प्रेम और उसमें गिर कर लिखे गए पत्रों की बदौलत ही कचेहरी में दस्तावेज लेखक बन पाया। इसलिए दो बार स्कूल में और लगभग आधा दर्जन बार कॉलेज में पिटने के बावजूद प्रेम को सम्मान की दृष्टि से देखता हूँ।
-दुबे जी(पुरवारा वाले)
"Me watching her, for the last time, on the last day of the exam, filled me with a sense of melancholy, as I realized that this moment marked the end of an era".💔
#GulabChand_PaanWale
@Bitti_witty पहले पुरूष समाज, युवावस्था में ऐसे कलाकारों को सम्मान की दृष्टि से देखता था। आजकल के युवा इंस्टाग्राम और अन्य ऑप्शन्स के कारण उन कलाकारों का सम्मान नहीं करते।