पेपर्स लीक की घटना में धर्मेंद्र प्रधान की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, क्योंकि पेपर लीक उन्होंने नहीं कराया था। लेकिन शिक्षा मंत्री होने के नाते पूरे सिस्टम की जवाबदेही उनके ऊपर बनती थी, इसलिए उनसे उत्तरदायित्व की अपेक्षा की गई और अंततः उन्हें इसकी राजनीतिक जिम्मेदारी भी लेनी पड़ी।
ठीक उसी तरह, जब किसी आंदोलन या प्रदर्शन का नेतृत्व आप करते हैं और लोगों को उसके लिए संगठित करते हैं, तो उस प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, अराजकता या किसी भी अप्रिय घटना की नैतिक और सार्वजनिक जवाबदेही भी आपसे जुड़ती है। केवल भीड़ जुटाने का श्रेय लेना और फिर हिंसा होने पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना उचित नहीं है।
जिम्मेदारी केवल सफलता की नहीं होती, परिणामों की भी होती है।
यदि नेतृत्व आपका था, तो जवाबदेही से बचना संभव नहीं है।
2004 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - CBSE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - MBBS पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2007 - AIEEE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2008 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - Law पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - RRB पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
IIT के डायरेक्टर का संसद में मज़ाक उड़ाया गया
“गौमूत्र विशेषज्ञ है उन्हें क्या पता शिक्षा के बारे में”
इतनी घृणा कि पूरी पहचान को एक तंज में समेट दिया जाए ?
प्रियंका जी का भाषण लिखने वालों ने प्रो. कामकोटि के प्रोफ़ाइल का प भी पढ़ा?
प्रोफ़ेसर कामकोटि IIT मद्रास के डायरेक्टर हैं
कंप्यूटर साइंस में M.S. और Ph.D. की है
150 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर लिखे हैं
प्रो. कामकोटि ने उस टीम के हेड रहे जिसने SHAKTI..भारत का पहला स्वदेशी इंडस्ट्रियल-ग्रेड माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया। यानी ऐसी चिप, जिससे रक्षा, संचार और दूसरी अहम तकनीकों के लिए भारत की विदेशी प्रोसेसरों पर निर्भरता कम हो सके।
कांग्रेस का सिद्धांत सरकार देखकर बदल कैसे जाता है।
कांग्रेस ने अबतक पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा?
कांग्रेस ने हमेशा से देश के युवा के करियर की बलि दी है।
: बांसुरी स्वराज, सांसद, भाजपा
कॉकरोच पार्टी चाहती है कि जिनपर पहले से भी FIR है उन्हें भी पुलिस छोड़ दे.. क्यों भाई.. पहले तो कहा गया कि वो बीजेपी-RSS के गुंडे हैं..
अब जब सो कॉल्ड बीजेपी-RSS के गुंडों पर कार्रवाई हो रही है तो इन्हें उन्हें बचाना है.. सब को छुड़ाना है.. क्यों?
गजबे है..
Saurav ji, Please. Please. Try to understand. Supreme Court cannot order release of history-sheeters who were caught while committing violence.
Court is lenient towards everyone else.
Pl don't support history-sheeters and known criminals.
भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कहा, "ये(विपक्ष) लोग क्या चर्चा करेंगे। ये स्वयं पेपर लीक के बादशाह हैं..
निशिकांत दुबे जी की बात से मैं सौ प्रतिशत सहमत हूँ 🙏🙏🙏
चर्चा चाहिए थी— मिली
इस्तीफा चाहिए था— हुआ
अब कानून बन रहा है— फिर भी विरोध?
युवाओं के भविष्य पर राजनीति कब तक??
कांग्रेसियों देश की GenZ सब देख रही है
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
कोर्ट और एजुकेशन सिस्टम में जो भी समस्या या दिक्कत है, उसकी जड़ तक जाएंगे तो @KapilSibal के उंगलियों के निशान आपको मिलेंगे. बिना टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किए मेडिकल एंट्रेंस एक्जाम को सेंट्रलाइज करना हो या कोलिजियम सिस्टम, सबके पीछे ये रहे हैं.
तो आप कहेंगे अब उनकी कोई औकात तो है नहीं, अब ठीक क्यों नहीं हो रहा है.
ऐसा है कि एक बार दूध का दही बन गया तो बहुत समस्या होती है. टूथपेस्ट को दोबारा ट्यूब में डालकर देखिए. कितना मुश्किल होता है. 370 का ही देख लीजिए. कितने साल लगे.
सिबल ने ऐसा पर्मानेंट इंतजाम किया है कि दशकों लग जाएंगे साफ करने में. कोर्ट वाला कचरा तो पूरा इनका किया-धरा है. एक्जाम वाला तो ठीक हो जाएगा. कोलिजियम को अब न संसद ठीक कर पाएगी, न कोर्ट.
अब माफी मांग रहे हैं कि गलती हो गई थी. पर एक बार बात बिगड़ गई तो आसान थोड़ी है ठीक करना. पता नहीं देश से क्या दुश्मनी है इनकी. जबकि देश ने क्या नहीं दिया इनको.
मनीष सिसोदिया की भारी बेइज्जती..
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर स्थित CJP के मंच पर जाकर भाषण देना चाह रहे थे सिसोदिया।
इसी बीच भीड़ में से किसी ने पूछ लिया पंजाब में पेपर लीक हुआ है तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब लेगी AAP ?
इसका जवाब मनीष सिसोदिया नहीं दे पाए।