दिल्ली में बिल्डिंग छोड़ो एक ईट भी MCD की मर्जी के खिलाफ नहीं लग सकती!
भाजपा नेताओं और बिल्डिंग माफिया के गठजोड़ ने मोटे पैसे लेकर पूरी दिल्ली में अवैध निर्माण करवाए!
@AamAadmiParty ने जब इस बिल्डिंग माफिया को कुचलने की कोशिश की तो इस बिल्डिंग माफिया ने AAP की सरकार ही गिरा दी!
An enumerator from Rajasthan told The Hindu on condition of anonymity, “In the mobile app, if we enter that a household has a tin roof, we are asked by our superiors to change it to concrete. Are we supposed to lie? Similarly, if the house does not have a toilet and occupants are defecating in the open, we are told to check if there is a toilet nearby, even that of a neighbour or a relative, which they may be using occasionally or even a public urinal. Then the entry can be changed from ‘open defecation’ to having access to a toilet.”
If LIC truly holds 11% stake in this “fake company,” then this is not just a corporate issue — it’s a risk to public money.
Millions trust LIC with their lifetime savings. If due diligence failed here, God save this country from future bankruptcy risks.
Under the visionary leadership of @narendramodi, LIC holds 11% share in a Bogus company called Rajesh Exports.
Even God won't Save this country where the PM is an illiterate dumb megalomaniac 🤦🏻♂️
गोदी चैनल वालों चाहो, तो तुम लोग भी क्रेडिट ले लो। तुम्हारे चंपादकों को ख़बर चलाने की हिम्मत तो नहीं हुई होगी कि बीजेपी के हैंडल से कैसा फ़र्ज़ीवाड़ा किया गया!
#MalviyaNagarFire जैसी घटनाएँ केवल दुर्घटनाएँ नहीं, बल्कि शहरी प्रशासन की विफलता का परिणाम हैं।
जब तक नगर निगमों और नगरपालिकाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी नहीं होगी, ऐसी त्रासदियाँ होती रहेंगी। दिल्ली में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी आम बात बन चुकी है। अनेक भवन बिना आवश्यक सुरक्षा स्वीकृतियों के संचालित हो रहे हैं और कार्रवाई अक्सर किसी हादसे के बाद ही होती है।
समस्या किसी एक भवन या प्रतिष्ठान की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की है। अनुमतियों, निरीक्षणों और प्रवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सार्वजनिक बनाया जाना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार और मनमानी पर रोक लगे।
भारत में कानूनों की कमी नहीं है, कमी है जवाबदेही की। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और उल्लंघनों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक निर्दोष लोगों की जान ऐसे टाले जा सकने वाले हादसों में जाती रहेगी।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@MoHUA_India@mlkhattar
ये मंत्री जी 20 लोगों की जान जाने के 8 घंटे बाद पहुंचे हैं ,और वो भी हेलमेट लगाकर ऐसे नौटंकी कर रहे हैं जैसे 2-4 को बचाकर लौटे हों
सिर्फ और सिर्फ नौटंकी
कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा....!!!!
अरे अंधभक्तों,
MCD, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है फिर 24 कमरों की इमारत बनी कैसे?
दिल्ली में एक ईंट नहीं लगा सकते बिना पुलिस और MCD के।
कभी नेहरू कभी केजरीवाल कब तक दूसरों को दोष देते रहोगे।
सोचो केजरीवाल सरकार ये लोग 24*7 एजेंडा चला रहे थे और अब गोदी मीडिया पूरी तरह मौन है।
हरियाणा में भी इनकी सरकार है कौन जिम्मेदार है।
मेरे हिसाब से दिल्ली का वोटर।
देश की राजधानी दिल्ली में टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही है। कई बार यह टैंकर 2–2 दिन बाद पहुंच रहे हैं। एक टैंकर पानी का 5 हजार रुपए तक वसूला जा रहा है।
सोचिए यह हाल दिल्ली का है !!
कुछ नहीं होगा
20 वर्षों से MCD में भाजपा है और 12 वर्षों से केंद्र में,जिसके अधीन दिल्ली पुलिस है। MCD और दिल्ली पुलिस की इजाजत के बिना एक ईंट तक नहीं लगा सकते।
लेकिन सरकार से सवाल करे कौन?
राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के पास भी ऐसी कई 26 मीटर वाली बिल्डिंग खुलेआम चल रही हैं।
दिल्ली हत्याकांड के एक एक ज़िम्मेदार व्यक्ति की लिस्ट बनाई जानी चाहिए..क्योंकि जब नियमों को ताक पर रखा जाता है तो पैसा नीचे से ऊपर तक सबके पास जाता है..बिजली विभाग,दमकल विभाग,चौकी इंचार्ज,DCP,पार्षद,विधायक,सांसद,DM.....इस क्षेत्र के एक एक अधिकारी,बाबू,नेता का नाम सार्वजनिक किया जाए..बताया जाए कि इनके खिलाफ क्या कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.. तबादले के अलावा! @CMODelhi
I Delhi you can't make a single room without MCD and Delhi Police approval so who allowed and we all knows that BJP and Delhi police under BJP. So start taking responsibility instead of blaming others.
These hotels operated right under your ministers nose ! So you better keep Mumb and focus on what is left.
The question is why are there useless bits of people still trying to show their true existence.