पहले फूड डिपार्टमेंट में हाहाकार मचाई, उन्हें सुधारा और अब चिकित्सा क्षेत्र में आ गए।
हम बात कर रहे हैं FDA कमिश्नर IAS तुकाराम मुंडे की जिन्होंने कल पुणे में Cipla फॉर्मा का लाइसेंस रद्द कर दिया।
Cipla फॉर्मा में तुकाराम मुंडे को दवा के प्रचार और लेबलिंग के लिए ऐसी चीजें मिली हैं जो नियमों के विरुद्ध हैं।
इसमें उन्होंने बड़ी कार्यवाई करते हुए Reactin Plus दवा का लगभग 11.19 लाख का स्टॉक जब्त करके मार्केट में गईं इस दवा को वापस मंगाने का आदेश दिया है।
अब FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे एक एक क्षेत्र में घुसते जा रहे हैं और यही डर लोगों को उनके सही ट्रैक पर ले आयेगा।
दावा था कि उत्तर प्रदेश की सड़कें 'अमेरिका' के बराबर बनेंगी! बड़े-बड़े मंचों से वर्ल्ड-क्लास और स्पेस टेक्नोलॉजी की भारी-भरकम बातें की जाती हैं।
लेकिन ज़मीनी हकीकत का तमाशा देखिए।
4,700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना देश का सबसे महंगा 63 किलोमीटर का 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे' उद्घाटन के मात्र 18 दिन के भीतर ही 84 जगहों से धंस गया और टूट गया!
अभी कुछ दिन पहले ही मामला हाईलाइट होना शुरू हुआ तो NHAI ने टोल टैक्स रोक दिया है और निर्माण कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने तथा ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस थमाया है। पर जिस PNC इंफ्राटेक लिमिटेड' (PNC Infratech Ltd) ने यह भ्रष्टाचार वाली सड़क बनाई है, उसके मालिक प्रदीप कुमार जैन, भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के सगे भाई हैं!
यह वही कंपनी है जो 2021 में झांसी-खजुराहो हाईवे प्रोजेक्ट में घूसखोरी और भ्रष्टाचार के लिए CBI जांच का सामना कर रही है। हैरत की बात यह है कि CBI जांच के बावजूद 2022 में इसी दागी कंपनी को ₹4,700 करोड़ का यह प्रोजेक्ट सौंप दिया गया।
नतीजा 'कमीशन' और 'हिस्सेदारी' के बोझ से सड़क धंस गई
और अब इस 'डबल इंजन' की शानदार टेक्नोलॉजी का आलम यह है कि करोड़ों की इस सड़क के गीले पैचवर्क को सुखाने के लिए हाईवे पर जुगाड़ के 'फर्राटा पंखे' लगाए गए हैं!
देश में बन रहे हाईवे की क्वालिटी टैक्सपेयर के खून-पसीने की कमाई की बर्बादी का जीता-जागता उदाहरण है।
वर्तमान सरकार राज में निर्माण चलता कम है, धंसता और गिरता ज़्यादा है!
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#UPGovt #ExpresswayScam
नाम 'मिड-डे मील' से बदलकर 'पीएम पोषण' (PM Poshan) कर देने से ज़मीनी हकीकत नहीं बदल जाती।
यूपी के सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय का यह वीडियो देखिए। मासूम नौनिहालों को 'पोषण' के नाम पर महज़ पीला पानी परोसा जा रहा है।
एक तरफ कागज़ों पर दूध, ताज़े फल, दाल और सोयाबीन वाला 'शानदार सरकारी मेन्यू' है, और दूसरी तरफ बच्चों की थाली का यह कड़वा सच।
क्या यही है सरकार का 'PM पोषण' मॉडल।
#Sitapur #PMPoshan #MidDayMeal #UPGovt #EducationSystem
भगवान शिव की पवित्र कांवड़ यात्रा और शिवभक्तों का हम हृदय से सम्मान करते हैं। लेकिन यह गंभीर चिंता का विषय है जब कांवड़ यात्रा के नाम पर मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में छात्रों के स्कूल-कॉलेज हफ्ते भर से ज्यादा समय के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
आस्था अपनी जगह पवित्र है, लेकिन शिक्षा के मंदिरों पर ताले जड़कर कैसा राष्ट्र बनेगा।
#SaveEducation #kanvadyatra #UPEducation
उससे बिछड़ कर इश्क दोबारा नहीं हुआ
चाह कर भी वो शख्स हमारा नहीं हुआ
मेरी किस्मत में लिखें हैं कदम कदम पे ग़म
मेरे हिस्से की तक़लीफें तुम्हारा नहीं हुआ
मैंने अकेले जी कर देख लिया ज़माने में
उसके बिना ज़िंदगी का गुज़ारा नहीं हुआ
मेरे नैनों में वो बसी है कुछ इस तरह कि
उसके सिवा आजतक ऐसा नज़ारा नहीं हुआ
वो तमाशा मेरा बनाकर भरे बाज़ार चली गई,
मैंने नाच–गाकर भी देख लिया बंजारा नहीं हुआ।
वो खेल गई है आख़िरी बाज़ी मेरे दिल से
ऐसा खेल मेरी ज़िंदगी में दोबारा नहीं हुआ।
— अ'मीर🌷
मुजफ़्फ़रनगर में मज़दूरों को बंधक बनाकर, हथौड़े, पेचकस और बेल्ट से पीट-पीटकर, कुत्तों के कटवाकर, भूखा रखकर लंबे समय से काम करवाया जा रहा था.
मजदूरों का दर्द सुनकर कलेजा काँप जाएगा.
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है.