UPSSSC आयोग के परीक्षा में बच्चे .25, .5 से बाहर हो जाते है वो भी तब , जब हजारों सीटें खाली चली जाती है , क्या गुजरता होगा बच्चों के दिल पे कोई उनसे ही पूछो ये अन्याय हम कब तक सहेंगे ? हमारी मांग वेटिंग लिस्ट
@mpbrijeshpathak@kpmaurya1
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्���ास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मा��ले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।
UPSSSC PET_2022 के माध्यम से वर्ष 2023 में निकाले गए जूनियर असिस्टेंट के 5512 पदों और ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों पर आयोग ने पहले डेढ़ से दो वर्षों की लंबी देरी के बाद परीक्षा आयोजित कराई।
��ब स्थिति यह है कि इन भर्तियों का विज्ञापन जारी हुए लगभग 3 वर्ष होने वाले हैं, लेकिन आज तक आयोग ने किसी भी परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं किया है।
युवा साथियों का कहना है कि पहले वैकेंसी के लिए प्रोटेस्ट, फिर एग्जाम डेट के लिए प्रोटेस्ट, एडमिट कार्ड के लिए प्रोटेस्ट, डीवी के लिए प्रोटेस्ट और अब रिजल्ट के लिए भी प्रोटेस्ट करना पड़ रहा है।
छात्रों का यह भी कहना है कि वे कई बार लखनऊ आकर UPSSSC आयोग के सचि�� को रिजल्ट जारी करने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई नतीजा नहीं निकला है।
जब आयोग रिजल्ट जारी नहीं कर रहा, किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहा, तो सवाल उठता है कि आखिर इस आयोग को किस लिए बनाया गया है?
क्या यह आयोग सिर्फ इसलिए बनाया गया है कि छात्र यहां आकर अपनी जायज़ मांगों के लिए बार-बार प्रोटेस्ट करते रहें।
आयोग को जल्द से जल्द अभ्यार्थियों का रिजल्ट जारी करना चाहिए।
इस तरह की लगात���र लेटलतीफी लाखों युवाओं के भवि��्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ है।
#UPSSSC #JuniorAssistant #GramPanchayatAdhikari #Result
जब इतने सारे लोग इकट्ठे हो रहे है और ये आवाज उठा रहे है कि #uplekhppal में गड़बड़िया है
तो क्या सरकार को संज्ञान लेकर इस पर कोई जाँच नहीं करनी चाहिए कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ?
अभी तक जंतर-मंतर से जितने भी वीडियो फुटेज सामने आए हैं, उनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वालों की संख्या वैसी त��� नहीं दिख रही, जैसी भारत में इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलोवर वाली पार्टी की होनी चाहिए।
मौके पर मीडिया वाले, पुलिसकर्मी और उत्सुकतावश ताक-झांक करने वाले लोगों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। वही थोड़ा माहौल बनाए हुए हैं।
आज धूप भी बहुत है। उम्मीद करते हैं कि कॉक्रोच पार्टी वाले अपनी अपील के हिसाब से sunscreen लगाकर आए होंगे।
पहली बार ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि एक आदमी के चलते पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली होती दिख रही है।
Education system से लेकर Exam System तक, सब तमाम सवालों के घेरे में हैं। Special Protest सिर्फ एक आदमी के इस्तीफे को लेकर हो रहे हैं।
मगर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया जा सकता, चाहे देश का भव���ष्य दांव पर हो ,युवाओं के भविष्य के चलते!
ये बात एकदम समझ से परे है। हर अति का अंत है और जल्दी ही सरकार को इन्हे हटाना होगा। कोई शिक्षित आदमी ही अब देश की शिक्षा की जिम्मेदारी लेगा।
अगला नंबर रेल मंत्री और वित्तमंत्री का आना है |
विकसित भारत क़ि दिशा देश का युवा तय करेगा |
चित्रकूट में पानी के लिए तरसते बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों की दयनीय हालात देखकर भाजपा के विकास का दावा अंडरग्राउंड हो गया है। जनता कह रही है हमें आज पानी दे दीजिए, हम 2047 के विकसित भारत के सपने को लेकर क्या करेंगे।
जब तक भाजपा का महा-भ्रष्टाचारी शासन रहेगा तब तक ‘जल जीवन मिशन’ की टंकियाँ गिरती रहेंगी और ‘हर घर जल’ का नारा दीवारों पर ही लिखा मिलेगा।
अब फिर कोई किसी ‘स्वतंत्र’ को बंधक बनाएगा तो भाजपाई कहेंगे, ये ठीक नहीं किया।
भाजपा जाए तो जल आए!
