@Sumitchauhaan@AzraParveen_ आस्था अपनी, जगह पाखंड अपनी जगह और विज्ञान अपनी जगह, पाखंड को समाप्त होना जरुरी, लेकिन विज्ञान को आस्था के नाम पर और आस्था को बिज्ञान के नाम पर गलत साबित करना अतार्किक है।
दोनों का पालन एक साथ किया जा सकता है बस पाखंड और अति धर्मवाद का समावेश न हो!
OBC कोटे में जो भी छेड़छाड़ करना चाहते हो,
कर लो, कोई कुछ नहीं बोलेगा,
OBC उफ्फ भी नहीं करेगा,
लेकिन Sc, St वाले मामले में ऐसा कुछ नहीं है,
ये लोग OBC की तरह नहीं हैं,
ये अपने हक के लिए मजबूती से लड़ते हैं,
ये हर लड़ाई जीत जाते हैं,
जज़्बा ही इनका ऐसा है,
इस बार भी जीतेंगे,
दिया कुमारी राजघराने से आती हैं. राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री हैं.
वीडियो में राजस्थान का बजट पेश कर रही हैं.
10% से कम आबादी वाले EWS को 150 करोड़ रुपए आवंटित कर रही है.
90% बहुजन को 100 करोड़ में समेट दिया.
1000 सालों तक इसी तरह शासन कर रहे थे भारत के राजा राजवाड़े.
Post Credit : Priyanka Bharti @priyanka2bharti
ब्राह्मणों के प्रति अपनी कुंठा को ज़ाहिर करने वाले विजेंद्र चौहान दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं। अच्छा ये है कि इनका नफरती ट्वीट अब वायरल है। ऐस��� लोगों के अंदर भरी कुंठा घृणा पूरा देश देख रहा है। ये सब सोशल मीडिया के कारण संभव हुआ है।
तथाकथित प्रोफेसर ने एकतरफा बात करते हुए झूठ फैलाते हुए ब्राह्मणों के खिलाफ खुलेआम नफरत भी फैलाया।
ये पैसे लेकर छात्रों को UPSC के मॉक इंटरव्यू के नाम पर मूर्ख बनाते है। उनसे मोटा पैसा कमाते हैं। फिर विश्वविद्यालय में जाकर झूठ फैलाते है। इनके लिए शिक्षा ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि व्यापार का एक जरिया है���
इन प्रोफ़ेसर को मैं चैलेंज देता हूं कि अपने ट्वीट पर ये मुझसे बहस कर लें? इनके ज्ञान, इनके टैलेंट, इनके बहस करने की क्षमता, इनके सेंस ऑफ़ ह्यूमर की पूरी पोल खुल जाएगी। इसके बाद कोई छात्र मोटा पैसा देकर इनसे मॉक इंटरव्यू के नाम पर मूर्ख भी नहीं बनेगा।
कॉलेज में एडमिशन से लेकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तक का सफर इन्होंने कैसे तय किया होगा आप सब जानते हैं, ये मुझे बताने की जर���रत नहीं है।
अब अगर ये अपने ट्वीट पर स्पेस में बहस करना चाहें तो स्वागत है। लेकिन नहीं आएँगे। एक नंबर के डरपोक हैं। पता है इनके झूठे ज्ञान का बुलबुला फूट जाएगा।
इन्हें टैग करके आप ही लोग बोलिए की X में नफरत भरा कमेंट करने की बजाय स्पेस रखें। जो कहा है उसका सबूत दें।
भविष्य में भारत का परीक्षा पैटर्न 2040😒
EWS - सर्टिफिकेट बनाओ नौकरी पाओ
UR - फॉर्म भरे ज्वाइन करे
OBC - अयोग्य घोषित (NFS)
SC - सीट नही है
ST - देश के नागरिक नही है
क्या बात कर रहे हैं आप? पिछले दस साल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ सबसे कम हिंसा हुई है। आपकी पार्टी के दौर में असम के नेल्ली में एक दिन में दो हज़ार लोग मारे गए थे। सिख विरोधी दंगों में इससे भी ज़्यादा लोग मारे गए। भागलपुर दंगों में हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए। 1980 में मुरादाबाद ईदगाह के सामने सौ से ज्यादा मुसलमान, पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए थे। दंगा चार महीने चला था। मुंबई दंगों में नौ सौ से ज्यादा मारे गए। मेरा मुँह न खुलवाइए। मेरे पास पूरा लेखा जोखा है। मलियाना और हाशिमपुरा का बता दूँगा तो आपको मुश्किल हो जाएगी।
क्या बात कर रहे हैं आप? पिछले दस साल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ सबसे कम हिंसा हुई है। आपकी पार्टी के दौर में असम के नेल्ली में एक दिन में दो हज़ार लोग मारे गए थे। सिख विरोधी दंगों में इससे भी ज़्यादा लोग मारे गए। भागलपुर दंगों में हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए। 1980 में मुरादाबाद ईदगाह के सामने सौ से ज्यादा मुसलमान, पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए थे। दंगा चार महीने चला था। मुंबई दंगों में नौ सौ से ज्यादा मारे गए। मेरा मुँह न खुलवाइए। मेरे पास पूरा लेखा जोखा है। मलियाना और हाशिमपुरा का बता दूँगा तो आपको मुश्किल हो जाएगी।
आप ओम बिरला जी की राजनीति से असहमत हो सकते हैं, आप ओम बिरला जी के आलोचक हो सकते हैं।
आप ओम बिरला जी को एक राजनेता के तौर पर पसंद नहीं कर सकते हैं, आप उन्हें स्पीकर के रूप में पसंद नहीं करते होंगे मगर
इस सबके बीच में आप उनकी बेटी को बीच में नहीं ��ा सकते हो क्योंकि एक ज़िम्मेदार सोशल प्लेटफॉर्म पर होने के नाते आपका नैतिक दायित्व बनता है कि
आप राजनीति में भी नैतिकता का प्रयोग करते रहें।
ओम बिरला जी की आलोचना हम सबने की और करनी भी चाहिए मगर किसी के परिवार को किसी भी बात पर घसीटना बेहद ही चिंताजनक विषय है।
बरेली के BJP सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने शपथ ग्रहण के बाद "जय हिन्दू राष्ट्र" का नारा लगाया. BJP के किसी ब्राह्मण बनिया या क्षत्रिय सांसदों ने "जय हिन्दू राष्ट्र" का नारा नही लगाया.
जय हिन्दू राष्ट्र का नारा केवल BJP के OBC सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने लगाया.
यह BJP और RSS की असली ताकत है. वे अपना अजेंडा OBC SC ST नेताओं के द्वारा आगे बढ़ाते हैं ?
दूसरी खबर ��सदुद्दीन ओवैसी की है. उन्होंने जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना के बाद जय फलीस्तीन का नारा लगाया.
आदरणीय प्रोफेसर दिलीप मंडल जी के अनुसार संसद में दूसरों देश की प्रति आस्था रखना या दिखाना असंवैधानिक है. सदस्यता भी जा सकती है.
असदुद्दीन ओवैसी ऐसे नारों से BJP का हिन्दू वोट बैंक मजबूत करते है.