@umashankarsingh मैं गोरखपुर गया था 1995 में रेलवे की परीक्षा देने! बढ़िया स्कूल था जहां सेंटर था! साफ़ सुथरा शहर! पिछले 12 सालों से मंदिर, मस्जिद, हिन्दू मुस्लिम, मुगल, टीपू पर लटके रहे हैं! बुनियादी चीज़ को छोड़ दिया था! अब भुगतो!
अधूरी ख्वाहिशों का कारवां है ज़िंदगी;
मुकम्मल जहां तो कहानियों में ही मुमकिन है।
-अज्ञात-
Life is a caravan of unfulfilled desires. Perfect life is possible in the fictional stories only.
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@umashankarsingh@narendramodi एक गालीबाज शहज़ाद पूनावाला तो गया और एक बिहारी अजय आलोक है जो ऑन रिकॉर्ड गेंडी बोलता है! दूसरी बात मैंने पीएम की अपील माना था कि अब कोई Bandi नहीं सिलाऊंगा इस शर्त के साथ की वो भी कटौती कर दें!लेकिन वो तो किए नहीं अब तो सिलाऊंगा!