जिसके पास भी आयुष्मान कार्ड है डस्टबिन में फेक दो, क्योंकि मैं अभी फेकने वाला हूं।
आयुष्मान कार्ड की सच्चाई जानकर भौचक्के रह जाओगे आप!
मेरे पास एक आयुष्म कार्ड है, लेकिन यह मेरे अपेंडिक्स और पाइल सर्जरी के लिए स्वीकार नहीं किया गया। मेरा अस्पताल का बिल ₹55,000 के आसपास आया, और दवाएं, जाँच, यात्रा और अन्य खर्चों सहित, मैंने अपनी जेब से लगभग ₹70,000 खर्च किए।
मैंने आयुष्म हेल्पलाइन को फोन किया और पूछा कि मेरा कार्ड क्यों स्वीकार नहीं किया गया। तो उन्होंने बोले...1/2
Indians can never imagine to what level Pakistanis go for spreading propaganda.
there is a literal account on TikTok of Pakistani man who eat cow dung, yes you read it right he eats cow dung in his video.
but in his bio he uses Indian, but when you can scroll down right to the bottom of his videos you will see him posting content related to his life in Pakistan.
even on twitter you might have seen him being used by low iq MAGA folks using as him to insult indians
ये जागृति है, बेजुबान जानवरों को मदद करती है और उनके रहने के लिए घर भी बनाया हुआ था।
इनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के इनके dog 🐕 and cow 🐄 shelter को तोड़ दिया गया MCD के द्वारा।
जिससे इन्हें लगभग 70 लाख का नुकसान हुआ है।
और इस मामले में कनेक्शन आम आदमी पार्टी का निकलकर सामने आ रहा....
आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार मिटाने का दावा करके आई थी। आज उसी पार्टी के स्थानीय स्तर के लोगों पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लग रहा है। एक पशु कल्याण कार्यकर्ता का आश्रय बिना नोटिस के तोड़ दिया गया, क्योंकि उसने कथित रूप से पैसे देने से मना कर दिया।
सवाल यह है कि अगर कोई आवाजविहीन पशुओं के लिए काम कर रहा है, तो उसे इस तरह की स्थिति का सामना क्यों करना पड़े?
She is Jagriti Mishra (instagram jagriti709) from Delhi
I have watched her videos in YouTube.
She makes videos caring and loving animals, providing them with food and shelter.
On 24th October, parts of a shelter made by Jagriti Mishra were allegedly demolished by AAP goons without any prior notice. She suffered ₹70 Lakh loss due to this
The shelter reportedly cares for street dogs, including severely injured and paralysed animals that require ongoing attention
The AAP goons demanded bribe from her and upon refusing they did that inhuman act.
I request @CMODelhi to look into the matter and give her justice.🙏
जो बेज़ुबानों की आवाज़ बनीं, आज उनके लिए आवाज़ उठाएँ, जागृति मिश्रा जी के लिए निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग करें। इंसानियत तभी ज़िंदा है, जब हम दूसरों का दर्द समझें।
इस पोस्ट को शेयर करें और यह आवाज़ संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएँ। 🙏
#JusticeForJagriti#JagritiMishra
Sharm Kar @ArvindKejriwal Tuh bachayega auraton ko ? Aukat dekh teri aur teri party ki.
@AamAadmiParty Shameless low graded gutters is what you'll are.
🚨 AAP का असली चेहरा!
