इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावास खुलवाने के लिए डीएसडब्ल्यू के सामने आमरण अनशनरत एनएसयूआई के साथी इकाई उपाध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी की तबीयत खराब होने की वजह से हॉस्पिटलाइज किया गया।
आखिर क्या विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के जान की परवाह नहीं है...??
@Neerajkundan@guptar
आज कुलपति कार्यालय के बाहर @NsuiAu के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन।
आनलाइन पढ़ाई की अस्पष्टता व संसाधन से वंचित छात्रों के लिए विकल्प को लेकर आज कुलपति महोदय को सौंपा ज्ञापन।
नोट:-आनलाइन का विरोध नहीं, यह आनलाइन से वंचित छात्रों के विकल्प के लिए धरना था। @guptar@Neerajkundan
पूरे प्रदेश के परीक्षार्थियों की #upbed प्रवेश परीक्षा स्थगित करने मांग है,इस महामारी में जहां कोरोना के मामले 15लाख से पार हो चुके हैं,ऐसे समय में प्रवेश परीक्षा कराया जाना कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है।
आदरणीय @priyankagandhi का हम छात्रों की आवाज बनने के लिए आभार।
@PMO_NaMo
पूरे प्रदेश के परीक्षार्थियों की #upbed प्रवेश परीक्षा स्थगित करने मांग है,इस महामारी में जहां कोरोना के मामले 15लाख से पार हो चुके हैं,ऐसे समय में प्रवेश परीक्षा कराया जाना कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है।
आदरणीय @priyankagandhi का हम छात्रों की आवाज बनने के लिए आभार।
@KaunSandeep
पूरे प्रदेश के परीक्षार्थियों की #upbed प्रवेश परीक्षा स्थगित करने मांग है,इस महामारी में जहां कोरोना के मामले 15लाख से पार हो चुके हैं,ऐसे समय में प्रवेश परीक्षा कराया जाना कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है।
आदरणीय @priyankagandhi का हम छात्रों की आवाज बनने के लिए आभार।
@KaunSandeep
कोरोना संक्रमण की परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाने वाली 181 महिला हेल्पलाइन कर्मियों को पिछले1वर्ष से बकाया मानदेय न देना शर्म की बात है।
सरकार तत्काल सेवा प्रदाता एजेंसी से बात कर बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार
@myogiadityanath@myogioffice @IncAjayBaagi
कोरोना संक्रमण की परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाने वाली 181 महिला हेल्पलाइन कर्मियों को पिछले1वर्ष से बकाया मानदेय न देना शर्म की बात है।
सरकार तत्काल सेवा प्रदाता एजेंसी से बात कर बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार
@myogiadityanath@myogioffice @IncAjayBaagi
कोरोना संक्रमण की परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाने वाली 181 महिला हेल्पलाइन कर्मियों को पिछले1वर्ष से बकाया मानदेय न देना शर्म की बात है।
सरकार तत्काल सेवा प्रदाता एजेंसी से बात कर बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार
@myogiadityanath@myogioffice @IncAjayBaagi
कोरोना संक्रमण की परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाने वाली '181 महिला हेल्पलाइन' कर्मियों को पिछले 1 वर्ष से बकाया मानदेय न देना शर्म की बात है।
सरकार तत्काल सेवा प्रदाता एजेंसी से बात कर बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार।
ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.