@RailwaySeva महोदय गाड़ी संख्या 14006 जोकि आनंद विहार टर्मिनल से स्टार्ट होती है लगभग 2 घंटे लेट है उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है ना ही समझ आ पा रहा है कि वह ट्रेन चलेगी या नहीं चलेगी आज
मुझे समझ नहीं आ रहा इसमें आपको PNR नंबर की क्या जरूरत है
@PMishra_Journo भारत के अंदर एक ऐसा ईको सिस्टम काम कर रहा है जो किसी भी तरह से ब्राह्मणों पर या अन्य सवर्ण जातियों पर अनेक तरीको से हमलावर है पता नहीं उनका उद्देश्य क्या है लेकिन यह बहुत दुखद है किसी भी जाति के लिए
कल्पना कीजिए कि आपके घर में किसी को अचानक रात में पेट दर्द हो जाये। आप इमरजेंसी में ज़िला सदर अस्पताल में ले कर मरीज़ को जाते हैं जहाँ पे डॉक्टर उसे तुरंत किसी बड़े मेडिकल कॉलेज में रेफेर कर देते हैं।
एंबुलेंस से तुरंत आप वहाँ से निकलते हैं। चूँकि आपको पता है कि मेडिकल कॉलेज में पता नहीं कितनी भीड़ होगी इसलिए आप एंबुलेंस से किसी निजी अस्पताल में उतरते हैं।
और अस्पताल में मरीज़ जैसे ही बेड पर लेटा, अभी कुछ इलाज शुरू भी नहीं हुआ है, डॉ ने देखा भी नहीं और आपका बिल हो गया 20,000 रुपए।
मार्केटिंग के नाम पर कमीशन के खेल ने तथा सरकारी अस्पताल के कर्मियों / डॉक्टरों , एंबुलेंस और निजी अस्पताल के गठजोड़ ने यही स्तिथि बना कर रखी है।
और इतनी भयावह स्थिति के बावजूद कोई इसके विरोध में कुछ लिखना तो छोड़िए, बात नहीं करना चाहता।
मंदिर की पैड़ी पर कुछ देर क्यों बैठा जाता है?
बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि जब भी किसी मंदिर में दर्शन करने जाएं, तो बाहर आकर मंदिर की पैड़ी या ऑटले पर थोड़ी देर बैठें।
इस परंपरा का एक विशेष कारण है। कृपया पूरा पढ़े 👇👇