आपको हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर विक्रमी संवत् २०८२, युगाब्द ५१२७ की हार्दिक शुभकामनाएं । यह हिंदू नव वर्ष आपके जीवन में नये उत्साह, नई उमंग और नई ऊर्जा का संचार करते हुए आपको जीवन के सफलता की महत्तम शिखर पर ले जाए, आपका जीवन सदैव खुशियों से भरा रहे और सुखमय हो
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पीएससी 2023 के मूल्यांकन में ऐतिहासिक बदलाव
छत्तीसगढ़ पीएससी में पहली बार हर सवाल का मूल्यांकन अलग-अलग शिक्षकों द्वारा किया गया, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हुई। यह कदम युवाओं के भविष्य निर्माण के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
#विश्वसनीय_मूल्यांकन #छत्तीसगढ़ #cgpsc #vishnudeosai #VishnukaSushasan
🙏💐प्रभु महादेव के प्रिय महीने श्रावण की शुरुआत और भगवान् भोलेनाथ का पूजन और अभिषेक, हवन और प्रसादी भंडारा 💐🙏
सप्तम् दिवस का पूजन
दिनांक 28 जुलाई 2024
🙏हर हर महादेव🙏
🙏जय महाकाल 🙏
मेरे महाकाल का आशीर्वाद सदा बना रहे 🙏🙏
🙏💐प्रभु महादेव के प्रिय महीने श्रावण की शुरुआत और भगवान् भोलेनाथ का पूजन और अभिषेक 💐🙏
द्वितीय दिवस पूजन
दिनांक 23 जुलाई 2024
🙏हर हर महादेव🙏
🙏जय महाकाल 🙏
विष्णुदेव की सरकार में श्रमिकों के बच्चे बनेंगे अफसर
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत शुरू हुई कोचिंग, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगाव, धमतरी जिले में पहला बैच शुरू, अन्य जिलों में भी जल्द शुरू होने जा रहा।।
@ChhattisgarhCMO@DPRChhattisgarh@BJP4CGState@narendramodi@PawanSaiBJP@vishnudsai
कलावा (रक्षासूत्र/मौली) #Thread
🔹कलावा किस हाथ में बांधना चाहिए?
🔹कलावा कितनी बार लपेटना चाहिए?
🔹कलावा किस दिन खोलना चाहिए ?
🔹कलावा बांधने के फायदे तथा महत्व
🔹पुराना कलावा कहा रखे ?
🔹ज्योतिष विज्ञान तथा कलावा
🔹कलावा तथा आयुर्वेद 🧵(1/9)
(कृपया थ्रेड को अंत तक पढ़े)
प्रदेश के वंचित तबके एवं आर्थिक रूप से अशक्त बच्चों की समुचित शिक्षा की व्यवस्था के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
“मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना” के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक के स्वयं अथवा उनके आश्रित संतानों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये निःशुल्क कोचिंग की योजना का शुभांरभ किया गया है।
श्रमिकों के बच्चों के लिए शासकीय नौकरी की राह हुई आसान।
मुख्यमंत्री जी ने निर्माण श्रमिकों के परिवारजनों के लिए शुरू की है निःशुल्क कोचिंग योजना।
ऑनलाइन आवेदन जमा कर किसी भी कोर्स में करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
अधिक जानकारी के लिए 0771-3505050 पर कॉल करें।
भौतिकवादी परिवर्तन मनुष्य को सुख तो देता है, परंतु शांति नहीं दे पाता। शांति के बिना वास्तविक सुख नहीं मिलता है। श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है: “अशान्तस्य कुतः सुखम्।” ऐसा व्यक्ति जो भगवान से जुड़ा नहीं है, वह शांति नहीं प्राप्त कर सकता है।
𝟮𝟯 𝘁𝗵𝗶𝗻𝗴𝘀 𝗶𝗻 #𝘁𝗵𝗿𝗲𝗮𝗱 𝘁𝗲𝗹𝗹��𝗻𝗴 𝘀𝗶𝗴𝗻𝗶𝗳𝗶𝗰𝗮𝗻𝗰𝗲 𝗼𝗳 𝗮𝗹𝗹 𝗿𝗶𝘁𝘂𝗮𝗹𝗶𝘀𝘁𝗶𝗰 𝗽𝗼𝗼𝗷𝗮𝗻 𝗺𝗮𝘁𝗲𝗿𝗶𝗮𝗹
सम्पूर्ण अनुष्ठानिक आरती/पूजन सामग्री का प्रमाणिक महत्व
1- सुपारी :- ये ऐसी वस्तु हैं, जिनके बिना पूजा संपन्न नहीं हो सकती। सुपारी में निरपेक्ष पृथ्वी और निरपेक्ष जल तत्व के कणों का उत्तम मिश्रण होता है। सुपारी से निकलने वाले पृथ्वी तत्व के कण देवता से निकलने वाले चैतन्य की आवृत्तियों को बांधते हैं। तब चैतन्य की इन आवृत्तियों में चैतन्य के कण उसमें मौजूद निरपेक्ष जल तत्व के कणों द्वारा सक्रिय होते हैं। इस प्रकार सुपारी देवता और देहधारी आत्मा के बीच आवृत्तियों के आदान-प्रदान के लिए मुख्य माध्यम के रूप में कार्य करती है।'
पूजा में पान और सुपारी का प्रयोग नारियल की तरह उत्तर-दक्षिण की एकता का प्रतीक है। पूजा में यह उसी प्रकार श्रेष्ठ माना गया है, जिस प्रकार स्वागत में सुपारी युक्त पान पेश किया जाता है। यह सम्मानजनक माना जाता है। ठीक वैसे ही भक्त के अंतःकरण में बैठे भगवान् की प्रतिमा के समक्ष वह सब कुछ अर्पित करता है, जो सम्मान और समर्पण का सूचक हो। चूँकि पान और सुपारी के वृक्ष दिव्य हैं, इसीलिए सभी देवताओं को प्रिय हैं।