एक समय यह धूर्त फ्रॉड गारंटी दे रहा था कि पंजाब में हमारी सरकार बनने दो मैं दो महीने में पंजाब में नशा खत्म करके दिखा दूंगा
और उस वक्त इसने एक फिल्म बनाई थी उड़ता पंजाब
अब पंजाब में ड्रग्स की समस्या पहले से भी सौ गुनी बढ़ चुकी है
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि एंटी ड्रग एक्टिविस्ट को सरेआम लाइव गोली मार दी जा रही है
पिछले 7 दिन में कई एंटी ड्रग्स एक्टिविस्ट मारे गए
आज यह धूर्त फ्रॉड दोगला कह रहा है की बीएसएफ हमारे कंट्रोल में नहीं मुंद्रा पोर्ट हमारे कंट्रोल में रही है और साबरमती जेल में कई गैंगेस्टर बंद है जो हमारे कंट्रोल में नहीं है तो हम पंजाब में नशा नहीं रोक सकते
यह सब बातें तुझे तब याद नहीं थी जब पंजाब के चुनाव चल रहे थे ??
फिर तूने गारंटी किस बात दी थी
CAA-NRC से लेकर दिल्ली दंगों तक, सब कुछ याद है। जामिया के 750 ID कार्ड, PFI के 60 करोड़ रुपये और उमर खालिद, शरजील इमाम, जिन्हें आज कुछ लोग फैंटसाइज कर रहे हैं।
हम भूले नहीं हैं कि 53 लोगों की जान कैसे गई थी। उमर खालिद तुम्हारा जो भी हो, हमारे लिए वो एक हरामी टेररिस्ट था, है और रहेगा।
गजब हैं ये भाई साहब ।
दूसरों को चमचा कह रहे हैं ! जब खुद संपादक थे तो राज्यसभा की सीट के लालच में अरविंद केजरीवाल के कड़छी बन गए थे। और जब वहां से भगा दिया गया तो आजकल कांग्रेस के बेलचा बने हुए हैं। पर ज्ञान दूसरों को दे रहे हैं।
लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं।
बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं।
चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जन-विश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है, जिसे षड्यंत्रों के अंधड़ हिला नहीं सकते।
हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं।
जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है। अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। उनकी इस सियासी साजिश को देश कभी सफल नहीं होने देगा।
ये बुर के वाली चोट्टी बचनी नहीं चाहिए 🖐️
प्रयागराज मे योगीजी के कार्यक्रम के लिए लगाए गए पौधों को कैसे चुपचाप चुरा के ले जा रही है...
Hello @prayagraj_pol Action Please
पहले ही काफी नुकसान हो चुका है... पिछले 15 दिनों से कारोबार पूरी तरह ठप पड़ा है... अगर दिल्ली में कारोबार रुकता है, तो इसका सीधा मतलब यह है कि पूरे देश में कारोबार ठप हो जाता है।
ऐसा लगता है कि जब भी हिंदू त्योहार आते हैं, तो किसी न किसी तरह का प्रोपेगैंडा शुरू कर दिया जाता है।
इससे सबसे ज्यादा नुकसान देश के व्यापारियों को होता है... हम सरकार से यह भी मांग कर रहे हैं कि जो लोग विरोध-प्रदर्शन का आह्वान करते हैं, उनके लिए कुछ दिशा-निर्देश तय किए जाएं।
: राहुल अदलखा, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष
उपद्रवी कॉकरोचों ने भीड़ ने अपनी दिहाड़ी सेट करने के लिए इन गरीबों को लगभग एक महीना भूखा रहने पर मजबूर कर दिया |
जिस इंटरनेशनल मीडिया ने कॉकरोचों के उपद्रव को क्रांति बताया वही मीडिया इन गरीब दुकानदारों की बेबसी नहीं दिखा पाई |
इंटरनेशनल मीडिया नहीं दिखा पाई तो क्या हुआ राष्ट्रवादी लोकल मीडिया ने अपना धर्म खूब निभाया | 🔥
राहुल गांधी और केजरीवाल ने हिंदुओं के त्योहारों पर क्या हाल बना दिया है।
जो दिल्ली का दिल इन दिनों गुलज़ार रहा करता था।आज इन लोगों ने दिल्ली को बंधक बना लिया है।
हिंदुओं से इतनी नफ़रत क्यो है।
Neha Bora, Rahul Gandhi's poster girl, said on 15th October in JNU : "She has learned activism from Umar Khalid."
Umar Khalid is a UAPA accused.
Umar Khalid said: "India illegally occupied Jammu and Kashmir."
Congress's poster girl, after taking inspiration from Bangladesh, now idolizes Umar Khalid!
Congress under Rahul Gandhi wants regime change!
Congress wants anarchy!
Congress is a threat to democracy!
