देख रहे हो आज तक वालों की हरामखोरी,
पहले 12 सिलेंडर में सब्सिडी मिलती थी, फिर 9 सिलेंडर पर मिलने लगी,
अब वो संख्या घटाकर 4 कर दी गई है, उसके बावजूद ये लोग उसको राहत बता रहे हैं।
गोदी मीडिया
हमने वीडियो यूँ ही नहीं बनाया था। सवाल किसी एक चैनल, एक पत्रकार या एक खबर का नहीं था। सवाल उस nature का था जिसमें पूरी तस्वीर दिखाने के बजाय उसका एक हिस्सा दिखाया जाता है।
2016 में subsidised cylinder - 12/yr
2025 में subsidised cylinder - 9/yr
2026 में subsidised cylinder- 4/yr
जब 12 सिलेंडर से 9 और फिर 4 सिलेंडर तक की यात्रा को बड़ी राहत बनाकर पेश किया जाता है, तब समझ आता है कि आईना दिखाने की ज़रूरत क्यों पड़ती है।हमारा उद्देश्य किसी की मानहानि नहीं, बल्कि उन सवालों को उठाना था जिन्हें आम नागरिक महसूस करता है लेकिन अक्सर TV पर नहीं देख पाता।
आईना दिखाना अगर अपराध है, तो फिर सवाल पूछना भी अपराध मान लीजिए।
आज लोग मानहानि के मुकदमे को सही ठहरा रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछ रहा कि आखिर वह वीडियो बना क्यों था। आईना चुभता इसलिए कि वह सच दिखा रहा होता है।
जब नेताओं के बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं तो उन्हें शिक्षा व्यवस्था से क्या दिक्कत है और उन्हें क्लर्क की नौकरी भी नहीं करनी है सब कुछ सेट है कुछ नहीं हो पाया तो राजनीतिक विरासत है ही।
अरे का खान सर.. बिहार के बच्चों की भावना से काहे खेल रहे हैं?
अपने गार्ड लोग से पूछे कि घटना कैसे-कैसे हुई?
नेताओं की तरह क्यों व्यवहार कर रहे हैं Khan Sir?
वीडियो से साफ हुआ कि फायरिंग खान सर के गार्ड ने ही की थी