मेरा अनुभव है आज तक का और कइयों को होगा भी,,
बच्चों के साथ रोड पे चलते अधिकतर लोगों को मैंने देखा है जो ख़ुद तो सेफ चलेंगे मतलब बाईं तरफ़ और बच्चों को दाई तरफ़ रख उन्हें वाहनो से ख़तरे में डाल के चलते है मानो उनके बायें हाथ में ताक़त ही नहीं के बच्चों का हाथ कस के पकड़ सके,
रोज़ एक दो को बोलना पड़ता है के बच्चे को बाईं तरफ़ ले लो,,,
😡