सर, जब कोई मुस्लिम युवक एनकाउंटर में मारा जाता है तब आप उनके गाँव जाकर परिवार से मिलने और मदद करने का ड्रामा कहाँ छोड़ आते हो? लेकिन जैसे ही ब्राह्मण लड़का मारा गया, तुरंत “मैं खुद जाऊंगा, मदद करूंगा, न्यायिक जांच” का रोना शुरू
Bharat Tiwari के परिजनों से कोई संपर्क करवा दीजिए , हम भी अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं।
बाकी हम गाँव जाकर Interview करेंगे और साथ ही परिवार की आर्थिक मदद भी करना चाहेंगे । https://t.co/xjGJqfl9rs
Sorry शर्मा जी
ईश्वर आपको सब्र करने की ताकत दे
ठीक उसी तरह जिस तरह फिलिस्तीनी मां-बाप अपने बच्चों को सामने शहीद होता हुआ देखते हैं और फिर सब्र करते हैं
@AdityaRajKaul I am father of one of the three crew missing. Aditya Sharma is my son.
Please help to locate and find him.
Below shipping company message to me.
My son has reported exploitation by senior at ship and want to quit this ship in April.
We have all conservation in records.
Tere beta marr gaya lavde, Israel/US nay jala diya usko ..!!
Eid manana hain ...??? Yah Diwali ...Yah Christmas ...???
Tu hi mana le.
Kyo ki tera beta toh kuch nahi mana sakta ...!!!
Bolo Jai Shri Ram.
ये हैं राजेश शर्मा ट्विटर फेसबुक पर दिनभर मुसलमानों के ख़िलाफ़ जहर उगलते थे। इनका मानना था अमरीका और इसराइल गाजा में सारे मुसलमानों को एक साथ ख़त्म कर दे।
आज इसराइल और अमरीकी हमले में इनका बेटा आदित्य शर्मा मारा गया।
ऐसा बाप किसी को ना मिले!
टोटल लानत राजेश शर्मा पर!
कौन कह रहा था कि GenZ अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर नहीं उतर सकती और विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकती?
कॉकरोचों को अब चुप रह कर सहेंगे नहीं, लड़ेंगे
पुणे यूनिवर्सिटी में CJP के विरोध प्रदर्शन के दृश्य।
मोदी इस जन्म में तो नेहरु से बड़े नहीं हो सकते . चाहे मंत्रियों को मंदिर भेजकर पूजा अर्चना करवा लें . चाहे NDA नेताओं से वंदना करवा लें . चाहे भक्तों से तालियां बजवा लें . चाहे मीडिया से चौबीसों घंटे चाटुकारिता करवा लें .
नेहरु होने के लिए सालों - साल जेल में गुजारने होते हैं . आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेना होता है .Glimpses of world history और Discovery of india जैसी कालजयी रचनाएं लिखनी होती है . नफ़रत मुक्त राजनीति
करते हुए देश के लिए बड़े - बड़े संस्थान गढ़ने होते हैं. विपक्ष का सम्मान करना होता है . पादुका पूजकों का समूह और अंध भक्तों की फौज मोदी को नेहरु नहीं बना सकती .
जनता को प्रधानमंत्री के कार्यकाल की लंबाई से नहीं, उसके कार्यकाल के परिणामों से लाभ या हानि से है।
अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उस दौरान देश कितना आगे गया।
उन वर्षों में देश कितना आगे बढ़ा, कितने युवाओं को रोजगार मिला, शिक्षा और स्वास्थ्य कितना सुधरा, न्याय कितना सुलभ हुआ, और आम आदमी का जीवन कितना बेहतर बना।
किसी शासन की वास्तविक सफलता तय इन सबसे होंगी |
BJP is desperately trying to make India into a one party dictatorship.
Shiv Sena, NCP, AAP, BJD, TMC..
They are breaking up one political party after another using money power, bribery, threats of arrest, extortion. This is not just highly undemocratic but it is setting a new precedent for the future.
It is pretty much a guarantee now that the day BJP goes out of power in centre, they will also be broken up into multiple pieces.