गोली मत चलाइए….गोली मत चलाइए…..
भरत तिवारी के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों में दहशत।
लोकतंत्र के लिए कितनी सुंदर तस्वीर है। धत्त तेरी ऐसे निर्दयी निर्मम सिस्टम की।
“यह मोदी का भारत है?
जहां ‘बेटी पढ़ाओ’ के नारों के बीच छात्राओं के लिए शौचालय तक नहीं।
अगर यह सच है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए — स्थानीय प्रशासन से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक।”
#महर्षिदयानंदसरस्वती_कीसच्चाई#Modi
“यह मोदी का भारत है?
जहां ‘बेटी पढ़ाओ’ के नारों के बीच छात्राओं के लिए शौचालय तक नहीं।
अगर यह सच है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए — स्थानीय प्रशासन से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक।”
#महर्षिदयानंदसरस्वती_कीसच्चाई#Modi
IIT रुड़की का टॉपर इंजीनियर अभिषेक मिश्रा ने अच्छी खासी 20 लाख वाली नौकरी छोड़ दी।
मथुरा में बाबा बन गया।
भक्ति के नाम पर लड़कियों को फंसाता था, उन्हें दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाता और गलत काम करता था और
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके पैसे ऐंठता था।
बाबा बनकर ज्यादा कमाई और मजे कर रहा था।
अब पुलिस ने उसे पकड़ लिया है लेकिन ऐसे पाखंडी बाबाओं से लोगों को सावधान रहना चाहिए।
'घर आकर कहते थे, मर जाओ'! पत्नी और ससुराल वालों से तंग इंजीनियर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
अलवर में एक इंजीनियर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रेलवे ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेन के सामने कूदकर जान देने की घटना के बाद परिजनों ने पत्नी और उसके मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
पूरी ख़बर- https://t.co/DS4mdnA6nz
#Alwar #EngineerSuicide #RajasthanNews #FamilyDispute #PoliceInvestigation
माननीय मेरे भाई रविश जी,
एक अत्यंत करीबी रिश्तेदार होने के नाते आपसे बस इतनी गुज़ारिश है कि इतना उदारवादी बनने से पहले अपने परिवार, अपने समाज और उस सामाजिक पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखिए, जहां रिश्ते सिर्फ “personal choice” नहीं होते, बल्कि बच्चों, परिवारों और पूरे सामाजिक ताने-बाने से जुड़े होते हैं।
जब आप सार्वजनिक मंच से यह कहते हैं कि “उसने किसी और को चुन लिया तो क्या हुआ, आगे बढ़ो”, तब आप सिर्फ एक व्यक्ति को सलाह नहीं दे रहे होते — आप समाज को एक संदेश दे रहे होते हैं।
और दुर्भाग्य से ये संदेश आज रिश्तों की जिम्मेदारी, विवाह की गरिमा और परिवार की संवेदनशीलता को कमजोर करने वाला लगता है।
अगर बिना तलाक कोई पत्नी किसी और के साथ रहने लगे, बच्चे को छोड़ दे, पति को मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ दे — और तब भी पुरुष से कहा जाए कि “move on”, तो यह संवेदनशीलता नहीं, बल्कि उसके दर्द का मज़ाक बन जाता है।
क्योंकि सच यही है कि अगर यही सब कोई पुरुष करे तो वही समाज, वही मीडिया और वही कानून उसे खलनायक घोषित करने में एक मिनट नहीं लगाएंगे।
तब घरेलू हिंसा, मेंटेनेंस, मुकदमे, चरित्रहनन और पूरे परिवार की सामाजिक प्रताड़ना शुरू हो जाएगी।
तब कोई यह नहीं कहेगा कि “उसने अपना विकल्प चुन लिया है।”
और यही दोहरा मापदंड लोगों को चुभता है।
फेमिनिज़्म अगर बराबरी की बात करता है तो बराबरी संवेदनाओं में भी दिखनी चाहिए।
पुरुष अगर गलत है तो उसे कठघरे में खड़ा कीजिए, लेकिन अगर महिला गलत है तो उसे सिर्फ “modern choice” बताकर महिमामंडित मत कीजिए।
आप जैसे वरिष्ठ पत्रकार से उम्मीद रहती है कि आप हर पीड़ित की आवाज बनेंगे — चाहे वह महिला हो या पुरुष।
लेकिन आज आपकी बातें सुनकर लगता है कि पुरुष का दर्द अब समाज में मज़ाक का विषय बना दिया गया है।
इससे ज़्यादा आज नहीं कहूँगा आपको कुछ।
क्योंकि बात निकलेगी ना… तो बहुत दूर तलक जाएगी।
भगवान आपको सद्बुद्धि दें, ताकि आप दर्द को जेंडर नहीं, इंसानियत के नजरिये से देख सकें।
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BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी अब मीडिया में इंटरव्यू देकर विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश कर रही हैं !
गुंजन कुमारी का कहना हैं कि अगर पति ने पढ़ाने लिखाने में कोई खर्च किया हैं तो उसका कोई रसीद या सबूत दिखाए , अगर सबूत नहीं हैं तो मेरे ऊपर झूठे आरोप न लगाए !
