मैंने दो कॉमेडियन्स का वीडियो देखा, हँसी ढूँढ़ता रहा, मसखरी दिखाई दी,
सटायर ढूँढता रहा, संवेदन-शून्यता दिखायी दी.
परिहास ढूँढता रहा, बदतमीज़ी दिखाई दी.
एक वृद्ध महिला को कुर्सी और आदर देना अगर मज़ाक़ का विषय है, तो ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि मैं आजीवन मज़ाक़ बन के जीता रहूँ और एक दिन मज़ाक़ बनके ही इस निर्मम दुनिया से चला जाऊँ.
विरोध करना लोकतांत्रिक-अधिकार है, लेकिन मर्यादा से गिरना चारित्रिक-पतन है.
परमात्मा मुझे वो दिन न दिखाए कि मैं अपने महान भारतवर्ष में कभी जोकर-राज देखूँ.
मेरे बच्चों, जेन ज़ी के चिराग़ों, हँसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना, पंचतंत्र की कहानियाँ पढ़ लेना, तेनालीराम के किस्से पढ़ लेना, लेकिन ऐसे भावना-शून्य जोकरों को अपनी मोबाइल स्क्रीन पर जगह देकर, अपने माता-पिता की परवरिश को लज्जित मत करना. जीते रहो!
अब मैं भी उन लोगों की बात से सहमत होने लगा हूँ जो कहते हैं कि अमित शाह जी भारत के इतिहास के "सबसे कमज़ोर" गृह मंत्री हैं।
आज़ादी के दिन से पहले ISI समर्थित आ तं की गुट 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' को खत्म कर दिया गया🔥
14 राज्यों में एक साथ छापेमारी, 253 गिरफ्तारियां कोई जानकारी लीक नहीं हुई ज़रा इसके पैमाने और इसे अंजाम देने के तरीके के बारे में सोचिए।
-80 से ज़्यादा FIR दर्ज की गईं
-I.E.D, ग्रे नेड और पि स्तौल बरामद किए गए
-पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड बरामद हुए
-जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV उपकरण भी बरामद हुए
राज्य-वार गिरफ्तारियां:
उत्तर प्रदेश 62
हरियाणा 52
दिल्ली 51
पंजाब 44
राजस्थान 15
महाराष्ट्र 8
उत्तराखंड 5
कर्नाटक 3
गुजरात 3
बिहार 3
तेलंगाना 2
हिमाचल 2
J&K 2
केरल 2
ऐसा काम सिर्फ़ एक "कमज़ोर" गृह मंत्री ही कर सकता है।
कांग्रेस के "मज़बूत" गृह मंत्रियों के समय देश कितना सुरक्षित था।
है ना?