अभी देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है जैसे लोगों के अंदर से गुलामी की मानसिकता खत्म नहीं हुई है। इतना अन्याय सहने के बाद भी लोग कैसे इतनी निर्लज और इतने गिरे हुए हो सकते हैं। सही मायने में बोले तो लोग अंधभक्ति में पूरी तरह से डूब चुके हैं।
ARTO के यहां मिला 13 किलो सोना, 9 किलो चाँदी, नक़दी भी बेशुमार। 1.5 लाख की तनख़्वाह वाला ये अफ़सर जब पन्नों पर साइन कर रहा था तो इसके हाथ काँप रहे थे!
ये हाथ ऊपर की कमाई लेते वक़्त काँप गए होते तो आज ये दिन देखने पड़ते?
I think after this match there is no anymore respect and values of #fifa does left. And earlier there was also American player Red card got cancelled later on match day. This all evidence and incident makes #fifa useless.
“मोदी के बाप का देश नहीं है, हमारा देश है यह किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी ने मिलकर इस देश को बनाया है और सबने अपनी कुर्बानियाँ दी हैं।
अगर इनका बस चले तो मुसलमानों को गायब कर दें, दलितों को गायब कर दें और सिर्फ अपने भक्तों को रखें इनके लिए सिर्फ वही सही है जो बीजेपी के साथ है जो इनके खिलाफ बोले, उसे दबाने, डराने या खरीदने की कोशिश होती है अगर पैसों से नहीं बिकोगे तो छापे पड़वा देंगे यही इनकी राजनीति का तरीका बन गया है।”
उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में 11 लाख रुपए की बुलेट आई है..जबकि उसकी कीमत कुल 3
लाख रुपए है..!
सोचिए 1 बुलेट में 8 लाख रुपए का घोटाला किया
गया है DG द्वारा..!
लखनऊ में अग्निकांड स्थल पर पहुंचे फायरमैन जितेंद्र राठौर के आरोप सुनिए..!
ट्विटर ने ये वीडियो डिलीट कर दी 😳 फिर से पोस्ट कर रहा हूँ पहले से अधिक रीट्वीट ठोकना
भाजपा का सारा जोड़ तोड़ बेकार हो गया है @MahuaMoitra तो भाजपा में आई नहीं . कच्चे नींबू अच्छी तरह छीले है आज
मुझे नहीं पता आप इसे कैसे देखेंगे
आपके नज़रिये को तय करने का इरादा भी नहीं
लेकिन कुछ बात समझें तो बेहतर है
1. इस 9th में पढ़ने वाले लड़के को यह तमीज़ है कि सार्वजनिक पटल पर बात कैसे रखी जाती है
2. पोलिटिकली करेक्ट होना किसे कहते हैं
3. शब्द चयन और जो सही है उसे स्वीकार करते हुए अपना पक्ष रखना
4. अपनी बात कहना बिना किसी दूसरे पर ज्यादा जाये..
5. सबसे बड़ी बात अपनी पहचान के प्रति स्पष्ट होना (अब या तो ये बाकई उसकी ईमानदारी है या उसकी समझ बड़े बड़े मुस्लिम नेताओं से ऊपर दर्ज़े की है)
खैर इस लड़के की बात ने प्रभावित किया...
सीधा कहूँ तो हमारे पक्ष और ख़ास कर विपक्ष के नेता थोड़ा सीख लें इससे तो बेहतर होगा
हाँ ये मुस्लिम है....
बिलकुल में भी जो सामाजिक वर्ग संघर्ष का दौर है उससे अलग नहीं...
पर कई बार सामने के खेमे से भी कोई प्रभावित कर सकता है अपनी बात से....
में स्वीकार कर लेता हूँ ऐसा हो तो... हिचक नहीं!