कभी नोटो के लिए मर गए, कभी वोटो के लिए मर गए।
कभी दो गज जमीन पाने के लिए आपस में लड़ गए।
होते आज आजाद, भगत सिंह तो कहते यार सुखदेव हम किन कमीनो के लिए मर गए।
@amethipolice@Uppolice श्रीमानजी उक्त जमीन का तहसीलदार न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं है फिर पुलिस विभाग द्वारा मुकदमे का बहाना क्यों बनाया जा रहा है?वादग्रस्त जमीन पर किसी को भी फसल बोने का हक नहीं होता फिर भू माफिया द्वारा इस जमीन पर अवैध कब्जा करके फसल क्यों बोई जा रही है?
@amethipolice @digfaizabad @Uppolice श्रीमानजी तहसीलदार के न्यायालय से कोई स्थगनादेश उक्त जमीन का नहीं है फिर मुकदमे का बहाना क्यों पुलिस विभाग द्वारा बनाया जा रहा है।
वादग्रस्त जमीन पर किसी को भी फसल उगाने का हक नहीं होता फिर भूमाफिया फसल क्यों अवैध कब्जा करके इस जमीन पर उगा रहा है।
@amethipolice@Uppolice महोदय उक्त जमीन का कोई स्थगन आदेश तहसीलदार न्यायालय से पारित नहीं किया गया है। और यदि वाद विचाराधीन है तो भूमाफिया क्यों अवैध कब्जा करके फसल बो रहा है?
भू माफिया मुकदमा दायर कर दे कि पूरी तहसील की खतौनी फर्जी है तो क्या पूरी तहसील भू-माफिया के कब्जे में चली जाएगी।
@Uppolice@amethipolice श्रीमान जी पिछले 6 महीनों में आपके द्वारा कई बार निर्देश दिया गया लेकिन जो SOसंग्रामपुर झूठी आख्या लगाकर भेज देते हैं उसी पर शिकायतें निस्तारित हो जाती है।SO संग्रामपुर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?हमें न्याय ना मिलने का सबसे बड़ा कारण SO संग्रामपुर की झूठी आख्या है।