एन.डी.गुप्ता
जिला अध्यक्ष प्रयागराज
राष्ट्रीय कार्यकारिणी स्वतंत्र प्रभार
(नियुक्ति समिति)
हिन्दू राष्ट्र एकता परिषद् प्रयाग
iiit झलवा प्रयागराज उत्तर प्रदेश
🚨क्या आप Brahmin warrior: देवीदीन पाण्डेय के बारे म���ं जानते है?
1528 अयोध्या पर जब मुगलों की सेना ले कर मीर बाकि ने हमला किया , क्षत्रियों के पुरोहित देवीदीन पाण्डेय ने तलवार उठा ली और 700 मुगलों को यमलोक पहुंचा अयोध्या की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए
इस वीरता का जिक्र वामपंथी इतिहासकारों ने नहीं किया,
योगी जी से अनुरोध है ऐसे वीर की स्मारक अयोध्या में बनवाए ताकि सनातनी इनसे प्रेरित हो कर धर्म रक्षा के लिए प्रेरणा ले 🙏🚩
जय श्री राम 🙏
जब राजीव ग���ंधी राजनीति में आए, तो ऐसा लग रहा था कि उनमें देश में बदलाव लाने की क्षमता है।
लेकिन हुआ क्या?
31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, देश भर में निर्दोष सिखों का सामूहिक नरसंहार हुआ।
इस घटना से देश उबर पाता, उससे पह��े ही 2 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी हो गई।
पीड़ितों को सांत्वना देने के बजाय उन्होंने आरोपी वॉरेन एंडरसन को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की सहायता से उसे अमेरिका भागने में मदद की।
बदले में, उन्होंने अपने दोस्त के बेटे को अमेरिका में छोड़ने का सौदा किया।
मतलब, उन्होंने देश की जनता के हितों को दांव पर लगाकर सत्ता का दुरुपयोग किया।
तलाक के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने शाहबानो के पक्ष में फैसला सुनाया कि उनके पति उन्हें गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य हैं।
लेकिन मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए, राजीव गांधी ने संसद में कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
यहाँ से अपने फायदे के लिए मुस्लिम दबाव की राजनीति शुरू हुई।
फिर, संतुलन बनाए रखने के इरादे से, बिना सोचे-समझे, उन्होंने वर्षों से बंद पड़े राम मंदिर - अयोध्या का ताला खोल दिया।
उस समय उन्होंने सोचा भी नहीं था कि हिंदू और मुसलमानों के बीच दंगे हो सकते हैं।
1987 में बोफोर्स घोटाला सामने आया, जिसका पर्दाफाश भी उनके ही मंत्री वी.पी. सिंह ने किया था।
उसके बाद, उन्होंने एक बड़ी गलती की, जो बाद में उनकी हत्या का कारण बनी।
श्रीलंका में, श्रीलंका और वहां के तमिलों के बीच लड़ाई चल रही थी। यह उनका आंतरिक मामला था।
लेकिन राजीव गांधी ने वहां अपनी सेना भेज दी, जिसने भारतीय लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे हज़ारों तमिल मारे गए।
उन्होंने उन पत्रकारों को परेशान करने का पाप किया, जिन्होंने भारतीय उद्योगपतियों द्वारा मुनाफ़ा कमाने के लिए की गई अनियमितताओं को उजागर किया था।
राजीव गांधी देश को अपनी निजी संपत्ति समझते थे, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण यह है कि जब वे अपने विदेशी मित्रों और ए��टोनिया माइनो के परिवार के साथ छूट्टियाँ मनाने लक्षद्वीप गए, तो वे हमारे विमानवाहक पोत को अपने साथ ले गए, बिना यह सोचे कि सेना की सुरक्षा के लिए इस संवेदनशील जानकारी के बाहर जाने का खतरा है।
1988 में जब वे नेपाल गए, तो एंटोनियो माइनो को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया, हिंदू धर्म की परंपरा और भावना को समझने के बजाय, उन्होंने नेपाल पर कुछ प्रतिबंध लगाकर नेपाल के साथ संबंध खराब कर लिए।
1989 में संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने के बजाय, उन्होंने एक साथ 63 सांसदों को निलंबित कर दिया।
यदि राजीव गांधी ने अपने शासनकाल में कश्मीर के उपराज्यपाल की बात सुनी होती तो 1990 में कश्मीर से हिंदुओं का नरसंहार और पलायन नहीं होता।
जब भी कांग्रेस सत्ता में आती है, देश में समस्याओं की बाढ़ आ जाती है। देश का हित कांग्रेस के लिए कोई मायने नहीं रखता।
#कांग्रेस_मुक्त_भारत
पति ने पत्नी के बारे में खोल के रख दिए सारे राज। बिहार के समस्तीपुर कोर्ट पहूँचे पति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया 10 मर्दों के साथ संबंध बनाकर उसे धोखा दे रही है।
लड़की के भाई बाप सब मिल कर अकेला प���ि को मार कर अध मरा कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री, प्रखर राष्ट्र नेता और हिंदुत्व के सच्चे प्रहरी श्री कल्याण सिंह जी को उनकी पुण्यतिथि पर सत् सत् नमन।
"बाबूजी" ने संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह अमर रहेगा।
श्रीराम मंदिर निर्माण में आपका योगदान सदा स्मरणीय रहेगा।
अखिलेश या अलीशेख ?
