मणिपुर के 20+ गांवों से हज़ारों मीरा पैबी महिलाएं कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। वे अवैध प्रवासन और डेमोग्राफी बदलाव के चलते जनगणना से पहले NRC की मांग कर रही हैं।
इस बीच, "जस्टिस फॉर मणिपुर" गैंग चुप है क्योंकि NRC उनके एजेंडे में फिट नहीं बैठता।
क्या आप मीरा पाइबी की मांग का समर्थन करते हैं?
🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस तरह अपमानित और पीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
जहां एक उत्तर प्रदेश में कावड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस कांवड़ियों के पैरों में मलहम लगा रही है |
वही बिहार के बेगूसराय में यह पुलिस वाला कावड़ियों को ऐसे मार रहा जैसे जेल में लाइन ना लगाए जाने पर कैदियों को मारा पीटा जाता है | 😡
अगर यह पिटाई उपद्रव के दौरान होती तो हम पोस्ट नहीं करते पर वीडियो के साफ साफ दिख रहा है कि उपद्रव तो दूर कोई आवाज भी नहीं निकाल रहा | 😡
कावड़ियों चाहते तो एकजुट हो कर पुलिस वालों को जंतर मंतर के आन्दोलनकारियों की तरह डील कर सकते थे पर कांवड़ियों द्वारा सभ्यता का परिचय दिया गया |
हिंदुओं कांवड़िये तो इस पुलिस वाले ने बर्बरता से पीट लिए लेकिन अब हमारा उद्देश्य इस पुलिस वाले की हरकत का जवाब देने का है |
ट्विटर पर लिख सकते हो तो लिखे या इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई या हमारी पोस्ट को हिंदुओं तक पहुंचाओ पर इस पुलिस वाले को सबक जरूर सिखाओ |
भाई अजीत जी,
वैसे तो मैं आदतन व्यक्तिगत टीका-टिपप्णी पर किसी को भी जबाब देने से परहेज करता हूँ, स्वस्थ आलोचनाओं को स्वीकार करता हूँ जो किसी के लिये भी ख़ासकर सार्वजनिक जीवन वालों के आत्म अवलोकन के लिये ज़रूरी है।
लेकिन आप जैसे प्रतिष्ठित आदमी की तरफ से अगर जानकारी के अभाव में कुछ ग़लत एवं तथ्यहीन बातें पब्लिक में बिना सिर पैर के परोस दिया जाए, तो मेरे जैसे आदमी के लिये आपके माध्यम से ही पब्लिक डोमन में सच्चाई सामने लाना आवश्यक हो जाता है।
मैं मार्च 2003 तक झारखंड का मुख्यमंत्री था, जबकि पहली जेपीएससी पीटी परीक्षा अगस्त 2003 में हुई थी। वह परीक्षा रद्द होने के बाद जनवरी 2004 में दोबारा आयोजित की गई। इसलिए तथ्यों को बिना समझे, बिना परखे ऐसे आरोप लगाना न सिर्फ हास्यास्पद, भ्रामक है बल्कि इससे एक गलत संदेश भी जाता है।
और जिस पारिवारिक सदस्य का आप बार-बार ज़िक्र कर रहे हैं, उनका चयन उस समय हुआ था, जब वे विवाह से पहले मेरे परिवार का हिस्सा भी नहीं बने थे। उनके पिताजी बिहार के जमाने में एसपी के पद तक पहुंच कर रिटायर हुए। उनका भाई दो-दो बार जेपीएससी क्वालीफ़ाय कर पहले जेल विभाग के सेवा में प्रोबेशनर अफसर बने। फिर दूबारा प्रयास में सेलेक्शन हुआ तो डिप्टी कलेक्टर बने। लिहाज़ा अपने राजनीतिक आरोपों में कम-से-कम समय-क्रम और तथ्यों का ध्यान रखिए।
हम फिर भी ये कहते हैं कि अगर झारखंड के मुख्यमंत्री झारखंड गठन से लेकर अबतक की जो भी जहां भी कहीं राज्य में छोटी-बड़ी सरकारी नौकरी की बहाली हुई है उन सारे की विस्तार से जांच कराने का आदेश देते हैं तो हम पहला आदमी होंगे जो उनके इस कदम का न सिर्फ स्वागत करेंगे बल्कि उस जांच में हर संभव सहयोग करेंगे। अगर उस जॉंच में मेरे परिवार के किसी भी सदस्य की संलिप्तता पायी जायी तो सबसे पहली कार्रवाई सरकार उस से ही शुरू करे।
