30 हजार नहीं दोगे तो PM आवास की किस्त खाते में नहीं आएगी..!
यूपी के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार किस कदर फैला हुआ है..इसकी बानगी देखिए...👇👇
PM आवास की किस्त डलवाने के लिए 14 बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके रोते हुए इस पीड़ित को सुनिए...आरोप है कि -
पीएम आवास स्वीकृत हो चुका है..पहली किस्त का मैसेज भी फोन पर आ चुका है..लेकिन पैसा अकाउंट में नहीं आया...!
पीड़ित डूडा कार्यालय गया तो बाबू ने बताया कि तुम्हारा अकाउंट गड़बड़ है..जब तक 30 हजार रुपए नहीं दोगे किस्त खाते में नहीं आएगी..!
पीड़ित चक्कर लगाकर तक चुका है..कोई सुनने वाला नहीं है...!
ये वीडियो मैनपुरी जनपद से वायरल है..!
🚨 SHOCKER! Delhi Doctor Nadeem cuts wrong vein during surgery, tells patient: "It's Allah's will."
When asked what if she had died? He repeats: "Allah's will."
— Religious arrogance in the operation theatre? This is unacceptable.
एक एक शब्द ध्यान से सुन लीजिए
तब कांग्रेस की राजस्थान सरकार ने 15 लाख दिए थे
इस सरकारी जमीन पर बिल्डिंग मदरसा बनाने के लिए
सरकार ने ध्वस्त कर दिया
आज फिर मेरी बात सही निकली नेता और अधिकारियों ने खड़े हो कर क़ब्ज़े कराए है
अब भी शेयर नहीं कर सकते तो छोड़ दो सोशल मीडिया
युवक ने पुलिस पर निकला आपने गुस्सा।
इस पुलिस वाले ने इस लड़के का चालान काटा था ₹600 का हेलमेट न पहनने पर।
आज ये पुलिस वाला इसे बिना हेलमेट दिखा तो ये नहीं माना और ज़िद करने लगा है आपका चालान भी कटेगा।
The 1978 Ranga-Billa case involved the brutal kidnapping and murder of teenage siblings Geeta and Sanjay Chopra in Delhi by career criminals Kuljeet Singh (Ranga) and Jasbir Singh (Billa).
The horrific crime shocked the nation, leading to a massive manhunt and the swift conviction of both killers, who were ultimately hanged in 1982.
The investigation was led by Inspector VP Gupta of the Delhi Police, with SI Ram Chander serving on the team. A bystander, who had tried to save the children, and later helped the police identify the killers by providing their descriptions was Babulal. The journalist who covered the case was Prabha Dutt.
Amazon Prime's series Raakh, which is based on this incident, replaces Inspector VP Gupta with SI Jayprakash Jatav, explicitly portrayed as a Dalit officer navigating institutional bias. Furthermore, SI Ram Chander is replaced by SI Javed Murtaza, Babulal by Saleem, and Prabha Dutt by Nisar, while a lazy hawaldar character named Mishra has been added to the narrative.
This isn't creative liberty. Creative liberty is meant to enhance a story, not distort historical facts to fit a specific ideological agenda. Another stark reminder of how easily history can be rewritten in plain sight under the convenient guise of creative freedom.
श्रीमान @DGPHaryana जी,
भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan ऐप पर डिजिटल रूप से रखे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), बीमा और अन्य सरकारी दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं। चेकिंग के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी इसे स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता।
लेकिन हरियाणा पुलिस में कार्यरत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकारियों ने न सिर्फ भारत सरकार के नियमों की अवहेलना करते हुए DigiLocker के डॉक्यूमेंट को मानने से मना किया है बल्कि वाहन चालक का मोबाइल तोड़कर उसके साथ मारपीट भी किया हैं।
आपसे अनुरोध है कि,
इस घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोप सत्य पाए जाने पर तुरंत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही करने के साथ साथ अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए गिरफ्तारी करें।
1978 के गीता और संजय चोपड़ा मर्डर केस (रंगा-बिल्ला केस) पर Amazon prime ने मूवी बनाई, लेकिन उसमें जबर्दस्ती भीम-मीम एंगल डाल दिया है जिसका असली घटना से कोई लेना देना नहीं!
