जैसे पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं उसी तरह अखिलेश यादव को भी अपनी हार साफ दिख चुकी है इसलिए पहले ही घबराकर उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगा दिया है की इस बार बीजेपी जीती तो ये आखिरी चुनाव होगा।
ये दरअसल अपना लड़ने वाला आखिरी चुनाव बता रहा है🤣🤣
नीचे की पिक से मुगलई यादों जी का लेना देना है।
सरकारी स्कूलों में मीड डे मील में अंडा VS सोयाबीन, पनीर
ये विवाद बहुत गरमाया हुआ है। लोग अपनी अपनी चॉइस के अनुसार दोनों ही चीजों के पक्ष और विपक्ष में लिख रहे हैं।
लेकिन तीसरा पक्ष जो दोनों पक्षों को जानना या लिखना चाहिए वो ये है की मिड डे मिल भारत में भ्रष्टाचार का कारक है जिसे पूर्णतया बंद होना चाहिए।
डिटेल्ड पोस्ट अगले भाग में -
Dear @abhealthin
ग्राहक हेल्थ इंश्योरेंस इसलिए नहीं खरीदता कि बीमारी के समय उसका Cashless Claim ही Reject कर दिया जाए।
इस केस में अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर लिखित में कह रहे हैं कि मरीज को तेज चक्कर, लगातार उल्टी, Dehydration, चलने में असमर्थता और LOC (Loss of Consciousness) जैसी गंभीर स्थिति के कारण भर्ती करना मेडिकली आवश्यक था।
लेकिन आपकी टीम कह रही है कि "Admission की जरूरत नहीं थी, OPD में इलाज हो सकता था।"
आखिर मरीज किसकी बात माने? डॉक्टर की या इंश्योरेंस कंपनी की?
अगर अस्पताल में भर्ती होना जरूरी ही नहीं था, तो क्या कोई मरीज और उसका परिवार लाखों रुपये का जोखिम उठाकर सिर्फ शौक से अस्पताल में भर्ती हो जाता है?
जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय Cashless Claim Reject कर दिया जाता है और फिर कहा जाता है कि पहले अपनी जेब से पूरा खर्च करें, बाद में Reimbursement मांगिए।
अगर मरीज के पास इतने पैसे पहले से ही होते, तो वह Health Insurance Premium क्यों भरता?
कृपया इस निर्णय की निष्पक्ष समीक्षा करें और मेडिकल विशेषज्ञ की राय का सम्मान करें।
#HealthInsurance #CashlessClaim #ClaimDenial #PatientRights #IRDAI #Insurance #AdityaBirlaHealthInsurance #KKV
ये पवन पेड़ा की तरह कांग्रेस की अंधगुलामी में ज्यादा स्याना बन रहा था सोचा मल्टीपल डॉक्यूमेंट बनवाकर ECI पर बाद में आरोप लगाऊंगा, सरकार को एक्सपोज करूंगा लेकिन पहले ही पोल खुल गई और इसकी इज्जत खुद गई।
अब अग्रिम बेल के लिए भागते रहना 😁🤣
अखिलेश जी ने दशकों तक मुस्लिम समाज का शोषण किया है आज जाकर मुस्लिम समाज अखिलेश जी से अपना हक मांग रहा है।
@yadavakhilesh जी सपा से सीएम कैंडिडेट मुस्लिम को बनाकर उन्हें उनका हक दे दीजिए 😣
लखनऊ के अलीगंज में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद और हृदयविदारक है।
हादसे में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
जिस इमारत में आग लगी, वहां एक कोचिंग सेंटर के साथ कुछ अन्य दुकानें और एक गेमिंग जोन भी संचालित हो रहा था।
दुर्भाग्य से इस वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण अग्निकांडों की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। अभी हाल ही में दिल्ली के एक होटल में भी ऐसी ही भीषण आग की घटना हुई थी।
आग से सुरक्षा मानकों के मामले में यदि कहीं सबसे अधिक खानापूर्ति होती है, तो वह छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जहां विभिन्न गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
अस्पताल, होटल, कोचिंग सेंटर और मॉल जैसी जगहें अब अग्नि दुर्घटनाओं के हॉटस्पॉट बनती जा रही हैं।
छोटे से छोटे कोचिंग संस्थानों, स्कूलों, अस्पतालों, मॉल और अन्य सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट होना चाहिए। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में अग्निशमन विभाग के रिस्पॉन्स टाइम और प्रोटोकॉल व्यवस्था को युद्ध स्तर पर दुरुस्त किया जाना चाहिए।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद कर दिया है तो अमेरिका ने अनुमति दी है।
इसे अनुमति नहीं आग भड़काकर देशों को अपने हाल पर छोड़ दिया है कि खुद लेलो अब जाकर।
अब समय आ गया है की स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स किसी भी कोचिंग या लाइब्रेरी में जाने/बच्चों को भेजने से पहले खुद सेफ्टी को जांचे। जीवन आपका है कोचिंग मालिक मोटी रकम कमाकर निकल जाएंगे।
स्टूडेंट खुद ऐसे कोचिंग से किनारा कर ले जो -
ज्यादातर विवादित संस्थानों हो।
ग्राउंड फ्लोर पर पढ़ाते हों।
स्वच्छ हवा, साफ पानी, बैठने की व्यवस्था न हो।
सेफ्टी + इमरजेंसी दोनों एंट्री, एग्जिट ना हो।
फायर सेफ्टी वॉटर लाइन ना बिछी ना हो।
फायर एग्जिशस्ट्रनर संस्थान एरिया के हर 20 फुट पर ना रखा हो और हमेशा चलने की कंडीशन में हो।
+अन्य जिससे स्टूडेंट को कठिनाई का सामना करना पड़ता हो वो अपने लिए आवाज उठाएं जरूरत पड़ने पर समय रहते प्रशासन को समस्या से अवगत कराएं।