भ्रष्टाचार मिटाने का वादा करने वाली पार्टी के पार्षद के भाई ने पशु प्रेमी जागृति मिश्रा से पैसे मांगे। मना करने पर बिना नोटिस गौशाला गिरा दी।
मनीष सिसोदिया से जुड़े लोग + भ्रष्ट MCD अधिकारी = यही AAP का मॉडल है।
@gupta_rekha जी @p_sahibsingh जी अब तो सत्ता में आप हैं। दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो।
#AAPCorrupt #SaveGaushala #AccountabilityNow
दिल्ली की एक लड़की सालों से घायल और पैरालाइज्ड स्ट्रीट डॉग्स को बचा रही थी।
जागृति मिश्रा (@street_worldz709) ने अपने दम पर शेल्टर और गौशाला बनवा रही थी।
MCD के JE विकास गुप्ता पुलिस के साथ बिना नोटिस JCB लेकर पहुंचे और निर्माण तोड़ दिया।
उसका आरोप है — रिश्वत मांगी गई, मना करने पर जानबूझकर कार्रवाई हुई। वीडियो में वह आम आदमी पार्टी के सोनू दाबस और मनीष सिसोदिया का नाम ले रही हैं।
बेजुबान जानवरों की छत मलबे में तब्दील हो गई।
ये अन्याय है या कुछ और?
#JusticeForJagriti #StreetWorldzTrust #MCD #AnimalWelfare
यह है जाग्रति मिश्रा, एक जानी-मानी एनिमल रेस्क्यूअर, जो 'स्ट्रीट वर्ल्ड्ज़ ट्रस्ट' नाम की संस्था चलाती हैं, जो मुख्य रूप से उन बेसहारा जानवरों की देखभाल करती है l
जाग्रति के निर्माणाधीन एनिमल शेल्टर को जिस तरह बेरहमी से ध्वस्त किया गया, उसने हर इंसान की रूह को झकझोर कर रख दिया है,
जाग्रति मिश्रा लाचार और दिव्यांग जानवरों के लिए एक पक्का और सुरक्षित स्थायी शेल्टर होम बनवा रही थीं,
इस शेल्टर को तैयार करने में उनके जीवन की जमा-पूंजी और आम जनता से मिले डोनेशन के लगभग ₹70 लाख खर्च हो चुके थे,
लेकिन, जूनियर इंजीनियर विकास गुप्ता भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे और देखते ही देखते पूरे ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया,
जाग्रति का आरोप है कि शेल्टर का निर्माण न तोड़े जाने के बदले में उनसे अधिकारियों द्वारा भारी रिश्वत मांगी गई थी, उन्होंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया,
जाग्रति ने पार्षद सोनू डाबास का नाम लिया है, उनका आरोप है कि राजनीतिक सह और दुर्भावना के तहत उनके इस नेक काम को निशाना बनाया गया है,
उनका दावा है कि प्रशासन ने उन्हें किसी भी प्रकार का पूर्व लिखित नोटिस या चेतावनी नहीं दी,
दूसरी तरफ, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई ग्रीन ज़ोन या अनधिकृत क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण को हटाने के नियमों के तहत की गई है,
इस पूरी कार्रवाई का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब बुलडोजर चला, तब वहां कई बीमार और लकवाग्रस्त जानवर मौजूद थे,
अचानक हुई इस तोड़फोड़ के कारण कई बेजुबान जानवर मलबे के नीचे आ गए और कंक्रीट के बीच फंस गए,
देश भर के पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में भारी आक्रोश है,
इस मामले में कानूनी दांव-पेंच जो भी हों, लेकिन इस पूरी लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान उन बेजुबान और लाचार जानवरों का हुआ है, जिनका एकमात्र आशियाना छीन लिया गया है।
बेजुबानों की आवाज़ बनने वाली इस बहन की आवाज़ आज हम बनें! 💔
आज ये बहन रो रही है। अगर हम इन्हें न्याय दिलाने के लिए साथ नहीं खड़े हुए, तो कल लोग ऐसे नेक काम करने से भी पीछे हटेंगे।
इनकी आवाज़ बुलंद कीजिए, मदद के लिए आगे आइए और मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की माँग कीजिए।
Jagriti Mishra runs an animal shelter and NGO in Delhi. While she was constructing a gaushala on her land, Manish Shishidia’s gundas and corrupt MCD officials arrived without notice and demolished the under-construction building because she refused to bribe the local parshad.