🚨 NATIONWIDE PROTEST
CJP’s nationwide agitation demanding the resignation of CEC Gyanesh Kumar begins tomorrow, 2nd October, in Mumbai.
We urge everyone to join the protest and raise their voice to #SaveDemocracy.
जिस भाजपा सरकार के अस्पताल ‘पीडीए’ को जन्म नहीं लेने दे रहे हैं, वो ‘पीडीए’ को कितने बड़े दुश्मन हैं कहने की ज़रूरत नहीं है।
ये बेहद गंभीर और अमानवीय मामला है कि मुसहर जाति की एक गर्भवती महिला का जाति के आधार पर अस्पताल में प्रसव करवाने से मना कर दिया गया और वो खुले में अस्वास्थकारी माहौल में बच्चे को जन्म देने पर मजबूर हुई।
भाजपाई सोच की संकीर्णता और पीडीए समाज के विरुध्द प्रभुत्ववादियों की नफ़रत जिस हद तक बढ़ गई है, वो बेहद निंदनीय है और दंडनीय भी।
स्वास्थ्य मंत्री को काजू खाने से फ़ुरसत मिल जाए तो देखें कि उनका विभाग किस स्तर तक भेदभाव के ज़हर से भर गया है। भाजपाई तो जिस सीमा तक गिर सकते थे गिर गएं हैं, अब बस भाजपा सरकार गिरनी बाक़ी है।
कॉकरोच जनता पार्टी मुंबई में 2 अक्टूबर से एक नए सिरे से प्रदर्शन शुरू कर रही है. इस बार मामला चुनाव आयोग का है.
इससे पहले पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देने के लिए 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन की बात रखी थी.
2 अक्टूबर को, गांधी जयंती के मौके पर, पार्टी ये प्रदर्शन शुरू करने जा रही है. सुनिए, CJP नेता सौरव दास ने क्या कहा.
"हम यूपी पुलिस को ही भंग कर देंगे,
यूपी पुलिस से जुड़े सारे मामलों की सीबीआई को सौंप दें।"
यूपी पुलिस के बारे में सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक टिप्पणी।
सोचिए, यूपी पुलिस ने किया क्या था।
आरोपी को मौके पर पकड़ा था और एफआईआर में उसके नाम की जगह अज्ञात लिख दिया था
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इसी यूपी पुलिस के सिलसिले में Complete breakdown of law सरीखी टिप्पणी तक कर चुका है।
योगी आदित्यनाथ के दौर में यूपी पुलिस किस तरह से स्टेट का deadly instrument बन चुकी है,
किस तरह से नियम-कायदे-कानून-संविधान सबको कुचलकर राजा को प्रसन्न करने के लिए सारी सीमाएं, सारी मर्यादाएं ध्वस्त की जा रही हैं,
ये एक ऐसे इतिहास का हिस्सा है जो एक रोज़ अपने हिस्से के सारे हिसाब लेगा,
सत्ता के नशे में अराजकता की सीमाएं तोड़ चुके तंत्र से, एक एक लम्हे का हिसाब लेगा!!
आर्काइव | सूर्यकांत पर गंभीर अनियमित्ता के आरोप हैं. 2012 में एक रियल एस्टेट एजेंट ने सूर्यकांत पर कम कीमत दिखा कर करोड़ों रुपए की संपत्ति का अवैध कारोबार करने का आरोप लगाया था. 2017 में पंजाब में एक कैदी ने याचिका दायर कर सूर्यकांत पर 8 मामलों में रिश्वत लेकर जमानत देने का आरोप लगाया. इस याचिका पर छह सालों तक कॉलेजियम ने सुनवाई नहीं की और वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज बने रहे. अक्टूबर 2018 में उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया और अब उनके खिलाफ शिकायतों का निवारण किए बिना कॉलेजियम ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया. एक पूर्व जज के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में सूर्यकांत को पदोन्नत करने के लिए भी कॉलेजियम यही करने वाला है.
पढ़ें अतुल देव का यह लेख: https://t.co/aiHD3uunBT
#CJI #Corruption #SupremeCourt
▪️June 2026: An economic Tsunami is coming.
Rahul Gandhi, Leader of Opposition
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▪️September 2026 : Energy, food, fertiliser and financial crises are here.
S Jaishankar, Minister of External Affairs
ये पूर्व IAS दिव्या मित्तल जी हैं
योगी सरकार के एक विधायक के अहंकार ने इनका करियर खत्म कर दिया क्योंकि इन्होंने उसे उदघाटन में नहीं बुलाया था
अब ये राजनीति में आ रही हैं
हार्दिक शुभकामनाएं
#AI_Multibagger_Stock#ShehzadOnRise#HMDVibe2Pro#UPITS_Unplugged
@ranvijaylive बेवकूफ बना रहा है ये ....अनाज से जब एथेनाल बनाने की पर्मिशन सरकार ने दे ही दी है तो यह संकट आएगा ही ।
पहले चीनी का दाम भी इसी वजह से ज्यादा हुआ था ।
ये कमीने इतने घाघ हैं की जनता मरती रहे लेकिन इनका मुनाफा नहीं बंद होना चाहिए । शुद्ध बनियों की सरकार है मोदी की सरकार ।
आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीज़ों का बड़ा संकट आ सकता है
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा 👇
खाने-पीने की चीज़ों की बात करें तो आज हम ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहां अनाज एक्सपोर्ट करने वाले कुछ बड़े देश अपनी शिपमेंट नहीं भेज पा रहे, खासकर ब्लैक सी के रास्ते.
हम पहले ही फर्टिलाइजर (खाद) की भारी कमी देख रहे हैं क्योंकि इसके मुख्य प्रोड्यूसर मिडिल ईस्ट और रूस में हैं, और वहां फर्टिलाइजर प्रोडक्शन पर असर पड़ा है. इसके अलावा, हम 'सुपर अल नीनो' की स्थिति भी देख रहे हैं.
इसलिए, आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीज़ों का बड़ा संकट आ सकता है.
अगर एनर्जी की भारी कमी हो, और उसके साथ खाने-पीने की चीज़ों और फर्टिलाइज़र की भी कमी हो, और साथ ही फाइनेंस की दिक्कत भी हो तो कुल मिलाकर नतीजा बहुत ही तनावपूर्ण है.
ज्ञानेश कुमार को होगी उमरकैद की सजा?
प्रशांत भूषण ने झोक दी पूरी जान
वैसे ज्ञानेश कुमार को संविधान और भारत के सभी नियम कानून से ऊपर रखा गया है.कुछ भी करें कभी भी गिरफ़्तार नहीं हो सकता हैं जो इंसान संविधान से ऊपर होते हैं वो देश को कैसे तबाह कर सकते हैं ज्ञानेश कुमार इसका उदाहरण है।
अडानी समूह की चार कंपनियों और उनसे जुड़े 14 लोगों ने न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता से जुड़े मामलों में सेबी के साथ कार्यवाही का निपटारा किया है. सेबी के आदेश के अनुसार, प्रत्येक मामले में 37.05 लाख रुपये की राशि तय हुई है.
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