कुछ दिन पहले मैंने 29 ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले की गाड़ियों में E20 इस्तेमाल हो सकता है?
सबने लिखित में जवाब देने से इनकार कर दिया। आप सोच सकते हैं कि कितना डर है। लेकिन 9 कंपनियों के अधिकारियों ने मेरे साथ मीटिंग में सारा सच बता दिया। यह वीडियो ज़रूर देखिए...
न्यूज़लॉन्ड्री के पत्रकार @ImAvdheshkumar
और द हिंदू की @vijaita की शानदार और असरदार रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कलई खोल दी है .
दोनों को बधाई और शुभकामनाएं
'अंध भक्त वो होता है, जिसे विश्वास है कि एक Idiot भगवान है.'
पता नहीं क्यों, ये बात सुनते ही BJP वाले हल्ला करने लगे. कुछ समझ ही नहीं आया 🤔
आपको समझ आया तो रिप्लाई में बताएं कि Idiot शब्द सुनकर BJP वाले हल्ला क्यों कर रहे हैं?
"मनुस्मृति में लिखा है: जो शूद्र वेद सुने उसके कानों में शीशा डाल देना चाहिए, वेद का उच्चारण करने पर जीभ काट दी जाए, तथा वेद मंत्र धारण करने पर उसका शरीर काट देना चाहिए.."
खड़गे जी ने घृणित किताब का जिक्र जैसे ही किया सारे भाजपाई बिलबिलाने लगे! खड़गे जी मनुस्मृति का पोस्टमार्टम कर रहे है।
वंदेमातरम् का अपमान नही होना चाहिए।
लेकिन RSS के ऑर्गेनाइजर अख़बार ने 28 दिसंबर 1949 के अंक में राष्ट्र गान “जन गण मन” को “Item of entertainment” लिखा।
RSS ने 52 साल तक तिरंगा झंडा नही फहराया।
डॉ.हेडगेवार ने 21 जनवरी 30 को तिरंगे का विरोध करने के लिए पत्र लिखा।
भारत माता के बेटे-बेटियों को पीटा गया।
इन पापों के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा कब मिलेगी?
उनके खिलाफ क़ानून कब आयेगा?
दो ही ऑप्शन हो सकते हैं 👇
1. गृह मंत्री ने छात्रों को मारने का ऑर्डर दिया
2. गृह मंत्री को मालूम नहीं था कि छात्रों पर फायरिंग होगी
पहले केस में गृह मंत्री 'दोषी' हैं, दूसरे केस में वो 'अयोग्य' हैं।
अगर गृह मंत्री ने कुछ नहीं किया, तो वे संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
Abhinay Sir –– "JP Nadda himself is health minister. He is not able to handle his own department. From where did he get audacity to comment on education?"
Dharmendra Pradhan istipha do 😳
जंतर मंतर पर बच्चों के साथ हुई बर्बरता में सबसे बड़ा हाथ DG CRPF का है क्योंकि इन्होंने ही बच्चों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था।
DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अगर आप मेरी बात से सहमत हैं तो पोस्ट को आगे बढ़ा दो।
#DG_CRPF_Must_Resign
जो नजारा आप देख रहे हैं, वह दिल्ली के जंतर मंतर का नहीं, बल्कि राजस्थान के कोटा की सड़कों का है, जहाँ बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं। ये आंदोलन अब सिर्फ़ छात्रों का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
क्या Protesters को विदेशी Funding मिल रही है?
"Who Is Funding You?" Protesters Respond to George Soros Allegations
#ShwetaJaya#GroundReport#JantarMantar
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
युवा मोदी के खिलाफ है।
किसान मोदी के खिलाफ है।
दलित मोदी के खिलाफ है।
आदिवासी मोदी के खिलाफ है।
ओबीसी मोदी के खिलाफ है।
अल्पसंख्यक मोदी के खिलाफ है।
फिर मोदी को वोट दे कौन रहा है?