द्वादश ज्योतिर्लिंग , बावा वैद्यनाथ देवघर, झारखंड में सावन माह का शिव-जलार्पण राज्य सरकार और प्रशासन की दुरुस्त व्यवस्थाओं से शांतपूर्ण और भक्तिभाव से सम्पन्न हुआ । आवश्यकता है ऐसी व्यवस्थाओं के सदैव बने रहने की । स्पर्श पूजा और बाह्य- अर्घा साथ-साथ चलती रहें !
ऊं नम: शिवाय ।
क्या यही प्रजातंत्रीय शासन व्यसस्था है, जहां अपनी कुर्सीं बचाने के लिए कहीं छात्रों पर बर्बर पुलिसिया कार्रबाई होती हों, तो कहीं तुष्टीकरण की राजनीति कर दो -तीन बरषों से कार्यरत प्रशासनिक व अन्य सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरियां समाप्त कर दी जाती हों ?
यह तो सत्य है कि पढ़े-लिखे युवाओं को बेरोजगार बनानेवाले और कोकरोच की संज्ञा देनेवाले सरकार और उनकी व्यवस्था ही है । सत्तर साल के बुजुर्ग गद्दी पर बैठकर जनता का शोषन करे और युवा भटकता फिरे - यह कोई शासन प्रणाली है ।
कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरू के बाद अब गुवाहाटी के लिए देवघर (झारखंड) से विमान सेवा की शुरूआत , लेकिन अपनी और निकटवर्ती राज्य की राजधानी रांची,पटना, लखनऊ आदि के लिए यह सेवा नहीं है ।
चिराग तले अंधेरा । फिर भी गौरव की बात है ।
@prabhatkhabar देवघर नगर निगम के समस्त वार्ड पार्षदों से अपेक्षा की जाती है कि जमीनी समस्याओं , जैसे -- स्ट्रीट लाइट का न जलना, सड़क पर पानी जमना या बहना आदि आदि के निदान हेतु क्षेत्र का भ्रमण एक निर्धारित समय सारिणी के अनुसार किया जाय । उप महापौर के वार्ड की देख रेख कौन करेंगे ।
@nishikant_dubey महोदय ! देवघर से रांची और पटना की फ्लाइट सेवा जिस उत्साह के साथ आपने शुरू करवाया, वो अचानक बंद क्यों हो गयी ? लखनऊ आदि शहरो की वायुयान सेवा भाया पटना होकर ही थी ।
@prabhatkhabar देवघर से रांची और पटना की फ्लाइट सेवा क्यों बंद हो गयी ? स्थानीय विधायक, सांसद और अधिकारियों से निवेदन है कि संज्ञान लें और पुन: शुरू करने - कराने का प्रयास करें !
देवघर से रांची और पटना की फ्लाइट सेवा क्यों बंद हो गयी ? क्षेत्र के विधायक, सांसद और सम्बन्धित अधिकारियों से निवेदन है कि संज्ञान लें और स्थिति स्पष्ट करने का कष्ट करें ।
@RohiniAcharya_ दूसरे तो यही चाहते हैं । आप समझदार और त्यागमयी बेटी होकर अपने माता पिता को छोड़ने का निर्णय कैसे ले सकते हैं ? अभी माहौल गरम है । अभी शान्त रहने और धैर्य धारण करने का समय है । मीडिया से बचें और परिवार के साथ रहें ।
ईश्वर आप सपरिवार का मार्ग प्रशस्त करें ।
क्या बिहार चुनाव तेजस्वी बनाम् नरेन्द्र मोदी हो गया है ? यदि ऐसा है तो यह देश के लिए सेहतमंद नहीं है । प्रान्तीय चुनावों में केन्द्रीय राजनेताओं के चेहरे को आगे करना केन्द्रीय नेताओं का घोर अपमान है ।
भारत ही एक ऐसा देश है , जिसका सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप अपने आप में बेमिसाल है। इसी अद्वितीय विरासत को मिटाने के लिए कुछ - एक शक्तियां बाहर और भीतर घात लगाकर मानवता को शर्मशार कर रही हैं । भारत की अक्षुण्णता और सामाजिक, सांस्कृतिक एकता के लिए हमें कटिबद्ध होना होगा ।