आखिर क्यों खुद को यदुवंशी कहने वाले
अलीशेख को ईद तो याद रहती लेकिन श्रीकृष्ण जन्म भूल जाते.....?
आपकी प्रतिक्रिया क��� प्रतीक्षा में ✍️
ऐतिहासिक बिल पेश 🚨
अगर MP MLA, CM यहाँ तक कि PM भी अगर 30 से ज़्यादा दिन जेल में रहा तो पद स्वतः समाप्त हो जायेगा ✍️
अपराधी गुंडों की नींव पे खड़ा विपक्ष छाती पीट रहा है
उत्तर प्रदेश की देवतुल्य जनता को मेरा प्रणाम 🙏
मेरी शादी राजू पाल जी से हुए मात्र 9 दिन ही हुए थे कि विधायक राजू पाल जी की 25 जनवरी 2005 को अतीक अहमद और अतीक का छोटा भाई अशर�� ने बड़े निर्मम तरीके से दिन दहाड़े हत्या कर दी थी तब तक गोली चलाते रहे जब तक राजू पाल जी के शरीर से प्राण नहीं निकल गये।
इस घटना से मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया। इस घटना ने जो मुझे दर्द दिया। इस दर्द की पीड़ा को एक अरसे लेकर के मुझे लगा की इसे किसी दूसरी महिला को इस तरह का पीडा न मिले और कोई दूसरी महिला पूजा पाल की तरह विधवा न बने।
मैं इसलिए सामाजिक और राजनितिक जीवन में आई। क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने जो मेरे दुखः दर्द में मेरा साथ दिया। मेरी माताओं-बहनों,पिता तुल्य बुजुर्गो व नौजवान भाइयों ने मुझे वो राजनैतिक शक्ति दिये कि मै अपने प्रदेश की जनता के लिए कुछ काम कर सकू।
माफिया अतीक अहमद के सामने चट्टान बनके खड़ी रहू। जिससे की वो कृत्य न करने पाये। जो कृत्य उसने मेरे साथ किया। हर माता के लिए हर बहन के लिए हर भाई के लिए हर बच्चे के लिए उसके साथ खड़ा रहने का प्रयास करती रही।
इस प्रयास मे ना मैं कभी झूकी ना कभी बिकी और ना कभी टूटी हूँ जबकि मुझे पैसों के प्रलोभन दिये गये,मेरी हत्या की साजिश की गई। मेरे ऊपर तमाम मुकदमे लगाये गये, जो मुकदमे लूट-पाट, छिनैती, डकैती हत्या जैसे फर्जी मुकदमे लगाये गए तमाम तरीके के दबाव डाले गये, मेरे निजी जीवन में षड्यंत्र कर नुकसान पहुंचाया गया।
लेकिन मैंने कभी माफिया अतीक का समर्थन नहीं किया। जनता का आर्शीवाद मिला उन्होंने ताकत दिया। जिससे निर्भिक होकर अनवरत अपनी लड़ाई लड़ी और जनता की सेवा करती रही।
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एक समय ऐसा भी आया। मेरी यात्रा में जो मेरे क्षेत्र का माफिया था। जिन्हे समाजवादी पार्टी सरंक्षण देती थी�� एक समय मुझे ऐसा लगा की समाजवादी पार्टी ने अपना पूरा कलेवर Change कर लिया है। जो अपनी नई चादर ओढ़ने जा रही है।उसमें माफियाओं का दाग धबा नहीं चाहिए मैं इस आशा विश्वास के साथ एक समय पर मैं समाजवादी पार्टी का हिस्सा बन जाती हूँ अब ये समाजवादी पार्टी पुरानी समाजवादी पार्टी से भिन्न है।
मगर सन् 2023 में प्रयागराज मे एक हत्या होती है। वो हत्या उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के द्वारा की जात��� है। उत्तर प्रदेश में शासन माननीय योगी आदित्यनाथ जी का था। उन्होंने तुरन्त ऐसे कृत्य करने वाले अपराधी का इनकाउंटर करा देते हैं। फिर धीरे-धीरे मुझे समाजवादी पार्टी के माफिया स्नेह और आशा से मुझे चोट पहुँचती रही।
