'हम ऐसा भारत चाहते हैं... जहां पर कोई बच्चा सिग्नल पर तिरंगा झंडा ना बेचे। वो तिरंगा झंडा लेकर अपने स्कूल जाए... और वहां जाकर वो राष्ट्रगान गाए'
: अभिजीत दिपके
20 दिन बाद नरेंद्र मोदी सदन में आए
20 दिन बाद अमित शाह सदन में आए
उनके आते ही सभापति ने
सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी
यह डर है सवालों का!
यह डर है ज़िम्मेदारियों का!
यह ख़ौफ़ है राहुल गांधी का!
पूरे सत्र 56 इंच वाले मुँह छिपाये भागते रहे
जय हिन्द! ✊🇮🇳
पाच वर्षांत महाराष्ट्रातील ३६,२११ कंपन्या बंद झाल्या, हजारो कुटुंबांचा रोजगार आणि उत्पन्नाचा आधार हिरावला. उद्योग बंद म्हणजे कामगारांच्या घरातील चूल आणि मुलांचे भविष्य संकटात येणे. याचाच फटका छोटे व्यापारी, दुकानदार, वाहतूकदार आणि संपूर्ण अर्थचक्राला बसतो.रोजगार जात असताना सरकारच्या विकासाच्या खोट्या दाव्यांची पोलखोल झाली आहे.
Just landed in my hometown, and everywhere I look, there’s a Devendra Fadnavis banner.
The Tiranga Rally is welcome, but does it really need huge banners everywhere? This money could be better spent on improving schools in rural areas.
While students in rural Maharashtra are pleading for good roads to reach school, the Chief Minister has covered Chhatrapati Sambhajinagar with his own banners.
यह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे है
4,200 करोड़ रुपए में बना है
20 दिन पहले ही उद्घाटन हुआ था
तबसे 5 बार एक्सप्रेसवे की मरम्मत हो चुकी है
यह भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है?
डबल इंजन - डबल भ्रष्टाचार
राजस्थान के सरकारी स्कूल में टीचर नहीं हैं, तो चपरासी ही बच्चों को पढ़ा रहा है.
इसके विरोध में कल बच्चों ने स्कूल में ताला लगा दिया. Gen Alpha लगातार ऐसे प्रोटेस्ट कर रहे हैं.
मोदी जी पढ़े लिखे व्यक्ति हैं, उम्मीद है वो शिक्षा पर ध्यान देंगे.