आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी ने जातिगत उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर ली
आज @RahulGandhi जी ने चंडीगढ़ में उनके परिवार से मुलाकात कर, उनका दर्द बांटा
यह दुखद घटना समाज पर कलंक है और इस बात का सबूत भी कि BJP-RSS की दलित विरोधी सोच हावी है
मानवता, दया, करुणा एवं समानता का संदेश देने वाले श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके उपदेश, उनकी शिक्षाएं,पूरी मानवता के लिए अनमोल हैं।
विपक्ष में रहते है तब संविदाकर्मियों पर खूब आंसू बहाते है, सत्ता मिलने के बाद वही संविदाकर्मी इन्हें फूटी आंख नही भाते !
राजस्थान सरकार का पिछला बजट भी खाली औऱ इस बजट में भी संविदाकर्मियों का जिक्र तक नही ।
@BhajanlalBjp@Rajendra4BJP#नियमितीकरण
अल्पसंख्यक विभाग में संविदाकर्मियों के नियमितीकरण हेतु विभागीय लापरवाही 3-3रिमाइंडर आदेश होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों को कोई फर्क नही पड़ रहा,ना ही जनसुनवाई में दिए ज्ञापनों का,
ये वो विभाग है जो सीधा माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी आपके अधीन है @RajCMO@Hameedkhanbjp
सुनहरी बाग मस्जिद को बचाना है मुसलमानो के धर्मस्थलों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है ।
केंद्र सरकार का एजेंडा धर्म के नाम पर निशाना बनाना 🤬
#savesunharibaagmaszid@NDMC
ओ.पी.एस गारंटी :
राजस्थान में सबसे पहले ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने वाली कांग्रेस अब इसकी सुरक्षा हेतु कानून बनाने की गारंटी देती है। इससे
●ओ.पी.एस को वैधानिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
●कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा।
●कर्मचारियों की सेवा व परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित होगा।
#कांग्रेस_की7गारंटी
#कांग्रेस_फिर_से
अपने द्वारा उठाये गये कदम का पुनः चक्रण अवश्य कर लेना चाहिए जिस से भूत में की गई भूल को भविष्य में सुधारा जा सके।
सच है बिता हुआ जमाना आता नहीं दोबारा पर उसी समय में जीना जड़ता है। जड़ तत्व मानसिक व्याधि का द्योतक है।
चेतन मन से बुने गये भविष्य के सपने अधिक लाभकारी हो सकते हैं।