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प्रदेश के बड़े माफियाओं का भी अन्त हुआ। यह न्याय सिर्फ पूजा पाल का ही नहीं था। बल्कि उन हजारों बहनों का था जिनकी मांगे सूनी कर दी गयी ,यह न्याय उन माताओं का था जिनकी गोद सूनी कर दी गयी ,यह न्याय उनका था जो ब���्चे अनाथ हो गये ,यह न्याय उन बहनों का था जिन्होंने फिर अपने भाइयों के कलाइयों में कभी राखी नहीं बाध पाई।
यह न्याय सिर्फ पूजा पाल का नहीं था। उन हजारों दूसरी जिन्दगियों का न्याय था। और उन हजारों दूसरी जिन्दगियों के साथ कुछ गलत होने से बचा लेने का प्रयास था।
ये जो निर्णय हुआ था। यह मैं अपना धर्म समझती हूँ, अपना दायित्व समझती हूँ, राजनैतिक रूप से भी और सामाजिक रूप से भी। मैंने उसके बाद भी पार्ट�� नहीं छोड़ा।
कुछ महीनों बाद एक ऐसा समय आता है जहाँ भाजपा को एक वोट की जरूरत होती है। मेरे राजनैतिक सहयोगी द्वारा मुझसे एक वोट के सहयोग की बात रखते है���
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वर्तमान स्थिती मेरी ऐसी थी। मानों उनको एक वोट की जरूरत नहीं थी। मेरी अन्तर आत्मा ने मुझसे कहा की जिस लड़ाई के लिए मैंने राजनीति में कदम रखा न्याय पाने के लिए दरबदर भटकती रही।जीवन में अपने परिवार और दुश्मनों के षड्यंत्रों से घिरी जा रही थी। और उसी बीच मुझ जैसी विधवा महिला को न्याय मिला।
इससे बड़ी मेरे जीवन की क्या ही कामयाबी हो सकती है। जैसे लगा मानो मुझे मेरा सबकुछ मिल गया।
मैंने अपना एक वोट जो राज्यसभा में देने का काम किया। यह वोट पीड़ित विधवा की तरफ से था।ये वोट उन उत्तर प्रदेश की उन हजारों माताओं ,बहनों ,नौजवान, भाइयों ,और उन अनाथ बच्चों के हिस्से का था। जिनका इस वोट में अधिकार था।उन पीड़ित परिवारों की तरफ़ से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद था।
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लेकिन जो मेरा सबसे पहला दायित्व था। वो समाज के प्रति था। जो समाज के प्रति मेरा दायित्व था, उसका निर्वहन क��ते हुए चंद दिनो पहले विधान सभा में जो कुछ बोला उसको राजनैतिक नजरिये से न देखा जाना चाहिए था।
��ाजनैतिक नजरिये से देखना मेरे नजर मे तुछता है।सभी को राजनैतिक से परे जाकर के हित और अहित के नजरिये से देखा जाना चाहिए।
रेलवे पुलिस का कर्मचारी किस तरह एक लड़के को चलती ट्रेन से फेंकने की कोशिश कर रहा है
यदि यह लड़का मर जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
@RailMinIndia@RPF_INDIA@RPFCR
क्या जो इंसाफ वर्षों वर्षों बाद मिला उसके लिए धन्यवाद देना गलत है ?
मेरा कसूर क्या था जो मेरे रास्तों पर पत्थर और कांटे भर दिए मेरा हंसता खेलता परिवार उजाड़ दिया ?
आज मैने अपने संघर्षों का एक छोटा सा प्रतिबिंब क्या दिखाया मुझे बागी कह दिया गया ?
जिसने मुझे न्याय दिया मै इसको बारंबार साधुवाद दूंगी उसके लिए ��ुझे कोई भी सजा दी जाए ।