असल VP गुप्ता (पुलिस इंस्पेक्टर) को "जय प्रकाश जाटव" बना दिया, जिसके घर मे फुले और अम्बेडकर की तस्वीरें हैं, जिसको जातिगत भेदभाव झेलना पड़ा है!
उसके पिता से जय भीम के नारे लगवाए जा रहे हैं!
इंस्पेक्टर के मेहनती साथी है "जावेद मुर्तज़ा"!
पत्रकार प्रभा दत्त को बना दिया "निसार"!
और बाबूलाल जिसने बच्चों को बचाने की कोशिश की थी, उसको बना दिया "सलीम"!
और आलसी हवलदार बना दिया "मिश्रा"!
बस इसी तरह एक खौफनाक असल घटना में भी इन्होंने अपना एजेंडा चला दिया!
और लोग कहते हैं कि narrative से क्या होता है!
सन 1988 से यह बुजुर्ग न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है, सोचिये पिछले 38 सालों में कितने DM आए और गए होंगे लेकिन इस गरीब बुजुर्ग का कोई न्याय नहीं दे पाया।
EXCLUSIVE:
During Annual Day programme of Kids World English School in Partur, Jalna — school children danced on the Pakistani song of "Gustakh Nabi Ki Ek Saza..." with dummy swords.
In the background, they had celebrated with photo of Pakistani terrorist Mumtaz Qadri, who had assassinated Pakistan's Punjab Governor — as he had spoken in defence of a Christian woman Asia Bibi, accused of blasphemy.
This school claims to be affiliated with CBSE board ( @cbseindia29), and allegedly is promoting extremist ideology amongst children.
We urge @NCPCR_ to immediately take cognizance of the matter, and direct security agencies to investigate it and take appropriate action.
cc: @DGPMaharashtra, @sp_jalna
समीर शर्मा ने स्टार हेल्थ इंश्योरेंस लिया...
20-25 लाख कि नहीं केवल 3 लाख कि समीर गरीब है ।
हार्ट अटैक हुआ तो स्टैंट डाले गए लेकिन बिमा कंपनी ने मना कर दिया ।
परिवार ने 5 रुपये सैंकड़ा के ब्याज पर ऋण लेकर अस्पताल से छूटी लेनी पड़ी!
हर कोई लूट रहा है लेकिन कोई सुनें वाला नहीं है ।
The wife of an army man was drugged, gang-raped and filmed by Ayyaz Taj Madare and Ameen Shaikh on the pretext of a land deal in Nagpur.
Blackmailed, extorted for lakhs, forced to drink halal liquid, chant verses, converted by Hazrat Maulana in Chhindwara, MP, "nikah" to Ayyaz, and forced to eat beef!
Two are arrested; Maulana is absconding. Husband filed FIR.
देहरादून
इम्तियाज अली अपने 25- 30 साथियों और अपने परिवार की महिलाओं के साथ भाजपा युवा मोर्चा के नेता विनोद कुमार पर धावा बोलता है
फ़ावड़ा से बेलचा शॉवेल से और हथौड़ियों से 50 की संख्या में मुसलमान विनोद कुमार पर टूट पड़ते हैं और उनकी मोब लिंचिंग करके क्रूर हत्या कर दी जाती है
लेकिन जो माहौल किसी मुसलमान के मोब लिंचिंग पर बना दिया जाता है मतलब राहुल गांधी अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष ट्वीट करता है घटनास्थल पर जाता है मामले को पूरी दुनिया में उठता है
अब सब चुप है
क्योंकि मुसलमानो की भीड़ ने एक हिंदू का मोब लिंचिंग किया है
पुष्कर सिंह धामी @pushkardhami जी सभी आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए बुलडोजर एक्शन होना चाहिए और देहरादून को इन जेहादियों से आजाद करवाइए
>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो पाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
किस बात का यह घमंड है? शरीर पर वर्दी है इसीलिए इतनी गर्मी है? आपको चालान करना है करिए किसने रोंका? लेकिन क्या आप किसी को वीडियो बनाने से रोकेंगे? आप उठाएंगे? गाली देंगे? अरे साहब बहुत मेहनत से वर्दी मिलती है उतर जाने के बाद याद आएगा कि क्या गलती की है।