है
बहस बढ़ने लगती है तो इम्तियाज 20 से 25 मुस्लिम लोगों को लाठी, डंडे, फावड़े और हथौड़े के साथ बुला लेता है, विवाद बढ़ता देख परिवार घर की तरफ भागने लगते है लेकिन इम्तियाज उन्हें बीच में घेर लेता है और विनोद के सर पर हथौड़े से मार कर घायल कर देता है
वहीं उसके भाई और भाभी के बीच बचाव करने पर उन्हें भी बुरी तरह से मारा जाता है
विनोद को अस्पताल ले जाते हुए उसकी मौत हो जाती है
इस घटना का वीडियो भी वायरल है जहां एक भीड़ हथियार के साथ हमला कर देता है, खैर धर पकड़ शुरू हो चुकी है और लोगों के दबाव में बुलडोजर कार्रवाई भी हो रही है
लेकिन क्या इससे विनोद लौटेगा? विनोद की गलती क्या थी आखिर? और वो कौन सी भीड़ थी, जो विनोद को मारने आ गई? इम्तियाज को छोड़ दे तो बाकी तो उसी गांव के होंगे, उनमें से कुछ विनोद के परिचित भी होंगे, भाईजान कहता होगा विनोद, उनका तो कुछ बिगाड़ा नहीं था, फिर इस कदर मारने को आ गए?
हमारे में अगर भीड़ जुटती है तो ज्यादातर समझाने वाले होते है, ये कौन सी भीड़ है? जो हथौड़े, फावड़े लेकर आती है?
देहरादून का मामला है, वहीं देवभूमि, जिसपर विक्टिम कार्ड खेलता है एक समुदायकॉपीड
It’s starting here in America now.
Muslims have reportedly attacked a Christian preacher because he was preaching the Bible in “their area”
Deport these people out of our country.
Modi era is defined by the emergence of a new, fortified and confident middle-class through govt initiatives like cutting down tax burdens, reducing GST compliance, building over 1 Cr. homes, metro rail networks and extension of other infrastructural facilities. Braced with modern frameworks like Vande Bharat trains, Namo Bharat Corridors and UDAN, the aspirations of our middle class have taken a new flight today.
#12YearsOfSakshamMiddleClass
दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और people-to-people ties हमारे संबंधों को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं।
भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहाँ की economy और society में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं: PM @narendramodi
हम हिन्दुओं में शमशान छोड़िये किसी के घर गमी में भी बैठने जाते हैं तो रास्ते में फिर किसी और के द्वार नहीं जाते सीधे अपने घर आते हैं...
तुम्हारे माँ बाप भी जब स्वर्ग सिधार जाते हैं और तुम उनका भी दाह करके लौटते हो.... अर्थी को कंधा दे आते हो या सिर्फ किसी शवयात्रा का हिस्सा भी बनते हो...
वापस आकर घर में प्रवेश तुम स्नान करने के बाद करते हो....
भोजन नहा धो कपडे बदल ही करते हो...
फिर भें@चो ज ली ल लोगों ये कौनसी लाश होती है जो तुम्हारे जन्म देने वाले माता पिता, तुम्हारे सगे सम्बन्धी, दोस्त व्यवहारी से कहीं ऊपर होती है...... जहाँ तुम नहा धो जाते हो..... नाक रगड़ते हो....
बगैरतों..... बेशर्मो.... तुमको डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए...... न तो बाप की लाश को हाथ लगा नहाना और दूसरे किसी की पर नहा धो नाक रगड़ने जाना..... तुम कभी न करते!
लानत उस हिन्दू पर जो मुर्दे पूजते हैं
अबे तुम हिन्दू हो ही नहीं सकते क़ब्र पर माथा फोड़ने वालों
भगवत गीता ने भी इसे नीच कृत्य कहा है!
𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬’ 𝐆𝐫𝐞𝐚𝐭𝐞𝐬𝐭 𝐒𝐮𝐫𝐫𝐞𝐧𝐝𝐞𝐫: 𝐓𝐡𝐞 𝐏𝐚𝐫𝐭𝐢𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚
On this day in 1947, the All India Congress Committee approved the Mountbatten Plan, formally accepting the Partition of India and the creation of Pakistan. This marked Congress's greatest political capitulation, as the leadership accepted the division of the nation amid pressure from the Muslim League. Partition triggered one of the largest and bloodiest human migrations in history, leaving millions displaced and countless families shattered.
𝐉𝐮𝐧𝐞 𝟏𝟓 𝐫𝐞𝐦𝐚𝐢𝐧𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐝𝐚𝐲 𝐩𝐨𝐥𝐢𝐭𝐢𝐜𝐚𝐥 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐫𝐨𝐦𝐢𝐬𝐞 𝐠𝐚𝐯𝐞 𝐰𝐚𝐲 𝐭𝐨 𝐭𝐡𝐞 𝐠𝐫𝐞𝐚𝐭𝐞𝐬𝐭 𝐭𝐫𝐚𝐠𝐞𝐝𝐲 𝐢𝐧 𝐦𝐨𝐝𝐞𝐫𝐧 𝐡𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲, 𝐝𝐫𝐚𝐰𝐢𝐧𝐠 𝐚 𝐥𝐢𝐧𝐞 𝐚𝐜𝐫𝐨𝐬𝐬 𝐚 𝐜𝐢𝐯𝐢𝐥𝐢𝐳𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐡𝐚𝐝 𝐬𝐭𝐨𝐨𝐝 𝐮𝐧𝐢𝐭𝐞𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐞𝐧𝐭𝐮𝐫𝐢𝐞𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐥𝐞𝐚𝐯𝐢𝐧𝐠 𝐰𝐨𝐮𝐧𝐝𝐬 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐡𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐡𝐚𝐬 𝐧𝐞𝐯𝐞𝐫 𝐟𝐮𝐥𝐥𝐲 𝐡𝐞𝐚𝐥𝐞𝐝.
Today, the world is looking towards technologies that are trusted, inclusive, human-centric and dedicated to the global good.
At such a time, India’s priority is clear…Technology for Humanity and Human-Centric Innovation.
@BharatInnov2026