हमारी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लाखों ठेका कर्मियों को शोषण से मुक्त करने के लिए 'राजस्थान लॉजिस्टिक सर्विस डिलीवरी कॉर्पोरेशन' (RLSDC) के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
इस निगम का मुख्य उद्देश्य प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत हजारों कार्मिकों को पूरा मानदेय और EPF-ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करना था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार ने कई अन्य जनहित की घोषणाओं की तरह ही इस घोषणा को भी अटका दिया है।
मैं वर्तमान राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि इस अल्प आय समूह के भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिरता को देखते हुए इसका गठन कर अविलंब आगे काम बढ़ाएं। जनहित में लिए गए निर्णयों को गति देना ही लोकतंत्र की असली शुचिता है।
A person has reportedly been taken into custody and is currently being questioned in connection with Nancy Guthrie’s abduction However officials have not confirmed whether this individual is the masked figure seen in the surveillance footage.
Authorities are still actively investigating and continuing search efforts as Nancy’s location remains unknown More updates are expected as the case unfolds
मध्य प्रदेश की विदिशा जिले में एक अनोखी शादी देखने को मिली।
यहां एक दूल्हे ने अपनी बारात को लग्जरी कारों घोड़ियों डीजे के शोर शराबे से दूर रखते हुए देशी अंदाज में खूबसूरती से सजी बैलगाड़ियों पर निकाली जिसे देखने के लिए गांव के सभी लोग इकट्ठा हुए।
सादगी संस्कृति और परंपरा के झलक दिखाई दे रही थी गांव के सभी बूढ़े बुजुर्गों से लेकर युवा इस शादी में शामिल हुए ।
दुल्हन को भी इन्हीं बैलगाड़ियों में फूलों से सजाकर विदा किया गया।
गांव की पहले की परंपराएं और संस्कृति और सादगी सभी की यादें ताजा हो गई डॉक्टर की यह पहला लोगों के लिए प्रेरणा बन गई चाहे कितने भी पढ़ो लिखो सफल हो लेकिन अपनी संस्कृति और विचारों से जुड़े रहो ।
आजकल की युवा पीढ़ी में रिल बनाने का क्रेज चरम पर है
इसके लिए लोग अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं
यह मामला यूपी के बरेली जिले से है यहां निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर रिल बनाते समय 22 साल के मोहम्मद फैजान का पैर फिसल गया।
वह नीचे जा गिरा और भारी भरकम सीमेंट के स्लैब के नीचे दब गया।
और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
फुटपाथ की ठंडी ज़मीन पर बैठी वह माँ शहर की रफ्तार से अलग एक दुनिया थी।
एक हाथ से उसने बच्चे को सीने से लगा रखा था,
दूसरे से हवा को जैसे ढाल बना लिया हो।
ऊपर से गाड़ियाँ गुजरती रही लेकिन किसी ने पूछा नहीं कुछ चाहिए
बच्चा गहरी नींद में था माँ का साया ही उसे सुकून की नींद दे रहा था
माँ की आँखें खुली थीं।
नींद उसके लिए आराम नहीं खतरे का दुसरा नाम थी
शहर ने विकास की इमारतें खड़ी कर दी लेकिन
इंसानियत कहीं खो गयी
फिर भी माँ मुस्कराई क्योंकि उसकी पूरी दुनिया
बच्चे में सिमटी थी।
फुटपाथ पर बैठी वह माँ
गरीब नहीं थी लोग अपनी सोच से गरीब थे
हम सब सवालों के कटघरे में खड़े थे।
इंसानियत मर चुकी है ।
मां बनने की कहानी ...
जब एक औरत मां बनती है तो उसके मन में बहुत सारे सवाल होते हैं
ऑपरेशन थिएटर में कोई भी माँ बाहर से भले ही शांत हो
लेकिन उसके दिल में सिर्फ एक ही दुआ निकलती है ''बस मेरा बच्चा ठीक से आ जाए''
डर भी होता है दर्द का सर्जरी का लेकिन एक मां अपने बच्चों के लिए खुशी-खुशी सब दर्द बर्दाश्त कर लेती है
एक औरत का पुर्नजन्म होता है
वाराणसी की मंगला कपूर को पद्मश्री पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है 12 वर्ष की उम्र में पारिवारिक दुश्मनी के चलते हुए ऐसिड अटैक ने उनके जीवन को गहरे दर्द और संघर्ष में डाल दिया
6 वर्ष तक 36 सर्जरी से गुजरना पड़ा शारीरिक पीड़ा सामाजिक तानों और आर्थिक तंगी के बावजूद मंगला कपूर ने हार नहीं मानी शिक्षा और शास्त्रीय संगीत को अपनी ताकत बना ली
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक परस्नातक और पिएचडी तक की पढ़ाई पूरी की
बीएचयू में संगीत की प्रोफेसर बनी 30 वर्षों तक सेवाएं देने और सेवानिवृत्ति के बाद निशुल्क बच्चों को संगीत सिखाती है दिव्यांगों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है उनकी कहानी साहस और समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक है।
संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता है ।
कुछ लोग.....
आपकी धैर्य की आखिरी हद तक आपको पढ़ते हैं
फिर एक समय आता है जब उनके सवाल का एक ही जवाब रह जाता है आपकी खामोशी....
ये खामोशी कोई सामान्य चुप्पी नहीं होती बल्कि उनकी अपेक्षा से उपजे उसे गहरी आघात की निशानी होती है...
जहां दिल निराश हो चुका है पर अब उनसे कुछ भी कहना अच्छा नहीं लगता...
लोगों की बातें मत सुनिए खुद के मन की करिए
ये लोग कभी जिवन में आगे नहीं बढने देते ।