जिन्हें प्यास कम उन्हें दम ब दम, जिन्हें प्यास है उन्हें कम से कम।
साक़िया तेरी बज़्म का ये उसूल है कि मज़ाक है
प्रवक्ता,समाजवादी पार्टी (पूर्व विधायक)
@ishita_9529 माननीय गृह मंत्री जी को कैसे पता चला कि जहां तनुश्री जी खड़ी हैं वहां दस मिनट में पहुंच जाएंगे? या तनुश्री जी ने अपनी लोकेशन भी भेजी थी?
गजब तमाशे का देश बन गया है
धन्य हो मंत्री जी।
प्रभु रक्षा करना।
भविष्यवक्ता महोदय उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीट हैं, आपके आंकड़ों के अनुसार अगर हर दल को न्यूनतम सीटें जोडी जाएं तो यह संख्या 403 से काफी ज्यादा हो जाएगी।
मेरे भाई झूठ भी लिखना है तो थोड़ा समझ बूझ के लिखिए। बाकी आपका अध्ययन और सर्वे किस स्तर का और कितना प्रमाणिक है स्वयं: स्पष्ट हो जा रहा है।
जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा।
अगर किसी काम को करने की सही मंशा होती है, तो शंका नहीं होती है।
दरअसल महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार अगर कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं। और इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है। जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आँकड़ों को आधार बनाएंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी।
इसीलिए हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए। जो सरकार महिलाओं को गिनना नहीं चाहती है, वो भला उन्हें आरक्षण क्या देगी। महिलाओं के साथ भाजपा और उनके संगी-साथी जो धोखा करना चाहते हैं, महिलाओं के साथ वो छलावा हम नहीं होने देंगे।
कुल मिलाकर सरकार से हमारा ये कहना है :
जब तक जनगणना नहीं, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना नहीं!
जो लोग राजनीति से कोई मतलब नहीं रखते,
उनको समझ आ जाना चाहिए कि इज़राइल अमेरिका और ईरान के युद्ध का भारत में क्यों और कैसा प्रभाव पड़ रहा है?
राजनीति घर के चूल्हे से लेकर आपके बच्चे के भविष्य तक को तय करती है।।
@yadavakhilesh@aashishsy@bstvlive@mediacellsp@samajwadiparty
गैस की लाइन में लगे एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मृत्यु होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण समाचार है। श्रद्धांजलि!
भाजपाई सच को स्वीकार करें और सुनिश्चित करें कि भाजपा सरकार की गलतियां अब लोगों की जान भी ले रही हैं। ये तो हद हो गयी है। भाजपा किसी का परिवार न उजाड़े।
जब संसद के बजट सेशन का अंतराल हुआ था तब विषय अलग थे और आज के युद्धकालीन हालातों की वजह से, संकट के इस माहौल में हमारी प्राथमिकता निम्नलिखित विषयों पर होनी चाहिए :
- युद्ध के संदर्भ में देश का पक्ष व राय;
- विदेश नीति के गिरवी रखने का विषय;
- तेल जैसी आपूर्ति पर आत्मनिर्णय की जगह अमेरिकी आदेश का आना;
- हमारी संप्रभुता और आत्मनिर्भरता का प्रश्न;
- युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में फँसे वहाँ कार्यरत भारतीय या पर्यटक बनकर गये भारत के नागरिकों की सुरक्षा व उन्हें सकुशल भारत लाने का सवाल;
- प्रधानमंत्री के साथ गये लेकिन युद्ध शुरू होने के कारण भारत न लौट पाए पत्रकारों व मीडियाकर्मियों को सुरक्षित देश वापस लाने का प्रश्न;
- युद्ध के कारण ज़रूरी आपूर्ति को नियमित व सुनिश्चित करने के साथ ही उनके बढ़ते दामों को नियंत्रित करने का विषय।
188,सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र की एक BLO खुद स्वीकार कर रही हैं कि उनको फार्म 7 लेखपाल पहुचा रहे हैं और सारे फार्म स्थानीय भाजपा नेता के परिजन के पास रखे गए हैं?.
क्या चुनाव आयोग और भाजपा सम्मिलित रूप से S.I.R. की प्रक्रिया चला रहे हैं?
@aashishsy@yadavakhilesh@bstvlive@DigvijayaY
सुल्तानपुर : सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे सपाई
➡अल्पसंख्यकों का वोट काटने का लगाया आरोप
➡डीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
➡डीएम के आश्वासन के बाद वापस लौटे सपाई
#Sultanpur#Protest#UttarPradesh#SIR@samajwadiparty