जहाँ तक सीबीआई जांच की बात है, सीबीआई की जांच में समय लगता है, लेकिन देर से ही सही, जांच का शिकंजा कैसे कसता है, यह आप बिहार वाले बॉस और ‘जंगलराज’ के जनक से पूछ लीजिएगा।
और हाँ, झारखंड वाले से भी कह दीजिए कि अगर उन्हें सचमुच लगता है कि सीबीआई जांच से कुछ नहीं होता, तो डरने की कोई जरूरत नहीं है- मामला सीधे सीबीआई को सौंप दें। फिर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
और इसके बाद भी सीबीआई से डर है तो हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग बना कर ही सरकार एक तय समय सीमा में जांच करा ले। क्योंकि ये जो रिटायर्ड जज से जांच कराने का जो सगूफा है, उसके बारे में हम न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए क्षमापूर्वक कहना चाहते हैं कि झारखंड में ऐसे रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में हुए किसी भी जांच का पिछला अनुभव संतोषजनक नहीं रहा है।
उम्मीद है कि आप अपनी ओर से भी आपके संदेश से उपजे सारे शंका का समाधान कर देंगे।
अनुच्छेद 370 का अंत व UPI का वैश्विक डंका
सीमाओं पर शांति व सुरक्षा।
यह नीतियां के साथ राष्ट्र के आत्मसम्मान का पुनरुत्थान है।
इतिहास दो हिस्सों में है: Before Modi (अनिश्चितता का युग) व After Modi (आत्मनिर्भरता का युग) @AmitShah@narendramodi#NarendraModi#NewIndia#NationFirst
अतिक्रमण करने वालों को मुफ्त में मकान मिलेगा तो अतिक्रमण कभी खत्म नहीं होगा
‘जहाँ झुग्गी-वहाँ मकान’ योजना के कारण झुग्गियों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है
अयोध्या जी की पावन धरा पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई जा रही है। ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। इस पावन-पुनीत अवसर पर देश-विदेश के सभी रामभक्तों की ओर से प्रभु श्री राम के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन और वंदन! समस्त देशवासियों को मेरी अनंत शुभकामनाएं।
Wishing everyone a wonderful 2026!
May the year ahead bring good health and prosperity, with success in your efforts and fulfilment in all that you do. Praying for peace and happiness in our society.
माननीय मुख्यमंत्री जी आपका कहना तो की कोई किसी की जगह को कब्जा करेगा तो कार्यवाही होगी लेकिन नोएडा पुलिस द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है कृपया संज्ञान ले।
आइए, ‘GST बचत उत्सव’ के साथ त्योहारों के इस मौसम को नई उमंग और नए जोश से भर दें! GST की नई दरों का मतलब है- हर घर के लिए अधिक से अधिक बचत, साथ ही व्यापार और कारोबार के लिए बड़ी राहत।
बेहद घटिया स्तर की राजनीति की प्रर्यायवाची बन चुकी आरजेडी पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेता के सामने प्रधानमंत्री जी के लिए असभ्य भाषा का उपयोग कर के अपने राजनैतिक संस्कारों का गंदा चेहरा #बिहार और देश की जनता को दिखा रहे हैं ।
आगामी चुनावों में बिहार की जनता आरजेडी धूल चटायेगी ।
जिन्हें #अशोक_स्तंभ से दिक्कत है वह भारत छोड़ कर चले जाए
अशोक चिन्ह को पत्थर से कुचलने वालो के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
#AshokStambh