Regime Change जैसे शब्दों के प्रयोग से स्पष्ट हो जाता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के लिए नहीं, SIR के लिए नहीं, ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है।
बल्कि देश में Anarchy पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी यह साजिश है।
जो देश तोड़ने की बात करे,
जो तख्तापलट की बात करे,
जो दंगे भड़काने की बात करे,
जो विकास नहीं, विनाश की बात करे,
जो देश की शांति, एकता और अखंडता को चुनौती दे…
ऐसे लोगों को अराजक और देशविरोधी नहीं कहेंगे, तो और क्या कहेंगे?
सुनिए, इनकी नफरत भरी भाषा…
और फिर बताइए, क्या ऐसे लोगों को कभी माफ किया जा सकता है? ⬇️
यमुना में ज़हर मिला दिया
ख़राब हवा हरियाणा से आती है
दिल्ली के हॉस्पिटल बिहार और यूपी के लोगों की वजह से ख़राब है
अब कह रहे हैं नशा अदानी पोर्ट से आता है
इस आदमी ने कभी आज तक ज़िम्मेदारी ली हो तो बताइये ????
अब पंजाब से भी जाने का समय आ गया है
CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हमारा कारोबार गिरकर 10% पर आ गया था।
हम अभी उससे उबरने की कोशिश ही कर रहे थे कि 'INDIA गठबंधन का विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया, और उसके बाद CJP का 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम आ गया।
अब तो हद हो गई है... हमें दुकान का किराया, स्टाफ की सैलरी और प्रॉपर्टी टैक्स जैसी चीजें चुकानी होती हैं... इन सब वजहों से हमें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है... ये विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसकी वजह से ग्राहक CP (कनॉट प्लेस) आने से कतराने लगे।
: अतुल भार्गव, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
मुसलमान खुलेआम लव जिहाद कर रहा है
मगर हमारे ही पवित्र त्योहार पर मुसलमानों के प्रवेश निषेध की बात पर हमारे लोग इतने डर क्यों जाते है ?
इनमे लव जिहाद के विरुद्ध आवाज़ उठाने की हिम्मत तो नहीं है लेकिन जो आवाज़ उठा रहा है उसका मौन समर्थन भी इनसे नहीं होता।
ऐसे डरपोक हिंदुओं की वजह से ही मुसलमानों को बल मिलता है।
प्रशांत भूषण ने ये स्वीकार कर लिया है कि उनके पास और पूरे विपक्ष के पास कोई और चारा नहीं है।
12 साल से पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बहुत आगे निकल चुका है...
• 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए
• जम्मू-कश्मीर आर्टिकल 370 से आज़ाद होकर प्रगति कर रहा है
• भारत 11वीं से 4वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया
• पूरा ग्लोबल साउथ एक सुर में भारत की ग्लोबल लीडरशिप को मान रहा है
• जनता विपक्ष को जो थोड़े-बहुत मौके देती थी, वो भी कम होते जा रहे हैं
तो बात तो सही है, और कोई ऑप्शन नहीं बचा है इनके पास। ये revolution/regime change के प्रयास करेंगे, जिसमें ये खुद बता रहे हैं कि खूब खून बहेगा!
किसका खून बहेगा? इनका? दूसरे नेताओं का? जुलाई के दिल्ली प्रोटेस्ट्स के दौरान सारे CJP के नेता भाग खड़े हुए थे। कोई बर्गर खा रहा था, कोई छिपकर कहीं फरार हो गया था... खून बहा था आपके और हमारे बच्चों का, युवाओं का, जो इनके बहकावे में आ गए थें।
मासूम बच्चों को बहकाकर ये लोग फिर से सड़क पर उतारने वाले हैं... बरगलाने की पूरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आपको, हम सबको, साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है। इनका प्रयास कभी एजुकेशन में सुधार करना, EVM चेक करना या वोट चोरी को साबित करना था ही नहीं।
इनका एक ही प्रयास है, दंगे करना। ये भारत को दंगे की आग में धकेलना चाहते हैं और खुद मान भी रहे हैं कि यही इनका प्रयास है।
कश्मीरी युवा, जिसे कांग्रेसी गुंडों ने बेरहमी से पीटा, वो बार-बार कहता रहा, मैं भारत को बांग्लादेश और नेपाल नहीं बनने दूंगा। आपको भी आगे आना पड़ेगा, देश को इन अराजकतावादियों और दंगाइयों से बचाना होगा। FCRA में बदलाव से पहले ये इनका आखिरी प्रयास है। इसके बाद इनकी फंडिंग रुक जाएगी। गैर-कानूनी कारनामे रुक जाएंगे।
ये देश-विरोधी, बाहरी ताकतों का इनके माध्यम से आखिरी दांव यही है। इस दांव में देश के साथ खड़े रहिए। पीएम मोदी के साथ खड़े रहिए।