‘पेट पर लात मत मारिए, पेट की लात बहुत ख़राब होती है’
‘मां बीमार होती है तो इलाज नहीं करवाती, उसे हमारे लिए पैसा भेजना होता है’
रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर नाराज़ बिहार के एक युवा का गुस्सा कुछ इस तरह फूट पड़ा.
वीडियोः दिलनवाज़ पाशा और विष्णु नारायण
स्टूडेंट्स के ग़ुस्से-नाराज़गी को हल्के में न लें। स्टूडेंट्-युवाओं का ऐसा तबका है जो सिस्टम-सियासत से बिना दबाव में आए सवाल कर सकता है।
और सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा से कितना बड़ा तबका जुड़ा है उसे इस मिसाल से जान लें क़ि हर साल 4 करोड़ स्टूडेंड सिर्फ़ SSC एग्जाम में बैठते हैं
‘पेट पर लात मत मारिए, पेट की लात बहुत ख़राब होती है’
‘मां बीमार होती है तो इलाज नहीं करवाती, उसे हमारे लिए पैसा भेजना होता है’
रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर नाराज़ बिहार के एक युवा का गुस्सा कुछ इस तरह फूट पड़ा.
Via : @BBCHindi
प्रयागराज से लेकर पटना तक छात्रों पर पुलिस का अटैक!पटना में भी कमरों में घुस कर छात्रों की भी हुई थी पिटाई.एक शख्स ने मुसल्हपुर हाट के प्रोफेसर कॉलनी में अपनी छत से यह विडियो बनाया था.उसका दावा है कि पुलिस ने लड़कों के कमरों में घुसकर जमकर पिटाई की.
छात्रों के खिलाफ हुए बर्बर लाठीचार्ज एवं फर्जी एफआईआर के खिलाफ कल आहूत बिहार बंद को मेरा पूर्ण समर्थन। देश की सरकारें जब जब तानाशाही रुख अख्तियार करती है बिहार के छात्र हर बार क्रांति से उनका माकूल जवाब देते हैं।