"जिस व्यक्ति का मन ईश्वर में और कर्म मानवता के कल्याण में लगा हो, उसका जीवन स्वयं प्रेरणा बन जाता है।" #AsharamjiBapuQuotes जीवन को दिव्यता और सेवा की दिशा देते हैं।
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"विपरीत परिस्थितियाँ व्यक्ति की परीक्षा नहीं, उसकी छिपी हुई शक्ति को प्रकट करती हैं।" #AsharamjiBapuQuotes संघर्ष को सफलता में बदलना सिखाते हैं।
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पूज्य बापूजी अपने सत्संग में बताते हैं कि सुख तो अपना सहज स्वभाव है और मुक्ति मरने के बाद नहीं बल्की जीते जी मनुष्य संसार बंधन से मुक्त हो सकता है |
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"सदैव सम व प्रसन्न रहना ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।" #AsharamjiBapuQuotes मानव जीवन को उन्नति, शांति और आनंद की दिशा प्रदान कर रहे हैं।
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विघ्न और मुश्किलें हमें रोकने नहीं, बल्कि और मजबूत बनाने आती हैं। जो व्यक्ति लक्ष्य पर केंद्रित रहता है, वही सफलता की मंज़िल तक पहुँचता है।
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"संस्कार वह अमूल्य धरोहर हैं जो पीढ़ियों को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करती हैं।" #AsharamjiBapuQuotes भारतीय संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ कर रहे हैं।
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भय, राग, क्रोध से अंतःकरण मलिन हो जाता है और जीव बेचारा जन्म-मरण का भागी होता है। भय, राग, क्रोध मिटने पर भी जीव को साधनों में 'मैं' बुद्धि मौजूद रहती है।
हकीकत में भय, राग, क्रोध आदि होते हैं मन, बुद्धि में और मन, बुद्धि साधन हैं । तो हम साधनों की शुद्धि, साध्य को देखने के लिए करें तो ठीक है, लेकिन साधनों को ही 'मैं' मानते रहे तो साध्य ठीक से नहीं दिख पाएगा।
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"विपरीत परिस्थितियाँ व्यक्ति की परीक्षा नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आती हैं।"
#AsharamjiBapuQuotes संघर्ष को सफलता में बदलना सिखाते हैं।
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"विपरीत परिस्थितियाँ व्यक्ति की परीक्षा नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आती हैं।"
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जहां पहुंचना चाहते हो, वहीं अभी भी हो। लेकिन पता नहीं। ऐसा नहीं की, आपको चलना पड़ेगा, कहीं दूसरी जगह पहुंचेंगे, जहां पहुंचना है। बोले, ईश्वर को पाना है, तो ईश्वर को पाना है। जहां से विचार उठ रहा है, वहीं ईश्वर है, तेरा बाप बैठा है। बोले, ब्रह्म को देखना है। ब्रह्म को तो ब्रह्म को देखने का जो भाव बना ना, वो भाव उसी की सत्ता से उठा है। इतना नजदीक है
सो साहिब सदसदा हजूरे,
अंधा जानत ताको को दूरे।
ज्ञान की आंख नहीं है, इसलिए उसको दूर मानते हैं।
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