गई और 10 मार्च 1897 को उनकी मृत्यु हो गई, इस मुश्किल के समय में उनको याद करते हुए उन सभी डॉक्टर, नर्स, मेडिकल कर्मचारियों को नमन करता हूँ जो हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात इस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.
जैसे आज के समय कोरोना वायरस की महामारी से पूरी दुनिया चपेट में है, वैसे ही 1897 में बूबोनिक प्लेग नामक महामारी पूरी दुनिया में फ़ैल गई थी, उस समय माता सावित्री बाई फुले खुद बीमार लोगों को अपनी पीठ पर लादकर इलाज के लिए डॉक्टरों के पास लेकर गई, इसी बीच वो खुद इस बीमारी से ग्रसित हो