हर प्यासा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
एक तरफ देश का युवा 'पेपर लीक' और धांधली के खिलाफ सड़क पर उतरकर इंसाफ मांग रहा है, और दूसरी तरफ शिक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग में अचानक "आग" लग जाती है!
क्या ये महज़ इत्तेफाक है..?
@anjanaomkashyap आप जैसी पत्रकारिता की वजह से देश का ये हाल है यदि कुछ लज्जा बची हो तो अपने गिरेबान पर ��ाक कर देखे यही सब करते करते 157 नम्बर में पहुंच गए हो अभी और कितना गिरना चाहते हो शर्म करो कुछ शर्म बची हो तो अपने कर्तव्य का सही से पालन कीजिए 🙏
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या क���छ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारित��� का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
अपनी जायज मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे है SSC_GD के छात्रों को सरकार अभी कहेगी ये युवा देशद्रोही है
इनके साथ खड़े होने वाले अध्यापकों के ऊपर सरकार मुकदमा दर्ज करेगी और आयोग भी बयान देगा की परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई है परीक्षा एकदम निष्पक्ष और पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है अगर परीक्षा को लेकर कोई भी भ्रामक वीडियो या फिर अफवाह ���ैलाई जाती है और इसमें कोई छात्र सम्मिलित मिलता है तो उसके ऊपर भी मुकदमा होगा यानी उसका भविष्य खराब कर दिया जाएगा,
मेरा एक सवाल है अगर सरकार और आयोग किसी भी एग्जाम को सुचारू रूप से नहीं करवा सकती तो युवाओं और छात्रों से कह दे कि हम आपके भविष्य से यूं ही खिलवाड़ करते रहेंगे क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित है हमें देश के गरीब, मजदूर के बच्चों से क्या मतलब है, अगर बेरोजगार युवाओं से ऐसी अव्यवस्था नहीं झेली जा रही है तो वह पढ़ाई लिखाई छोड़कर पकौड़े तले... #ssc_gd
25 मई को SSC-GD एग्जाम के दूसरे और तीसरे शिफ्ट का पेपर कैंसिल कर दिया गया बिना कोई ठोस वजह बताए, कुछ एक सेंट्ररो पर यह कहा गया कि हमारी क्षमता जितनी है उससे ज्यादा छात्र एग्जाम देने आ गए इस वजह से हम पेपर कैंसिल कर रहे हैं,
इसके बाद आयोग एक नोटिस जारी करके कहता है कि हम 29 मई को कुछ छात्रों का रि-एग्जाम करायेंगे, इससे पहले खबर आ रही थी कि SSC-GD का पेपर छह-छह लाख, 13-13 लाख में आउट कराए जा रहे हैं, नोएडा-रांची में नकल माफिया को पकड़ा जाता है, SSC के इस अव्यवस्था और लापरवाही के खिलाफ 27 मई से 30 मई तक रोज़ सुबह 11 बजे से ट्विटर पर इस हैशटैग #SSC_GD_SCAM के साथ आप सभी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर लगातार चार दिनों तक ट्वीट करना है ताकि आपकी ���वाज इस अंधी हो चुकी SSC, Dopt, शिक्षा मंत्रालय और सरकार तक पहुंचे जिन्हें युवाओं का दर्द नहीं दिखाई देता क्योंकि कुछ छात्रों का री-एग्जाम कराने से कुछ भी नहीं होगा इस पूरी लापरवाही और अव्यवस्था का निष्पक्ष जांच होनी चाहिएं ।
SSC GD 2026
📢 27 मई से 30 मई तक रोज़ सुबह 11 बजे
सभी अभ्यर्थी एकजुट होकर Twitter/X पर आवाज बने
हमारी मांग सिर्फ निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय की है।
SSC को जवाब देना होगा
#SSC_GD_SCAM@DoPTGoI@PMOIndia