अरे मैडम पत्नी पर किए खर्चे का कौन हिसाब रखता हैं , आपकी शादी जब हुई थी तब तो आप 12 तक पढ़ी थी ,
ग्रेजुएशन और बीएड तो पति ने ही कराया , पति के ही कमाई से BPSC की तैयारी किया और आज कह रही हैं कि पति ने किया ही क्या हैं ?
मान लेते हैं कि ये सब गलत हैं लेकिन पति के रहते प्रेमी के साथ रहना कहा तक सही हैं ,
ये मैं नहीं कह रहा हूं , ये आपका बेटा ही कह रहा हैं कि आप किसी को घर पर बुला कर रखती थी !
#WATCH हाजीपुर(बिहार): अमन कुमार ने पत्नी के साथ विवाद के वायरल वीडियो के बारे में बताया, "2013 में शादी के समय मेरी पत्नी इंटर पास थी। मैंने उसकी आगे की पढ़ाई को जारी रखा। हाजीपुर और पटना में कोचिंग भी कराई। मुझे अपनी पैतृक जमीन भी बेचनी पड़ी...2024 में मेरी पत्नी की शिक्षक की नौकरी लगी। मेरी पत्नी का संबंध एक शिक्षक के साथ है जो उसका स्कूल का दोस्त है। अब उसका कहना है कि उसे मेरे साथ नहीं रहना। कोर्ट में हमारा केस एक साल से चल रहा है। हमारा एक 10 साल का बच्चा है।"
माननीय @ravish_journo जी
बिना तलाक लिए पत्नी किसी और के साथ रह रही है। बच्चे को भी छोड़ दिया है। अगर महिलाएं मीडिया में आकर उनके साथ हुए गलत पर हल्ला मचा सकती हैं तो आदमी क्यों नहीं?
अगर आदमी यही करे तो महिला उसके ऊपर घरेलू हिंसा, maintenance, दर्जन भर मुकदमे लगाती है, बच्चे के लिए पैसे भी मांगती है और पति के पूरे परिवार को कोर्ट कचहरी थाने के चक्कर कटवाती है।
तब आप क्यों नहीं कहते आगे बढ़ो किसी और को विकल्प चुन लिया तो क्या हो गया ? ये ज्ञान सिर्फ तब क्यों जब एक आदमी ठगा हुआ महसूस करे और अपनी आपबीती बताए ???
ये ज्ञान आप तब क्यों नहीं देते जब महिलाएं सालों साल चले रिश्ते के टूट जाने पर बलात्कार का मुकदमा कर देती हैं ? अपनी feminism में थोड़ी equality लाइये रवीश जी
ये सब पुजारी लोग का काम है, 200kg आमरस पीकर बीमार पड़ गए होंगे,पाखंड कर रहे है भगवान के नाम।
ओशो कहते हैं —
“श्रद्धा रखो, लेकिन आँखें बंद मत करो। जहाँ प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं, वहाँ सत्य नहीं, केवल परंपरा बचती है।„
#CBSE
@ndtvindia एक तरफ 'एक पेड़ मां के नाम' का नारा देकर जनता से वाहवाही लूटी जाती है, और दूसरी तरफ पन्ना और हसदेव जैसे घने जंगलों को उद्योगपतियों और गलत प्रोजेक्ट्स की बलि चढ़ा दिया जाता है। यह पर्यावरण प्रेम है या सिर्फ एक जुमला? @narendramodi जी, प्रकृति का यह विनाश बंद कीजिए! #Environment
@news24tvchannel देश आज रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और जल संकट से जूझ रहा है।
जंगलों में 1 लाख के करीब पेड़ों को काटना प्रकृति के साथ खिलवाड़ है।
@narendramodi जी,कृपया इस मामले में हस्तक्षेप करें।हमें पेड़ों को काटकर मिलने वाला 'विकास' नहीं,बल्कि सांस लेने के लिए शुद्ध हवा और जंगल चाहिए।#SavePannaForests
@narendramodi आज हम उत्तर भारत और विशेषकर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश के इलाकों में जो रिकॉर्ड तोड़ गर्मी (45°C से 48°C तक) देख रहे हैं, उसका सीधा संबंध इसी तरह के 'विकास' से है जहां बिना सोचे-समझे और गलत प्लानिंग के कारण लाखों पेड़ों की बलि दे दी जाती है।
#ModiKaKhadiYug
यह घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली और रूह कँपा देने वाली है।
विश्वास और पवित्रता के धागे से बंधने वाला शादी जैसा रिश्ता आखिर इतना हिंसक और डरावना कैसे हो गया?
क्रूरता की सारी हदें पार करने वाली इस घटना ने रिश्तों की बुनियाद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
#ZeroToleranceOnPaperLeak
क्या मुख्यधारा का मीडिया वैवाहिक विवादों में पुरुषों के पक्ष को अनदेखा कर रहा है? अमन शर्मा केस में बनी रहस्यमयी चुप्पी मीडिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाती है। न्याय में दोहरापन क्यों? दोनों पक्षों को समान कवरेज मिलना चाहिए। #MensRights#TVKVijayFails#GodMorningSaturday