प्रवक्ता @dir_education #TDC Ex @kvs_hq शिक्षक Studied @IIMC_INDIA @HinduCollege ||लेखक || कवि|| कलाकार|| RTs को दिल पर न ले। ट्वीट व्यक्तिगत है। सबका स्वागत है
सवाल यह कि देश के इस सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए क्या ‘राष्ट्रपति’ उचित शब्द है? क्या यह पुरुषवादी सोच का परिचायक नहीं है? ब्रिटेन से आयातित प्रेसिडेण्ट के लिए कोई और शब्द क्यों नहीं?
असल में हिन्दी की पढ़ाई-लिखाई का देश में जैसा वातावरण बना दिया गया है,
@DeependerSHooda भावुक कर देना वाला पल था। निशा दहिया आप जीती है। आपने सारी भारतवासियों का दिल जीत लिया है। आपकी इच्छाशक्ति को सलाम। कोई भी होता आपकी जगह तो वह इतनी चोट में वाकआउट कर जाता लेकिन आप योद्धा की तरह डटी रही। आपको नमन 🙏❤️
@AnilYadavmedia1 डिजिटल attendance होनी चाहिए, यह सुधार के लिए आवश्यक कदम है, लेकिन आपके प्राइवेट vs सरकारी विद्यालय की बातें, आपके बारे में बता रही है कि आपको धरातल के बारे में कोई ज्ञान नहीं है। अपने आपको आप पत्रकार लिखते है तो कम से कम तुलना के सिद्धांतो को ही पढ़ लेते।
Time endears but cannot fade the memories that friends have made!
We are pleased to invite #ProudAlumni of #DelhiGovtSchools to register themselves on our portal and be a part of School Events and reminisce your past!
Link to join…
https://t.co/kEQIPDKosc
.@LtGovDelhi Sir, this year the election duties of govt servants have been designated at very long distances and mostly across the city. Therefore, on popular feedback of govt employees deputed for election duty
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सवाल यह कि देश के इस सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए क्या ‘राष्ट्रपति’ उचित शब्द है? क्या यह पुरुषवादी सोच का परिचायक नहीं है? ब्रिटेन से आयातित प्रेसिडेण्ट के लिए कोई और शब्द क्यों नहीं?
असल में हिन्दी की पढ़ाई-लिखाई का देश में जैसा वातावरण बना दिया गया है,
पुराणों में शिवलिङ्ग के उद्भव की कथा पढ़ेंगे तो भी समझ में आ जाएगा कि शिवलिङ्ग का मतलब शिव जी का गुप्ताङ्ग नहीं है। दुर्भाग्य से आज की पीढ़ी के दिमाग़ में कुछ रूढ़ अर्थों को भरा जा रहा है।
सन्त समीर
सवाल यह कि देश के इस सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए क्या ‘राष्ट्रपति’ उचित शब्द है? क्या यह पुरुषवादी सोच का परिचायक नहीं है? ब्रिटेन से आयातित प्रेसिडेण्ट के लिए कोई और शब्द क्यों नहीं?
असल में हिन्दी की पढ़ाई-लिखाई का देश में जैसा वातावरण बना दिया गया है,
ख़ुद सोचिए कि ‘स्त्रीलिङ्ग’ में जो ‘लिङ्ग’ मौजूद है, क्या उसका मतलब पुरुष का गुप्ताङ्ग हो सकता है! दक्षिण भारत के कई इलाक़ों में नाम में ‘लिङ्ग’ शब्द लगा होता है; जैसे कि लिङ्गाराम। ‘लिङ्ग’ शब्द का मुख्य अर्थ पुरुष गुप्ताङ्ग नहीं, बल्कि चिह्न है।